नोएडा, रफ़्तार टूडे। नोएडा की ऊंची इमारतों में रहने वाले हजारों परिवारों के लिए सोमवार का दिन उस समय भयावह बन गया, जब सेक्टर-119 स्थित अरण्या (Aranya) सोसायटी की 22वीं मंजिल पर एक फ्लैट में अचानक एयर कंडीशनर (AC) में विस्फोट हो गया। तेज धमाके के साथ शुरू हुई आग कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर गई और ऊंची-ऊंची लपटों तथा घने काले धुएं ने पूरी सोसायटी को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के बाद पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग जान बचाने के लिए अपने फ्लैटों से बाहर निकल आए। हाईराइज इमारत में लगी इस आग ने एक बार फिर बहुमंजिला आवासीय भवनों की सुरक्षा व्यवस्था और अग्निशमन तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर के समय अचानक एक जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी। शुरुआती क्षणों में लोगों को समझ नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है, लेकिन कुछ ही सेकंड बाद 22वीं मंजिल से आग की ऊंची लपटें और धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया। देखते ही देखते आग तेजी से फैलने लगी, जिससे आसपास के फ्लैटों में रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई। कई परिवार अपने छोटे बच्चों और बुजुर्गों को लेकर तुरंत सीढ़ियों और सुरक्षित रास्तों से बाहर निकलने लगे।


घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए छह फायर टेंडर मौके पर भेजे। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) स्वयं राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी के लिए घटनास्थल पर पहुंचे। स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम ने भी मोर्चा संभाल लिया तथा पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर रेस्क्यू अभियान शुरू किया। दमकल कर्मियों ने ऊंची मंजिल तक पहुंचकर आग को नियंत्रित करने के लिए लगातार पानी की बौछारें कीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने की दिशा में सफलता हासिल की।


प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आग की शुरुआत फ्लैट में लगे एयर कंडीशनर में हुए विस्फोट से हुई। हालांकि, विस्फोट के वास्तविक कारणों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। तकनीकी विशेषज्ञों और अग्निशमन विभाग की टीम पूरे मामले की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि हादसा शॉर्ट सर्किट, तकनीकी खराबी या किसी अन्य कारण से हुआ।

घटना के दौरान सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि अब तक किसी के हताहत होने या गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं मिली है। समय रहते लोगों के बाहर निकल जाने और दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई के कारण बड़ा हादसा टल गया। हालांकि आग से फ्लैट और उसमें रखा घरेलू सामान काफी हद तक जलकर नष्ट हो गया। आसपास के कुछ फ्लैटों को भी धुएं और गर्मी के कारण नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।


स्थानीय निवासियों का कहना है कि आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ समय के लिए पूरे परिसर में दहशत का माहौल बन गया। कई लोग अपने घरों की बालकनी में फंस गए थे, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू टीम ने विशेष सावधानी बरती। सोसायटी के सुरक्षा कर्मियों ने भी लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।


विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी के मौसम में एयर कंडीशनर, बिजली के उपकरण और ओवरलोडिंग के कारण आग लगने की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में समय-समय पर एसी की सर्विसिंग, बिजली की वायरिंग की जांच और अग्नि सुरक्षा उपकरणों को सक्रिय रखना बेहद जरूरी है। हाईराइज इमारतों में रहने वाले लोगों को भी आपातकालीन निकासी मार्ग, फायर अलार्म सिस्टम और सुरक्षा मानकों की जानकारी होना आवश्यक है।


इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या नोएडा की हाईराइज सोसायटियां किसी बड़े अग्निकांड से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि केवल फायर एनओसी लेना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि नियमित मॉक ड्रिल, फायर सिस्टम का रखरखाव और निवासियों को जागरूक करना भी उतना ही आवश्यक है।
फिलहाल दमकल विभाग द्वारा आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने के प्रयास जारी हैं और पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें तथा सुरक्षा एजेंसियों का सहयोग करें। विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों और नुकसान का पूरा आकलन सामने आ सकेगा।