ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के सख्त रवैये को देखते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने पेड़ों की जड़ों तक इंटरलॉकिंग करने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, श्रीलक्ष्मी वीएस ने आदेश जारी किया है कि पेड़ों के एक मीटर के दायरे में इंटरलॉकिंग नहीं होनी चाहिए।

जहां कहीं भी यह सीमा पार कर इंटरलॉकिंग की गई है, उसे तीन दिनों के भीतर सही कराने का निर्देश दिया गया है। इस काम को निर्धारित समयावधि में पूरा कर, उसकी रिपोर्ट जियो टैग के साथ प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।

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जियो टैग के साथ मांगी गई रिपोर्ट

प्राधिकरण के आदेश में कहा गया है कि तीन दिनों के भीतर सभी वर्क सर्किल प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में इस कार्य को पूरा करें और जियो टैग के साथ उसकी रिपोर्ट जमा करें। आदेश के बाद, वर्क सर्किल प्रभारियों ने तुरंत काम शुरू कर दिया है।

बिना स्पष्टीकरण होगी सख्त कार्रवाई

श्रीलक्ष्मी वीएस ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि अगर निर्धारित समय में कार्य पूरा नहीं हुआ और एनजीटी ने विपरीत आदेश पारित किया, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, और यह कार्रवाई बिना किसी स्पष्टीकरण के होगी। इस आदेश के बाद, शहर भर में जहां-जहां पेड़ों के एक मीटर के दायरे में इंटरलॉकिंग की गई है, उसे हटाने का काम तेजी से चल रहा है।

लोगों ने इस कदम की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि तीन दिनों के भीतर आदेश का पूरी तरह पालन होगा। अब देखना है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण इस मामले में कितनी जल्दी और प्रभावी ढंग से कार्रवाई कर पाता है।

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