Greater Noida News, रफ़्तार टुडे। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश के बुनियादी ढांचे को मजबूती देने के लिए एक और बड़ा कदम उठाया है। हाल ही में कैबिनेट में मंजूर किए गए इस प्रस्ताव के तहत न्यू नोएडा, ग्रेटर नोएडा फेस-2 और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जोड़ने के लिए एक अत्याधुनिक 16 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। यह एक्सप्रेसवे न केवल इन तीन महत्वपूर्ण क्षेत्रों को जोड़ेगा, बल्कि इसके साथ-साथ औद्योगिक और व्यावसायिक विकास को भी बढ़ावा देगा।

इस एक्सप्रेसवे के किनारे 1,500 हेक्टेयर भूमि पर एक विशाल लॉजिस्टिक हब भी विकसित किया जाएगा, जो इस क्षेत्र में नई औद्योगिक संभावनाओं को खोलने में मददगार साबित होगा। इस पहल से उत्तर प्रदेश को न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक औद्योगिक हब के रूप में पहचान मिलेगी।

उच्चस्तरीय बैठक में मिला कैबिनेट का अनुमोदन

इस परियोजना को लेकर लंबे समय से विचार-विमर्श चल रहा था, और आखिरकार यमुना विकास प्राधिकरण द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रस्ताव को योगी सरकार की कैबिनेट में मंजूरी मिल गई है। यह एक्सप्रेसवे न्यू नोएडा, ग्रेटर नोएडा फेस-2 और जेवर एयरपोर्ट के बीच एक सीधी और त्वरित कनेक्टिविटी स्थापित करेगा। इसके चलते यातायात की सुविधा बढ़ेगी और इन क्षेत्रों में नए निवेश आकर्षित होंगे।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास बनेगी नई इंडस्ट्री

इस कैबिनेट निर्णय के तहत नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आस-पास की कृषि भूमि को अब औद्योगिक क्षेत्र में तब्दील किया जाएगा। इससे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास के इलाके में नए उद्योगों की स्थापना होगी। यमुना सिटी के विभिन्न सेक्टर्स में नई इंडस्ट्री विकसित की जाएगी, जिनमें सेक्टर-8A, सेक्टर-8B, सेक्टर-8C, सेक्टर-8D, और सेक्टर-8E प्रमुख हैं।

यहां इंडस्ट्री स्थापित होने से न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि इस क्षेत्र में औद्योगिक विकास की एक नई लहर भी उठेगी। इसके अलावा, सेक्टर-7, सेक्टर-8, सेक्टर-31D, सेक्टर-23G, सेक्टर-23I, और सेक्टर-23E में वाणिज्यिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी, जिससे इस क्षेत्र को एक संपूर्ण व्यावसायिक और औद्योगिक हब बनाया जा सके।

मास्टर प्लान 2041: 226 गांवों का होगा अधिग्रहण

योगी सरकार ने यमुना विकास प्राधिकरण के मास्टर प्लान 2041 को भी मंजूरी दे दी है। इसके तहत गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर के कुल 226 गांव का अधिग्रहण किया जाएगा। इस मास्टर प्लान के तहत यमुना प्राधिकरण का नया शहर 796 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में बसेगा। इस योजना का उद्देश्य इस क्षेत्र को एक प्रमुख औद्योगिक और आवासीय केंद्र के रूप में विकसित करना है, जो भविष्य में उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास में एक महत्वपूर्ण योगदान देगा।

मास्टर प्लान 2041 के तहत, इस क्षेत्र में उद्योगों के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं को भी बेहतर तरीके से विकसित किया जाएगा। इससे क्षेत्र के निवासियों को उच्चस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी और इस क्षेत्र में आर्थिक और सामाजिक समृद्धि को बढ़ावा मिलेगा।

नए एक्सप्रेसवे से बढ़ेगी कनेक्टिविटी

योगी सरकार द्वारा प्रस्तावित इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से क्षेत्र में यातायात का बोझ कम होगा और नई कनेक्टिविटी से व्यापारिक गतिविधियां भी तेजी से बढ़ेंगी। इससे न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि स्थानीय उद्योगों को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचने का मौका मिलेगा।

इस परियोजना से न सिर्फ स्थानीय निवासियों को फायदा होगा, बल्कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, न्यू नोएडा और ग्रेटर नोएडा फेस-2 को जोड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे प्रदेश के बुनियादी ढांचे को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


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