AI, डिजिटल तकनीक और आधुनिक HR प्रथाओं पर विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव, विद्यार्थियों को उद्योग की बदलती जरूरतों से कराया परिचित

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। लॉयड कैंपस, ग्रेटर नोएडा में मानव संसाधन प्रौद्योगिकी (HR Technology) पर विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में देश की विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थाओं से जुड़े 40 से अधिक HR प्रोफेशनल्स एवं रिक्रूटर्स ने सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य मानव संसाधन के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल तकनीक और उभरती HR प्रथाओं की भूमिका पर चर्चा करने के साथ विद्यार्थियों को उद्योग की बदलती जरूरतों और भविष्य के कार्यस्थल के लिए आवश्यक कौशल से परिचित कराना रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. वंदना अरोड़ा सेठी के मुख्य संबोधन से हुई। उन्होंने HR क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों और AI आधारित तकनीकों के बढ़ते प्रभाव पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भर्ती प्रक्रिया, टैलेंट एनालिटिक्स और कर्मचारी अनुभव जैसे क्षेत्रों में तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है। उन्होंने HR प्रोफेशनल्स से तकनीकी बदलावों के अनुरूप अपने कौशल को लगातार अपडेट करने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि तकनीक के बढ़ते उपयोग के बीच HR क्षेत्र में मानवीय संवेदनाओं और व्यक्तिगत जुड़ाव को बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है।

इस अवसर पर डॉ. रिपुदमन गौर, डीन, लॉयड बिजनेस स्कूल ने HR विशेषज्ञों के साथ संवाद किया। उन्होंने वर्तमान समय में मानव संसाधन के सामने मौजूद चुनौतियों, उद्योग की बदलती अपेक्षाओं और विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार करने में उद्योग–शैक्षणिक सहयोग की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते कारोबारी वातावरण में विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय उन्हें उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं और कार्यप्रणाली से जोड़ना आवश्यक है।

कार्यशाला के सफल संचालन में कार्यक्रम प्रमुख डॉ. नीतू कामरा बाली की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके समन्वय और मार्गदर्शन में कार्यक्रम को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप संरचित किया गया। विद्यार्थियों को HR विशेषज्ञों के साथ सीधे संवाद करने और विभिन्न विषयों पर व्यावहारिक जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला।

कार्यशाला में डॉ. सौमेंद्र मोहंती, प्रो. मोहित अग्रवाल और डॉ. रागिब ने प्रशिक्षक एवं विशेषज्ञ के रूप में सहभागिता की। विशेषज्ञों ने HR में AI और डिजिटल तकनीक के व्यावहारिक उपयोग, आधुनिक भर्ती प्रक्रियाओं, टैलेंट मैनेजमेंट और भविष्य के कार्यस्थल में आवश्यक कौशल से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से संवाद करते हुए HR क्षेत्र में तकनीकी बदलावों से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझा।

लॉयड की ओर से बताया गया कि संस्थान द्वारा उद्योग–शैक्षणिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए देश-विदेश में विभिन्न विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। भारत के साथ-साथ मलेशिया, भूटान और नेपाल के कई विश्वविद्यालयों में भी विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए जा चुके हैं। इन पहलों का उद्देश्य विद्यार्थियों को वैश्विक उद्योग जगत में हो रहे बदलावों, नई तकनीकों और भविष्य में आवश्यक कौशल से जोड़ना है।

कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न संगठनों से आए HR विशेषज्ञों और रिक्रूटर्स के साथ सीधे संवाद का अवसर मिला। इस संवाद के माध्यम से छात्रों ने उद्योग की अपेक्षाओं, उभरते HR ट्रेंड्स और तकनीक आधारित कार्यस्थल में आवश्यक क्षमताओं को समझा। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को बदलते HR परिदृश्य के अनुरूप लगातार सीखने और तकनीकी दक्षता विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर डॉ. फेहमीना खलीक, एसोसिएट डीन ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों और HR विशेषज्ञों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों को कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को उद्योग की वास्तविक परिस्थितियों से जोड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। साथ ही ऐसे संवाद विद्यार्थियों को अपने करियर की दिशा और भविष्य के कौशल को लेकर बेहतर समझ विकसित करने में मदद करते हैं।

लॉयड कैंपस में आयोजित यह कार्यशाला उद्योग-केंद्रित शिक्षा, अनुभवात्मक अधिगम और वैश्विक शैक्षणिक सहभागिता की दिशा में संस्थान की पहल को दर्शाती है। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को HR क्षेत्र में AI और डिजिटल तकनीक के बढ़ते प्रभाव को समझने के साथ उद्योग विशेषज्ञों से सीधे सीखने का अवसर भी मिला।