ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि सरकारी ज़मीन पर अवैध कब्ज़े की कोई जगह नहीं है। शनिवार को अमरपुर गांव में प्राधिकरण ने पुलिस और जिला प्रशासन के साथ मिलकर बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 5000 वर्ग मीटर सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया। इस ज़मीन की अनुमानित कीमत करीब 10 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
यह कार्रवाई न केवल ज़मीन को कब्ज़ामुक्त कराने तक सीमित रही, बल्कि इससे यह संदेश भी गया कि अधिसूचित क्षेत्र में अवैध कब्ज़ा करने वालों पर अब सख़्त रुख अपनाया जाएगा।
दो पक्षों के विवाद के बीच प्राधिकरण का हस्तक्षेप
जानकारी के अनुसार अमरपुर गांव में सरकारी ज़मीन पर गांव के ही कुछ लोगों द्वारा कब्ज़ा करने की कोशिश की जा रही थी। इसी ज़मीन को लेकर गांव के दो पक्षों के बीच विवाद भी चल रहा था, जिससे भविष्य में कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका बनी हुई थी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार और जिलाधिकारी मेधा रूपम ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद शनिवार को प्रशासनिक और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई।
भारी पुलिस बल और प्रशासनिक टीम रही मौजूद
अतिक्रमण हटाओ अभियान में वर्क सर्किल-8 के प्रभारी नागेंद्र सिंह, एसीपी अरविंद कुमार चहल, एसएचओ अरविंद कुमार, स्थानीय चौकी इंचार्ज, जिला प्रशासन की टीम के साथ-साथ पुलिस बल और पीएसी के जवान शामिल रहे।
सुरक्षा के कड़े इंतज़ामों के बीच पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा।
5000 वर्ग मीटर ज़मीन प्राधिकरण के कब्ज़े में
कार्रवाई के दौरान लगभग 5000 वर्ग मीटर सरकारी भूमि को अवैध कब्ज़े से मुक्त कराया गया। प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार इस ज़मीन पर जल्द ही तार फेंसिंग कर इसे पूरी तरह प्राधिकरण के कब्ज़े में ले लिया जाएगा, ताकि भविष्य में दोबारा अतिक्रमण की कोशिश न हो सके।
प्राधिकरण का आकलन है कि इस ज़मीन की बाज़ार कीमत करीब 10 करोड़ रुपये है, जिससे यह साफ होता है कि भूमाफिया किस तरह सरकारी संपत्ति पर नज़र गड़ाए बैठे हैं।
एसीईओ सुमित यादव का सख़्त संदेश
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने इस कार्रवाई को लेकर दो टूक शब्दों में कहा कि अधिसूचित क्षेत्र में किसी भी सरकारी ज़मीन पर कब्ज़ा करना पूरी तरह अवैध है और प्राधिकरण इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा।
उन्होंने कहा कि पुलिस और जिला प्रशासन के सहयोग से ऐसी सभी ज़मीनों को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाएगा, चाहे कब्ज़ा कितना ही पुराना या प्रभावशाली क्यों न हो।
अवैध निर्माण पर भी होगी सख़्त कार्रवाई
एसीईओ सुमित यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि अधिसूचित क्षेत्र में बिना अनुमति या बिना नक्शा पास कराए निर्माण करने वालों के खिलाफ भी लगातार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी तरह के अवैध निर्माण या कब्ज़े का हिस्सा न बनें।
लोगों से की गई अहम अपील
प्राधिकरण ने आम नागरिकों को आगाह करते हुए कहा कि कालोनाइजरों के झांसे में आकर अपनी गाढ़ी कमाई न फंसाएं। ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में कहीं भी ज़मीन खरीदने से पहले प्राधिकरण के भूलेख विभाग से संपर्क कर पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करें।
अक्सर देखा गया है कि अवैध कॉलोनाइज़र सरकारी या विवादित ज़मीन को बेचकर लोगों को मुश्किल में डाल देते हैं, और बाद में कार्रवाई होने पर खरीदारों को ही नुकसान उठाना पड़ता है।
अवैध कब्ज़ों के खिलाफ जारी रहेगा अभियान
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि आने वाले दिनों में अवैध कब्ज़ों और निर्माणों के खिलाफ अभियान और तेज़ किया जाएगा। प्रशासन का फोकस न केवल सरकारी ज़मीन की सुरक्षा पर है, बल्कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नियोजित विकास को सुनिश्चित करने पर भी है।
अमरपुर की इस कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि अब सरकारी ज़मीन पर कब्ज़ा करना आसान नहीं, और जो भी ऐसा करेगा, उसे प्रशासनिक कार्रवाई का सामना करना ही पड़ेगा।

Comments (0)
Leave a Comment