ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। एचआईएमटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में नए विद्यार्थियों के लिए ‘आरंभ 2026’ ओरिएंटेशन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों को संस्थान की शैक्षणिक संस्कृति, अनुशासन, मूल्यों और उपलब्ध अवसरों से परिचित कराने के साथ उनके नए शैक्षणिक जीवन की सकारात्मक शुरुआत कराना रहा। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ कौशल विकास, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और सकारात्मक सोच को अपने व्यक्तित्व का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में संस्थान के वरिष्ठ पदाधिकारियों, शिक्षाविदों, उद्योग एवं अनुसंधान क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों तथा विशिष्ट अतिथियों ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी दौर में केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं, कौशल और मूल्यों को लगातार विकसित करना होगा।

शिक्षा के साथ मूल्यों और कौशल का संतुलन जरूरी

एचआईएमटी ग्रुप के सेक्रेटरी अनिल कुमार बंसल ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें नई शैक्षणिक यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि संस्थान के साथ विद्यार्थियों का जुड़ाव उन्हें सीखने, अनुभव प्राप्त करने और आगे बढ़ने के अनेक अवसर उपलब्ध कराएगा।

ज्वाइंट सेक्रेटरी अनमोल बंसल ने शिक्षा, कौशल और मूल्यों के बीच संतुलन को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यक्ति को ज्ञान प्रदान करती है, कौशल उसे पेशेवर रूप से सक्षम बनाते हैं, जबकि मूल्य यह समझ विकसित करते हैं कि प्राप्त ज्ञान और क्षमता का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग किस प्रकार किया जाए।

विभिन्न विषयों के विद्यार्थियों को मिलेगा साथ सीखने का अवसर

एचआईएमटी ग्रुप के ग्रुप डायरेक्टर प्रो. (डॉ.) सुधीर कुमार ने विद्यार्थियों को संस्थान की बहुविषयक शैक्षणिक व्यवस्था से परिचित कराया। उन्होंने बताया कि एचआईएमटी में मैनेजमेंट, टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, फार्मेसी, एजुकेशन और लॉ जैसे विभिन्न क्षेत्रों के विद्यार्थी अध्ययन करते हैं।

उन्होंने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों के विद्यार्थियों का एक साथ अध्ययन करना उन्हें संवाद, सहयोग और एक-दूसरे से सीखने के अवसर देता है। इससे विद्यार्थियों में व्यापक दृष्टिकोण विकसित होने के साथ टीमवर्क और सहयोग की भावना भी मजबूत होती है।

एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. विक्रांत चौधरी ने विद्यार्थियों को अपने निर्धारित लक्ष्यों की ओर लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि धैर्य, निरंतरता और सकारात्मक सोच के साथ विद्यार्थी कठिन से कठिन लक्ष्य को भी हासिल कर सकते हैं।

मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों से अपनी क्षमता पहचानने का किया आह्वान

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) मुरलीमनोहर पाठक, कुलपति, श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली ने विद्यार्थियों से अपनी अंतर्निहित क्षमता को पहचानने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि सफलता की शुरुआत स्वयं को पहचानने और अपनी क्षमताओं पर विश्वास करने से होती है। विद्यार्थियों को अपनी ताकत और रुचियों को समझते हुए लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए और उन्हें हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए।

DRDO वैज्ञानिक ने दिया मेहनत और अनुशासन का संदेश

विशिष्ट अतिथि आशीष सोनकर, वैज्ञानिक ‘एफ’ एवं अपर निदेशक, एसएजी, डीआरडीओ, नई दिल्ली ने विद्यार्थियों को सफलता का मूल मंत्र बताते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। इसके लिए समर्पण, प्रतिबद्धता और अनुशासन आवश्यक हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदार रहने और निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि नियमित प्रयास और अनुशासित जीवनशैली विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ाने में मदद करती है।

उद्योग की जरूरतों के अनुरूप स्किल विकसित करने पर जोर

के.पी. सिंह, चेयरमैन, BIS एवं स्किल डेवलपमेंट समिति, FCBM India तथा ब्रांच चेयरमैन, IIMM, ग्रेटर नोएडा ने वर्तमान औद्योगिक परिवेश में स्किल डेवलपमेंट की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी औद्योगिक माहौल में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को कम्युनिकेशन, लीडरशिप, प्रॉब्लम सॉल्विंग और अन्य इंडस्ट्री-ओरिएंटेड स्किल्स को लगातार विकसित करना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ व्यावहारिक कौशल पर भी ध्यान देने की अपील की।

RJ नावेद ने अपने अंदाज में बढ़ाया विद्यार्थियों का उत्साह

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण प्रसिद्ध रेडियो जॉकी, एंटरटेनर और कंटेंट क्रिएटर आरजे नावेद रहे। उन्होंने अपने प्रेरक और मनोरंजक संबोधन से विद्यार्थियों में उत्साह और ऊर्जा का संचार किया।

आरजे नावेद ने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की पृष्ठभूमि उसके भविष्य का निर्धारण नहीं करती। इच्छाशक्ति, मेहनत और निरंतर प्रयास के जरिए व्यक्ति अपने लिए नई संभावनाएं तैयार कर सकता है।

संस्थान की विकास यात्रा से कराया परिचित

कार्यक्रम के दौरान डायरेक्टर मैनेजमेंट प्रो. (डॉ.) पंकज कुमार ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से एचआईएमटी ग्रुप की स्थापना से लेकर वर्तमान समय तक की उपलब्धियों और विकास यात्रा की जानकारी विद्यार्थियों के साथ साझा की। इससे नवप्रवेशित विद्यार्थियों को संस्थान की शैक्षणिक विरासत, विकास और विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों को समझने का अवसर मिला।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों के लिए सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरे आयोजन में उत्साह और मनोरंजन का माहौल बनाया।

इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) अनुज मित्तल, निदेशक, एचआईएमटी कॉलेज ऑफ फार्मेसी, प्रो. (डॉ.) रमा दत्त, प्राचार्या, हरलाल स्कूल ऑफ लॉ, डॉ. मनोरमा, प्राचार्या-एजुकेशन, नरेंद्र उपाध्याय, एचओडी-आईटी, डॉ. दिनेश कुमार, एचओडी-बायोटेक्नोलॉजी, कविता चौधरी, प्रशासनिक अधिकारी, भूपेंद्र नागर, सिस्टम एडमिन सहित संस्थान के संकाय सदस्य और स्टाफ मौजूद रहे।

‘आरंभ 2026’ ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा की नई यात्रा की मजबूत शुरुआत का संदेश दिया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि शैक्षणिक सफलता के साथ कौशल, अनुशासन, मूल्यों और निरंतर सीखने की क्षमता ही उन्हें भविष्य की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगी।