संभल, रफ़्तार टूडे। संभल जिले में करीब 710 दिनों तक पुलिस कप्तान की जिम्मेदारी संभालने वाले आईपीएस अधिकारी कृष्ण कुमार (केके) बिश्नोई शनिवार को अपने विदाई समारोह के दौरान भावुक हो गए। पुलिस लाइन बहजोई के कॉन्फ्रेंस रूम में आयोजित विदाई समारोह में उस समय माहौल पूरी तरह भावनात्मक हो गया, जब अपने संबोधन के दौरान केके बिश्नोई ने साथी पुलिसकर्मियों और अधिकारियों से अलग होने की बात कही। वह अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।
एसपी के भावुक होते ही समारोह में कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया। उनके बगल में बैठे जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने उन्हें संभालने का प्रयास किया। डीएम ने एसपी को ढांढस बंधाया, लेकिन इस भावुक क्षण में वह खुद भी अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके। करीब दो मिनट तक सभागार में मौजूद अधिकारी, पुलिसकर्मी और अन्य लोग शांत रहे। इसके बाद केके बिश्नोई ने अपने आंसू पोंछे, पानी पिया और खुद को संभालते हुए दोबारा संबोधन शुरू किया। जैसे ही उन्होंने अपनी बात आगे बढ़ाई, सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
“साथी पार्टनर्स को छोड़कर जाना पड़ेगा, काफी मुश्किल है...”
विदाई समारोह के दौरान केके बिश्नोई ने अपने कार्यकाल और संभल पुलिस के साथ बिताए समय को याद किया। वह पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के योगदान का जिक्र कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने कहा कि साथियों को छोड़कर जाना उनके लिए आसान नहीं है। अपनी बात कहते-कहते उनकी आवाज भर्रा गई और वह रो पड़े। उनकी भावुकता देखकर कार्यक्रम में मौजूद पुलिस अधिकारी और कर्मचारी भी भावुक हो गए। समारोह में मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया। यह दृश्य इस बात का संकेत था कि पुलिस कप्तान और उनके अधीन काम करने वाले कर्मचारियों के बीच सिर्फ प्रशासनिक संबंध ही नहीं, बल्कि एक मजबूत भावनात्मक जुड़ाव भी रहा।
710 दिनों का रहा संभल में कार्यकाल
आईपीएस कृष्ण कुमार बिश्नोई ने संभल के पुलिस अधीक्षक के रूप में करीब 710 दिनों तक जिम्मेदारी संभाली। वह 10 सितंबर 2024 को गोरखपुर एसपी सिटी के पद से स्थानांतरित होकर संभल पहुंचे थे। उनके कार्यकाल में संभल पुलिस के सामने कई महत्वपूर्ण चुनौतियां आईं। सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में नवंबर 2024 में हुई संभल हिंसा भी शामिल रही। इस घटना के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखना, जांच आगे बढ़ाना और विभिन्न मामलों में कार्रवाई करना पुलिस-प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती थी। केके बिश्नोई ने अपने विदाई संबोधन में इस पूरे दौर को याद किया और संभल पुलिस के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की।
अब शासन की ओर से उनका स्थानांतरण संभल से बिजनौर जिले में किया गया है। संभल से विदाई के बाद वह नई जिम्मेदारी संभालने के लिए बिजनौर रवाना होंगे।
संभल हिंसा का भी किया जिक्र
विदाई समारोह में केके बिश्नोई ने 24 नवंबर 2024 को हुई संभल हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि उस चुनौतीपूर्ण समय में पुलिस और प्रशासन ने मिलकर परिस्थितियों का सामना किया। उन्होंने कहा कि घटना के बाद पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने लगातार काम किया और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के साथ-साथ जांच से जुड़े कार्यों को भी आगे बढ़ाया। उन्होंने विशेष रूप से सीओ संभल कुलदीप कुमार की भूमिका की सराहना की। केके बिश्नोई ने कहा कि मुकदमों की लिखा-पढ़ी, एसआईटी की जांच और साक्ष्य जुटाने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में कुलदीप कुमार ने अहम भूमिका निभाई।
एसपी ने कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में पुलिस और प्रशासन ने एक-दूसरे के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़ी घटना के बाद सिर्फ पुलिस की कार्रवाई पर्याप्त नहीं होती, बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों, जांच टीमों और अन्य विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी होता है।
“संभल पुलिस ने हर केस बेहतरीन तरीके से निपटाया”
केके बिश्नोई ने अपने संबोधन में संभल पुलिस के कामकाज का उल्लेख करते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों ने कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य का निर्वहन किया। उन्होंने कहा कि कई मामलों में पुलिसकर्मियों को चोटें भी आईं, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से पीछे हटने के बजाय काम जारी रखा। उन्होंने संभल हिंसा से जुड़े मामलों की कानूनी प्रक्रिया का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, हिंसा से संबंधित 284 याचिकाएं हाईकोर्ट में निस्तारित की जा चुकी हैं, जिनमें जमानत से जुड़े मामले भी शामिल हैं। कुछ याचिकाओं का निस्तारण सुप्रीम कोर्ट स्तर पर भी हुआ है।
केके बिश्नोई ने कहा कि संभल पुलिस ने जिन मामलों में कार्रवाई की, उन्हें कानून के दायरे में रहकर आगे बढ़ाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस के खिलाफ किसी तरह का प्रतिकूल आदेश नहीं आया, जिसे उन्होंने संभल पुलिस की जांच और कार्रवाई की गुणवत्ता से जोड़कर देखा।
10 साल से जमीन के लिए भटक रहा था किसान
विदाई समारोह के दौरान केके बिश्नोई ने अपने कार्यकाल की एक ऐसी घटना भी साझा की, जिसे उन्होंने अपने लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने बताया कि एक किसान अपनी जमीन के अधिकार के लिए करीब 10 वर्षों से परेशान था। किसान की जमीन की कीमत 50 लाख रुपये से अधिक बताई गई। केके बिश्नोई ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद चकबंदी विभाग के अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए महज दो दिन में किसान को उसकी जमीन का हक वापस दिलाने की कार्रवाई की।
उन्होंने इस घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी केवल अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान में भी सहयोग करना है।
पुलिस अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दी भावभीनी विदाई
विदाई समारोह में संभल पुलिस के अधिकारियों, कर्मचारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने केके बिश्नोई को सम्मानित किया। कई लोगों ने उन्हें फूलों की माला पहनाकर और स्मृति चिह्न भेंट कर विदाई दी। कार्यक्रम के दौरान उनके कार्यकाल की उपलब्धियों और पुलिस विभाग में उनके योगदान को याद किया गया। अधिकारियों ने कहा कि उनके नेतृत्व में संभल पुलिस ने कई कठिन परिस्थितियों का सामना किया और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार काम किया।
समारोह करीब तीन घंटे तक चला। इस दौरान अलग-अलग अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने अनुभव साझा किए। कई वक्ताओं ने केके बिश्नोई के कार्यकाल को याद करते हुए उनके व्यवहार और नेतृत्व शैली की प्रशंसा की।
डीएम और एसपी की भावुक तस्वीर बनी चर्चा का विषय
विदाई समारोह का सबसे भावुक क्षण उस समय सामने आया, जब केके बिश्नोई अपने साथियों को छोड़कर जाने की बात करते हुए रो पड़े। डीएम अंकित खंडेलवाल का उन्हें संभालना और इसके बाद खुद भावुक हो जाना वहां मौजूद लोगों के लिए भी भावुक कर देने वाला दृश्य रहा। कुछ देर बाद जब एसपी ने पानी पीकर खुद को संभाला तो सभागार में मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर उनका हौसला बढ़ाया। यह तालियां महज एक औपचारिक विदाई नहीं थीं, बल्कि उनके करीब दो साल के कार्यकाल के प्रति सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक बन गईं।
संभल से बिजनौर जाएंगे केके बिश्नोई
शासन के तबादला आदेश के बाद अब कृष्ण कुमार बिश्नोई संभल से बिजनौर जिले की जिम्मेदारी संभालेंगे। करीब 710 दिनों तक संभल के एसपी रहने के बाद उनके स्थानांतरण से पुलिस विभाग में भी चर्चा रही। संभल में उनके कार्यकाल के दौरान कानून-व्यवस्था से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घटनाएं हुईं। इनमें नवंबर 2024 की हिंसा सबसे चुनौतीपूर्ण घटनाओं में रही। इसके अलावा आम लोगों की शिकायतों के समाधान और पुलिसिंग को प्रभावी बनाने की दिशा में भी कई प्रयास किए गए।
विदाई समारोह में केके बिश्नोई की आंखों से छलके आंसुओं ने यह साफ कर दिया कि करीब दो साल का कार्यकाल उनके लिए महज एक प्रशासनिक पोस्टिंग नहीं था। पुलिसकर्मियों के साथ काम करते हुए बने रिश्ते और संभल से जुड़ी यादें उनके लिए भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण थीं। कार्यक्रम के अंत में जब उन्होंने सभी का आभार जताया तो एक बार फिर माहौल भावुक हो गया। साथी पुलिसकर्मियों और अधिकारियों ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। संभल से विदाई लेते हुए केके बिश्नोई के लिए यह समारोह लंबे समय तक यादगार रहने वाला बन गया।

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