सार
त्रिलोकपुरी-मयूर विहार-1 के बीच सेवाएं शुरू होने के तीन महीने बाद मेट्रो ने पहना ड्राइवरलेस का जामा।ख़बर सुनें
विस्तार
पिंक लाइन कॉरिडोर के 58.43 किलोमीटर में 38 स्टेशनों से चालक रहित मेट्रो में सफर का मौका मिल जाएगा। मजेंटा लाइन के बाद दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन(डीएमआरसी)की ओर से पिंक लाइन कॉरिडोर को ड्राइवरलेस करने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई। 11 महीने बाद सभी तकनीकी बदलाव के बाद पिंक लाइन पर मेट्रो को पूर्ण तौर पर स्वचालित कर दिया गया।
मेट्रो की पिंक लाइन के शेष हिस्से पर मयूर विहार-पॉकेट वन-त्रिलोकपुरी संजय लेक के बीच मेट्रो की सुविधा न होने से इस लाइन को ड्राइवरलेस करने में देरी हुई। दिल्ली मेट्रो के पिंक लाइन के ड्राइवरलेस होने से यात्रियों को रिंग रोड के नजदीकी स्टेशनों से स्चालित मेट्रो में सफर का मौका मिलने लगेगा। इस लाइन पर ड्राइवरलेस मेट्रो सेवा की शुरुआत वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये की जाएगी।
38 स्टेशनों के यात्रियों को भी मिलेगा अनूठे सफर का मौका
पिंक लाइन की कुल लंबाई लाइन 58.43 किलोमीटर के दायरे में 38 स्टेशन हैं। इनमें 26 एलिवेटेड जबकि 12 भूमिगत स्टेशन हैं।मार्च 2018 से अगस्त 2021 के दौरान पांच चरणों में पिंक लाइन कॉरिडोर पर टुकड़ों में अलग अलग सेक्शन पर मेट्रो सेवाएं शुरू हुई। दिल्ली मेट्रो के सबसे लंबे कॉरिडोर के पूरा होने के तीन महीने बाद ही इसे दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन(डीएमआरसी)ने ड्राइवरलेस कर, एक नई कामयाबी हासिल कर ली है। मजेंटा लाइन पर मेट्रो सेवाएं जब ड्राइवरलेस हुई थी तो पहले दिन यात्रियों को जब इसकी जानकारी मिली तो कुछ यात्री बीच के स्टेशनों पर ही उतर गए और दूसरे परिवहन साधनों को अपनाया।
पांच चरणों में मेट्रो की पिंक लाइन का पूरा हो गया सफर
- 14 मार्च 2018 से मजलिस पार्क से दुर्गाबाई देशमुख(साउथ कैंपस) के बीच मेट्रो सेवाएं शुरू हई
- अगस्त, 2018 में दुर्गाबाई देशमुख(साउथ कैंपस) और लाजपत नगर के बीच पिंक लाइन पर मेट्रो ने बढ़ाया कदम
- अक्तूबर 2018 में शिव विहार से त्रिलोकपुरी के बीच सेवाएं शुरू कर दी गई।
- दिसंबर, 2019 में लाजपत नगर से मयूर विहार पॉकेट-वन के बीच के सेक्शन पर भी मेट्रो दौड़ने लगी।
- त्रिलोकपुरी (संजय झील) और मयूर विहार पॉकेट-वन के बीच मेट्रो सेवाएं शुरू होने में भूमि भूमि अधिग्रहण के मुद्दों के कारण देरी हुई।
- पिंक लाइन के शेष हिस्से को भी अगस्त, 2021 में यात्रियों के लिए मेट्रो सेवाओं की शुरुआत कर दी गई। इससे पहले मजलिस पार्क से मयूर विहार पॉकेट-वन और शिव विहार से त्रिलोकपुरी संजय झील के बीच मेट्रो सेवाएं अलग अलग छोर पर मिल रही थी।
ड्राइवरलेस मेट्रो से होंगे ये फायदे
- मेट्रो के ड्राइवरलेस होने से फ्रिक्वेंसी बढ़ जाएगी। 90 सेंकेंड के अंतराल पर मेट्रो की सुविधा यात्रियों को उपलब्ध होगी।
- इससे रोजाना मेट्रो के लगने वाले फेरों में बढ़ोतरी होगी
- प्रणाली पूरी तरह स्वचालित होगी, ट्रैक पर बाधा की मिलेगी जानकारी
- मेट्रो ट्रेन के बाहर लगे होंगे कैमरे, ओसीसी की हर पल रहेगी नजर
- सभी मेट्रो में छह कोच होंगे
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