ग्रेटर नोएडा वेस्ट, रफ़्तार टुडे।
एक ओर जहां ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सोसाइटियों में पानी की किल्लत गहराती जा रही है, वहीं दूसरी ओर पानी के दुरुपयोग को लेकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अब कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। सेक्टर 16बी स्थित अजनारा होम्स सोसाइटी पर 5 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया है। यह कार्रवाई जल संकट की स्थिति में प्राधिकरण के सप्लाई वाटर के उद्यान कार्य, फ्लशिंग और हाउसकीपिंग जैसे गैर-आवश्यक कार्यों में दुरुपयोग को लेकर की गई है।


सोसाइटी में जल संकट, लेकिन इस्तेमाल बेपरवाह

प्राधिकरण के जल विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक राजेश कुमार के अनुसार, सोशल मीडिया पर अजनारा होम्स सोसाइटी से संबंधित लगातार शिकायतें आ रही थीं कि वहां निवासी पीने के पानी की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं। इस सूचना के आधार पर जल विभाग की एक टीम ने मौके पर जाकर जांच की।

जांच में पाया गया कि:

  • सोसाइटी का मोटर पंप खराब था, जिससे जल आपूर्ति बाधित हो रही थी।
  • ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा भेजे गए सप्लाई वाटर का उपयोग गार्डनिंग, फ्लशिंग और हाउसकीपिंग के लिए किया जा रहा था।
  • जबकि एनजीटी (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) के निर्देश स्पष्ट हैं कि इन कार्यों के लिए एसटीपी (शोधित जल) का ही उपयोग किया जाना चाहिए।

सोशल मीडिया से बिगड़ी प्राधिकरण की छवि

सोशल मीडिया पर फैली शिकायतों के कारण प्राधिकरण की छवि धूमिल हो रही थी, जिससे अधिकारियों की चिंता और अधिक बढ़ गई। सोशल मीडिया पोस्ट्स में यह बताया गया कि सोसाइटी के निवासी बोतलबंद पानी खरीदने और टैंकर मंगवाने को मजबूर हैं।

जल विभाग का कहना है कि जब प्राधिकरण द्वारा वाटर सप्लाई दी जा रही है, उसका गैर जिम्मेदाराना उपयोग न केवल पानी की बर्बादी है, बल्कि नियमों का सीधा उल्लंघन भी है।


अजनारा होम्स पर 5 लाख की सख्त पेनल्टी

इन सभी तथ्यों के मद्देनजर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अजनारा होम्स के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ₹5,00,000 का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना:

  • जल संसाधनों के अनुचित और अनधिकृत उपयोग के लिए,
  • मोटर पंप की समय पर मरम्मत न कराने के लिए,
  • और एनजीटी दिशानिर्देशों के उल्लंघन के लिए लगाया गया है।

? प्राधिकरण की सख्त चेतावनी और अपील

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ श्री सुनील कुमार सिंह ने स्पष्ट तौर पर सोसाइटी प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा है कि:

“सोसाइटी प्रबंधन अपने जल नेटवर्क को अविलंब सुधारें। एसटीपी जल के उपयोग को बढ़ावा दें और सप्लाई वाटर का केवल घरेलू उपयोग में ही करें, ताकि निवासियों को पीने के पानी की समस्या न हो।”

उन्होंने आगे कहा कि यदि अन्य सोसाइटीज़ भी इसी प्रकार के उल्लंघन में लिप्त पाई गईं, तो उनके खिलाफ भी इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई की जाएगी।


? बिल्डरों और AOA को चेतावनी – पालन करें जल संरक्षण नियम

यह कार्रवाई सभी बिल्डरों और एपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन्स (AOA) के लिए एक कड़ा संदेश है कि अब पानी की बर्बादी या नियामकों की अवहेलना को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अब हर सोसाइटी में जल संरक्षण को लेकर निगरानी बढ़ा रहा है।


?️ सोसाइटी में दिखी अव्यवस्था, निवासियों में नाराज़गी

निवासियों का कहना है कि उन्हें पिछले कई दिनों से कम दबाव में पानी मिल रहा है या कई बार पूरी तरह बंद आपूर्ति होती है। “जब हम पीने और नहाने तक का पानी नहीं पा रहे हैं, तब गार्डन और हाउसकीपिंग में पानी की बर्बादी बेहद दुखद है,” एक निवासी ने कहा।


? अब क्या है आगे की राह?

प्राधिकरण ने संबंधित सोसाइटी से जवाब तलब किया है और यह अपेक्षा जताई है कि:

  • सोसाइटी जल नेटवर्क को प्राथमिकता के आधार पर ठीक करे।
  • STP पानी के लिए अलग लाइन और पंपिंग की व्यवस्था हो।
  • भविष्य में इस प्रकार के दुरुपयोग से बचा जाए।

? समाज को देना होगा साथ

यह घटना इस ओर इशारा करती है कि पानी केवल सरकारी संसाधन नहीं, सामाजिक जिम्मेदारी भी है। ग्रेटर नोएडा जैसी तेजी से विकसित हो रही नगरी में जल प्रबंधन की चूक भविष्य में गहरे संकट का कारण बन सकती है।


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