ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश, रफ़्तार टूडे। उच्च शिक्षा के तेजी से बदलते स्वरूप और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते प्रभाव के बीच नोएडा इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (NIET), ग्रेटर नोएडा ने भारतीय शिक्षा के भविष्य से जुड़े राष्ट्रीय विमर्श में अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई। NIET की अतिरिक्त प्रबंध निदेशक डॉ. नीमा अग्रवाल ने भारतीय शिक्षा में AI की भूमिका पर आयोजित QS I-GAUGE राष्ट्रीय सम्मेलन में हिस्सा लिया।
यह सम्मेलन भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सहयोग से 20 अगस्त 2026 को गुजरात के गांधीनगर स्थित द लीला में आयोजित किया गया। सम्मेलन में देश के उच्च शिक्षा संस्थानों के वरिष्ठ नेतृत्व, शिक्षा विशेषज्ञों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रमुख हितधारकों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव, इसके जिम्मेदार उपयोग और भविष्य की शिक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक चर्चा हुई।
‘अगली पीढ़ी के स्नातक’ को तैयार करने पर चर्चा
डॉ. नीमा अग्रवाल ने सम्मेलन में “अगली पीढ़ी के स्नातक का निर्माण: एआई-आधारित भविष्य के लिए विश्वविद्यालय नेतृत्व” विषय पर आयोजित प्रेसिडेंशियल राउंडटेबल में सहभागिता की। इस परिचर्चा का प्रमुख केंद्र यह रहा कि AI आधारित तकनीकी परिवर्तन के दौर में विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों की भूमिका किस प्रकार विकसित होनी चाहिए। चर्चा में इस बात पर विचार किया गया कि विद्यार्थियों को भविष्य के कार्यक्षेत्र के लिए तैयार करने के लिए केवल पारंपरिक अकादमिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें नई तकनीकों, डिजिटल कौशल, रचनात्मक सोच, समस्या समाधान क्षमता और बदलती औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना भी आवश्यक है।
राउंडटेबल में विश्वविद्यालय नेतृत्व की भूमिका पर भी विशेष चर्चा हुई। इसमें शिक्षण पद्धतियों, कौशल विकास, संस्थागत प्रक्रियाओं और विद्यार्थियों के शैक्षणिक परिणामों को AI के दौर की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने पर विचार साझा किए गए।
जिम्मेदार और समावेशी AI पर जोर
सम्मेलन का व्यापक विषय “सुलभता, समानता और उत्कृष्टता के लिए जिम्मेदार AI को बढ़ावा देना” रहा। इस दौरान शिक्षा में AI के इस्तेमाल से मिलने वाले अवसरों के साथ-साथ उससे जुड़ी जिम्मेदारियों और चुनौतियों पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि AI का उपयोग शिक्षा को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने के लिए किया जाना चाहिए, लेकिन इसके साथ नैतिकता, समानता, पारदर्शिता और मानव-केंद्रित दृष्टिकोण को भी प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
शिक्षा में AI के इस्तेमाल से विद्यार्थियों के सीखने के अनुभव को व्यक्तिगत बनाने, शिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने और संस्थानों की कार्यप्रणाली को बेहतर करने की व्यापक संभावनाएं हैं। वहीं, डेटा गोपनीयता, तकनीक तक समान पहुंच, डिजिटल विभाजन और AI के जिम्मेदार इस्तेमाल जैसे मुद्दों पर भी संस्थानों को गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है।
बदलते रोजगार बाजार के लिए तैयार होंगे विद्यार्थी
AI के तेजी से विस्तार ने रोजगार और उद्योग की आवश्यकताओं को भी बदलना शुरू कर दिया है। ऐसे में उच्च शिक्षा संस्थानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती ऐसे स्नातक तैयार करने की है, जो तकनीकी बदलावों के साथ खुद को लगातार अपडेट कर सकें। सम्मेलन में इसी संदर्भ में भविष्य के स्नातकों के लिए AI साक्षरता, तकनीकी दक्षता, नवाचार, अनुकूलन क्षमता और रोजगारपरक कौशल को महत्वपूर्ण माना गया। शिक्षा संस्थानों से अपेक्षा की गई कि वे विद्यार्थियों को केवल वर्तमान नौकरियों के लिए नहीं, बल्कि भविष्य में उभरने वाली भूमिकाओं और व्यवसायों के लिए भी तैयार करें।

डॉ. नीमा अग्रवाल की प्रेसिडेंशियल राउंडटेबल में सहभागिता को NIET की इसी दिशा में जारी प्रतिबद्धता से जोड़कर देखा जा रहा है। उनकी भागीदारी ने संस्थान के उस दृष्टिकोण को रेखांकित किया, जिसमें तकनीकी प्रगति को मानव-केंद्रित शिक्षा और जिम्मेदार नवाचार के साथ जोड़ने पर जोर दिया जाता है।
राष्ट्रीय शिक्षा विमर्श में NIET की सक्रिय भूमिका
राष्ट्रीय स्तर के इस सम्मेलन में सहभागिता के माध्यम से NIET ने उच्च शिक्षा में AI के भविष्य को लेकर चल रहे महत्वपूर्ण विमर्श में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। संस्थान की ओर से तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों में नवाचार, कौशल और उद्योग की बदलती जरूरतों के अनुरूप क्षमता विकसित करने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। NIET का मानना है कि भविष्य की शिक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिसमें तकनीकी दक्षता के साथ मानवीय मूल्यों, नैतिक जिम्मेदारी और रोजगार क्षमता को भी समान महत्व मिले। AI जैसी परिवर्तनकारी तकनीक का इस्तेमाल शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच बढ़ाने के लिए किया जा सकता है, लेकिन इसके केंद्र में विद्यार्थी और उनकी समग्र प्रगति बनी रहनी चाहिए।
सम्मेलन में डॉ. नीमा अग्रवाल की सहभागिता ने जिम्मेदार AI, भविष्य के लिए तैयार शिक्षा, नवाचार और उद्योग-उन्मुख कौशल विकास जैसे विषयों पर NIET के फोकस को सामने रखा। संस्थान प्रमुख राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शिक्षा मंचों पर सहभागिता के माध्यम से उच्च शिक्षा में हो रहे बदलावों को समझने और उन्हें अपने शैक्षणिक परिवेश से जोड़ने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। AI के दौर में उच्च शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। ऐसे में QS I-GAUGE जैसे मंचों पर होने वाली चर्चाएं शिक्षण संस्थानों को तकनीकी बदलावों के साथ अपनी नीतियों, पाठ्यक्रमों और शिक्षण पद्धतियों को विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान कर सकती हैं। NIET की यह सहभागिता भी इसी व्यापक बदलाव में संस्थान की सक्रिय भूमिका को दर्शाती है।

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