यमुना प्राधिकरण, रफ़्तार टुडे। उत्तर प्रदेश सरकार ने यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के विकास को रफ्तार देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया है। उत्तर प्रदेश केडर के इस काबिल IAS अधिकारी की पहचान ईमानदार, दूरदर्शी और सख्त प्रशासक के रूप में की जाती है।
यमुना प्राधिकरण के CEO राकेश कुमार सिंह का कार्यकाल बढ़ाने का फैसला सिर्फ एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि विकास के रास्ते को और मजबूत करने का कदम है। यह कदम दर्शाता है कि सरकार जेवर एयरपोर्ट, फिल्म सिटी और अन्य मेगा प्रोजेक्ट्स को लेकर कितनी गंभीर है। अब सबकी निगाहें आने वाले एक साल पर होंगी, जो तय करेगा कि यमुना प्राधिकरण का भविष्य किस ऊंचाई पर पहुंचता है।
रिटायरमेंट के अगले ही दिन आया बड़ा आदेश
30 सितंबर 2025 को रिटायर हुए राकेश कुमार सिंह को लेकर यह अनुमान लगाया जा रहा था कि सरकार उन्हें प्राधिकरण से जोड़कर रखना चाहती है। अनुमान सही साबित हुआ। मंगलवार को रिटायरमेंट के तुरंत बाद ही राज्य सरकार ने आदेश जारी कर दिया कि अब वे 30 सितंबर 2026 तक YEIDA के CEO बने रहेंगे। आदेश जारी होने से पहले सरकार ने राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल से अनुमति भी प्राप्त की थी।
विकास परियोजनाओं को मिली नई ऊर्जा
यमुना प्राधिकरण का दायरा सिर्फ जमीन विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां देश की सबसे बड़ी और महत्वाकांक्षी परियोजनाएं चल रही हैं। इनमें सबसे प्रमुख है एशिया का सबसे बड़ा जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और उत्तर भारत की सबसे बड़ी फिल्म सिटी। इसके अलावा YEIDA क्षेत्र में दो दर्जन से अधिक परियोजनाएं प्रगति पर हैं, जिनमें औद्योगिक हब, रिहायशी सेक्टर और IT पार्क शामिल हैं। इन सभी को समय पर पूरा कराने के लिए राकेश कुमार सिंह का अनुभव बेहद अहम माना जा रहा है।
राकेश कुमार सिंह : ईमानदारी और कार्यकुशलता का पर्याय
IAS अधिकारी राकेश कुमार सिंह का अब तक का प्रशासनिक करियर बेदाग माना जाता है। वे कई अहम पदों पर कार्य कर चुके हैं और जहां भी रहे हैं, वहां विकास और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी है। यमुना प्राधिकरण में रहते हुए उन्होंने भूमि अधिग्रहण, किसानों को मुआवजा, निवेश आकर्षण और आधारभूत ढांचे की योजनाओं को तेज गति दी है। यही कारण है कि सरकार ने उन्हें कार्यकाल विस्तार देकर जिम्मेदारी पर भरोसा जताया है।
जेवर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट की धड़कन बने CEO
जेवर एयरपोर्ट, जिसे उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश की शान माना जा रहा है, उसका काम तय समय पर पूरा कराने में CEO की भूमिका बेहद अहम है। एयरपोर्ट का पहला चरण 2025 के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है। ऐसे में यह कदम सुनिश्चित करता है कि परियोजना में किसी तरह की प्रशासनिक रुकावट न आए और नेतृत्व का अनुभव बरकरार रहे।

फिल्म सिटी और इंडस्ट्रियल हब को मिलेगी गति
यमुना प्राधिकरण की महत्वाकांक्षी फिल्म सिटी परियोजना भी निवेशकों की नजर में है। बॉलीवुड और हॉलीवुड प्रोडक्शन हाउस यहां निवेश में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। साथ ही नोएडा-ग्रेटर नोएडा और जेवर के बीच औद्योगिक गलियारा तैयार हो रहा है, जहां इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल और ऑटोमोबाइल सेक्टर की बड़ी कंपनियों को लाने की कवायद है। राकेश कुमार सिंह के कार्यकाल विस्तार से इन योजनाओं में निवेशकों का भरोसा और मजबूत होगा।
किसानों और निवेशकों के लिए राहत की उम्मीद
राकेश कुमार सिंह की पहचान किसान हितैषी अधिकारी के रूप में भी है। YEIDA क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण और मुआवजे से जुड़े कई विवाद रहे हैं। उन्होंने संवाद और पारदर्शिता के जरिए कई समस्याओं को सुलझाने का प्रयास किया। अब जब उनका कार्यकाल आगे बढ़ा है, तो उम्मीद है कि किसानों के मुद्दे और निवेशकों की दिक्कतें भी और तेजी से निपटाई जाएंगी।
सरकार का भरोसा, जनता की उम्मीद
कार्यकाल विस्तार का मतलब है कि राज्य सरकार ने राकेश कुमार सिंह की कार्यशैली पर पूरा भरोसा जताया है। दूसरी ओर, निवेशकों और स्थानीय निवासियों की उम्मीदें भी उनसे और बढ़ गई हैं। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में अगले साल बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है, क्योंकि यहां की परियोजनाएं सीधे उत्तर प्रदेश की छवि और अर्थव्यवस्था से जुड़ी हैं।

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