ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। दिल्ली पब्लिक स्कूल, नॉलेज पार्क-V में दिल्ली पब्लिक स्कूल सोसाइटी के तत्वावधान में इंटर-डीपीएस फ्रेंच भाषा महोत्सव 2026 ‘ले त्रेज़ोर द ला फ्रांस’ (फ्रांस के अनमोल खजाने) का भव्य आयोजन किया गया। इस अंतरविद्यालयी महोत्सव में भारत और फ्रांस की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, कला, परंपराओं और भाषाई विविधता की आकर्षक झलक देखने को मिली। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को फ्रेंच भाषा के प्रति प्रोत्साहित करने के साथ उनमें वैश्विक दृष्टिकोण, रचनात्मकता और अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक समझ विकसित करना रहा। महोत्सव में विभिन्न डीपीएस विद्यालयों के कुल 442 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन के अंतर्गत 22 ऑफ-साइट और 20 ऑन-साइट प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। विद्यार्थियों ने अपनी भाषाई दक्षता, कल्पनाशीलता, कलात्मक प्रतिभा और मंचीय कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

प्रतियोगिताओं में फ्रेंच कविता-पाठ, गीत-संगीत, फैशन शो, फ्रेंच विज्ञापन, कहानी मंचन, कॉमिक स्ट्रिप निर्माण, पॉडकास्ट, फ्रेंच समाचार-पत्र निर्माण और फ्रैंकोफोन देशों की सांस्कृतिक प्रदर्शनी जैसी गतिविधियां शामिल रहीं। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से फ्रांस की कला, खान-पान, पहनावे, ऐतिहासिक धरोहर और भारत-फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों को रोचक अंदाज में प्रस्तुत किया। इन गतिविधियों ने भाषा सीखने को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखकर उसे संस्कृति और रचनात्मक अभिव्यक्ति से जोड़ने का अवसर दिया।

शिक्षा और फ्रेंच भाषा के क्षेत्र की हस्तियों की रही मौजूदगी

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि दिल्ली पब्लिक स्कूल सोसाइटी की निदेशक सुश्री डॉली चानना रहीं। विशिष्ट अतिथियों में फ्रांस दूतावास के इंस्टीट्यूट फ्रांसे की शैक्षिक सहयोग अधिकारी सुश्री स्टेफनी ऑर्फिला, फ्रांस दूतावास में उप-राजनयिक अधिकारी एवं फ्रेंच भाषा और शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय समन्वयक श्री जतिंदर सिंह, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की डॉ. किरण चौधरी तथा भारत में डीईएलएफ-डीएएलएफ प्रमाणन की राष्ट्रीय समन्वयक सुश्री कृपालीनी सीपरसाद शामिल रहीं। इन विशेषज्ञों और अतिथियों की उपस्थिति ने महोत्सव को शैक्षणिक एवं अंतरराष्ट्रीय महत्व प्रदान किया। विद्यार्थियों को फ्रेंच भाषा और फ्रैंकोफोन संस्कृति से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझने का अवसर मिला।

विशेषज्ञ निर्णायकों ने परखी विद्यार्थियों की प्रतिभा

प्रतियोगिताओं के मूल्यांकन के लिए विभिन्न प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े विशेषज्ञों को निर्णायक मंडल में शामिल किया गया। इनमें दिल्ली विश्वविद्यालय की सहायक प्राध्यापिका सुश्री मुक्ता चड्ढा, फ्रेंच संकाय सदस्य सुश्री बबुशा वर्मा, बेनेट विश्वविद्यालय की एसोसिएट प्रोफेसर सुश्री रिदम अरोड़ा, जेनेसिस ग्लोबल स्कूल के भाषा अधिगम विभाग की अध्यक्ष सुश्री ममता कथूरिया, द मदर्स इंटरनेशनल स्कूल की सुश्री अनुराधा कारकुन और सुश्री तमन्ना चावला शामिल रहीं। निर्णायकों ने विद्यार्थियों की भाषा पर पकड़, उच्चारण, मौलिकता, रचनात्मकता और प्रस्तुति कौशल के आधार पर उनकी प्रतिभा का आकलन किया।

DPS आर.के. पुरम ने जीता ओवरऑल विजेता का खिताब

महोत्सव के समापन समारोह का शुभारंभ अतिथियों के पुष्प स्वागत और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद स्वागत गीत, प्रधानाचार्या का संबोधन, विजयी प्रस्तुतियों की झलक और आकर्षक नृत्य प्रस्तुति ने कार्यक्रम को यादगार बनाया। समारोह के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। डीपीएस आर.के. पुरम ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए ओवरऑल विजेता का खिताब अपने नाम किया। इसके अलावा डीपीएस वसंत कुंज, डीपीएस फरीदाबाद (सेक्टर-19), डीपीएस सेक्टर-30 नोएडा, डीपीएस बुलंदशहर, डीपीएस मथुरा रोड और डीपीएस सेक्टर-45 गुरुग्राम के विद्यार्थियों ने भी विभिन्न प्रतियोगिताओं में पुरस्कार प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ हुआ। ‘ले त्रेज़ोर द ला फ्रांस’ महोत्सव ने विद्यार्थियों को फ्रेंच भाषा के व्यावहारिक उपयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और रचनात्मक अभिव्यक्ति का मंच प्रदान किया। साथ ही इस आयोजन ने भारत और फ्रांस के बीच शिक्षा एवं संस्कृति के स्तर पर आपसी समझ और मैत्रीपूर्ण संबंधों को भी प्रोत्साहित किया।