ग्रेटर नोएडा, रफ्तार टुडे। एक डॉक्टर, समाजसेवी, और बीजेपी कार्यकर्ता, डॉ. पूजा सिंह गंगानिया का जीवन बहुआयामी और प्रेरणादायक है। वह न केवल एक चिकित्सा पेशेवर हैं, बल्कि समाज के लिए अपने अटूट समर्पण और राजनीतिक सक्रियता के माध्यम से भी लोगों का जीवन बेहतर बना रही हैं। उनके इस शानदार सफर में बहुत कुछ ऐसा है जिसे जानकर हम सब प्रेरणा ले सकते हैं।

रफ़्तार टुडे मीडिया के एक मुलाकात में आज हमारे साथ बेहत ख़ास मेहमान जुड़ी हैं जिसमे बीजेपी नेत्री डॉ पूजा सिंह गंगानिया.. पदार्थ के साथ एक महिला..

डॉ. पूजा सिंह गंगानिया का प्रेरणादायक सफर, रफ़्तार टुडे के साथ लिया गया इंटरव्यू

समाज सेवा की प्रति लगन और जोश

डॉ. पूजा सिंह गंगानिया समाज के गरीब, पिछड़े वर्ग, महिलाओं और बच्चों के लिए निरंतर कार्यरत हैं। उनके अनुसार, "जहाँ चाह है वहाँ राह है"। उनका मानना है कि अगर हम समाज में कुछ गलत देखते हैं, तो हमें खुद आगे आकर उसे सुधारने की जिम्मेदारी उठानी चाहिए।

राजनीति में सेवा का उद्देश्य

डॉ. पूजा राजनीति में अपना भविष्य नहीं देखतीं, लेकिन वह समाज के लिए कार्य करने के लिए राजनीति में सक्रिय हैं। उनका मानना है कि अगर राजनीति में गंदगी है, तो उसे साफ करने के लिए हमें खुद उसमें उतरना होगा। उनके अनुसार, "भगत सिंह और राजगुरु तो सबको चाहिए, पर अपने नहीं, दूसरे किसी परिवार से।"

व्यक्तिगत और प्रोफेशनल जीवन में संतुलन

डॉ. पूजा ने मेडिकल प्रोफेशन से खुद को मुक्त कर सामाजिक कार्यों और लेखन में खुद को समर्पित कर दिया है। वह विभिन्न स्वास्थ्य कैंप और वर्कशॉप का आयोजन करती रहती हैं। उनका कहना है कि उनकी योग्यता कभी व्यर्थ नहीं जाती और वह समाज के लिए हमेशा तत्पर रहती हैं।

डॉ. पूजा सिंह गंगानिया का प्रेरणादायक सफर, रफ़्तार टुडे के साथ लिया गया इंटरव्यू

बचपन से लेकर अब तक का सफर

डॉ. पूजा का कहना है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह बड़ी होकर क्या करेंगी, लेकिन उनके पिता ने उन्हें हमेशा सिखाया कि जो भी काम करो, उसमें पर्फेक्शन होना चाहिए। उनका उद्देश्य हमेशा यही रहा है कि वह अपने जीवन में ऐसा कुछ करें जिससे उनके जाने के बाद भी लोग उन्हें याद रखें।

पारिवारिक पृष्ठभूमि

डॉ. पूजा दिल्ली में पली-बढ़ी हैं और उनके पिता श्री ईश कुमार गंगानिया एक प्रतिष्ठित लेखक हैं। उनकी माँ शशि गंगानिया भी अध्यापिका रही हैं। उनके पति श्री प्रदीप कुमार सिंह सैमसंग कंपनी में सीनियर चीफ इंजीनियर हैं और उनके दो बच्चे हैं।

साहित्यिक योगदान

डॉ. पूजा को साहित्य में गहरी रुचि है और वह दसवीं कक्षा से लेखन कर रही हैं। उन्होंने अब तक छह पुस्तकों का सृजन किया है और कई शोध पत्र भी प्रकाशित किए हैं। उनका मानना है कि साहित्य समाज का आईना होता है और चेतना जागृत करने का काम करता है।

डॉ. पूजा सिंह गंगानिया का प्रेरणादायक सफर, रफ़्तार टुडे के साथ लिया गया इंटरव्यू

युवाओं के लिए संदेश

डॉ. पूजा का युवाओं के लिए संदेश है कि अपने जीवन में जो भी लक्ष्य निर्धारित करें, उसके लिए पूरे मनोयोग से खुद को समर्पित करें। कोई भी लक्ष्य मुमकिन है, बस उसे पाने की लगन होनी चाहिए।

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