ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा के तिलपता में प्रस्तावित मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क के निर्माण की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है। करीब 174 एकड़ जमीन पर प्रस्तावित इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए अब तीन कंपनियों के बीच ई-नीलामी होने जा रही है। यह ई-नीलामी 3 सितंबर को आयोजित की जाएगी। परियोजना के धरातल पर उतरने के बाद ग्रेटर नोएडा में औद्योगिक, व्यापारिक और लॉजिस्टिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इस परियोजना के लिए 28 मार्च से ग्लोबल टेंडर प्रक्रिया शुरू की थी। टेंडर प्रक्रिया में कुल पांच कंपनियों ने आवेदन किया। इसके बाद कंपनियों के दस्तावेजों और तकनीकी क्षमताओं का मूल्यांकन किया गया, जिसमें तीन कंपनियां तकनीकी रूप से सफल पाई गईं। अब इन्हीं तीन कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धी ई-नीलामी कराई जाएगी।
174 एकड़ में विकसित होगा मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क
तिलपता में प्रस्तावित यह मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क ग्रेटर नोएडा की लॉजिस्टिक क्षमता को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल है। इसका उद्देश्य माल के परिवहन, भंडारण और वितरण से जुड़ी सुविधाओं को एक ही स्थान पर विकसित करना है। पार्क में रेल और सड़क कनेक्टिविटी के साथ वेयरहाउसिंग जैसी सुविधाएं विकसित किए जाने की योजना है। इससे विभिन्न औद्योगिक इकाइयों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों तक माल पहुंचाने की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने में मदद मिल सकती है।
माल ढुलाई की लागत घटाने में मिलेगी मदद
मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यहां परिवहन के अलग-अलग माध्यमों को एक-दूसरे से जोड़ा जाएगा। इससे माल को सड़क और रेल मार्ग के जरिए अधिक प्रभावी तरीके से गंतव्य तक पहुंचाया जा सकेगा। अधिकारियों के मुताबिक, इस तरह की एकीकृत लॉजिस्टिक व्यवस्था से माल ढुलाई की लागत और समय को कम करने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही उद्योगों को बेहतर लॉजिस्टिक सपोर्ट मिलने से क्षेत्र में नए निवेश और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद
परियोजना के विकसित होने से केवल माल परिवहन की व्यवस्था ही मजबूत नहीं होगी, बल्कि इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होने की संभावना है। वेयरहाउसिंग, ट्रांसपोर्टेशन, पैकेजिंग, सप्लाई चेन और अन्य लॉजिस्टिक सेवाओं से जुड़े कारोबार को भी इससे लाभ मिल सकता है। ग्रेटर नोएडा में लगातार औद्योगिक और वाणिज्यिक गतिविधियों के विस्तार को देखते हुए लॉजिस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना प्राधिकरण की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में माना जा रहा है।
बोड़ाकी के लॉजिस्टिक हब के साथ बढ़ेगी कनेक्टिविटी
तिलपता के साथ बोड़ाकी में प्रस्तावित मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब भी ग्रेटर नोएडा के लिए महत्वपूर्ण परियोजना है। बोड़ाकी परियोजना के लिए भी कंपनियों का चयन हो चुका है। ऐसे में तिलपता और बोड़ाकी के दोनों बड़े लॉजिस्टिक प्रोजेक्ट आगे बढ़ने से क्षेत्र में एक मजबूत लॉजिस्टिक नेटवर्क तैयार होने की उम्मीद है। दोनों परियोजनाओं के विकसित होने से ग्रेटर नोएडा को औद्योगिक उत्पादन, माल भंडारण, परिवहन और सप्लाई चेन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिल सकती है।
3 सितंबर की ई-नीलामी पर टिकी नजर
अब सभी की नजर 3 सितंबर को होने वाली ई-नीलामी पर है। तकनीकी प्रक्रिया में सफल तीन कंपनियां इस चरण में प्रतिस्पर्धा करेंगी। ई-नीलामी के बाद परियोजना के विकास की अगली प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। प्राधिकरण की योजना के मुताबिक, तिलपता में 174 एकड़ में प्रस्तावित यह मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक भविष्य के लिए अहम साबित हो सकता है। तिलपता और बोड़ाकी के दोनों लॉजिस्टिक प्रोजेक्टों के साथ ग्रेटर नोएडा में लॉजिस्टिक्स, उद्योग और व्यापार का एक बड़ा इकोसिस्टम विकसित होने की उम्मीद है।

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