ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। गौतमबुद्धनगर की राजनीति में इन दिनों भूचाल मच गया है। ग्रेटर नोएडा के गौरवशाली मंच, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (GBU) पर 15 सितंबर को आयोजित बैठक में बीजेपी कार्यकर्ता और नेता नवीन भाटी ने डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के सामने संगठन की अंदरूनी खींचतान और गुटबाजी का ऐसा दर्द बयां कर दिया, जिसने पार्टी की अंदरूनी तस्वीर उजागर कर दी। उनका बयान अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है और जिले की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।

गुटबाजी के बीच पिस रहे कार्यकर्ता – नवीन भाटी का दर्द

बैठक में खड़े होकर नवीन भाटी ने साफ शब्दों में कहा “गौतमबुद्धनगर में बीजेपी कार्यकर्ता गुटबाजी के शिकार हैं। कोई कहता है वह धीरेंद्र सिंह का आदमी है, कोई खुद को पंकज सिंह का करीबी बताता है और कोई तेजपाल नागर का आदमी कहता है। इस आपसी बंटवारे के कारण आम कार्यकर्ता की कोई सुनवाई नहीं होती और हमें सिर्फ मानसिक शोषण झेलना पड़ता है।”
इतना ही नहीं, उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके परिवार तक को परेशान किया जा रहा है।

“मेरी पत्नी पर भी फर्जी मुकदमा दर्ज कर दिया गया। क्या यह संगठन में कार्यकर्ताओं का सम्मान है? हमारी कोई सुनवाई क्यों नहीं होती?” उनकी इस खुली नाराजगी ने बैठक में मौजूद कार्यकर्ताओं के बीच खलबली मचा दी और डिप्टी सीएम को भी असहज कर दिया।

वायरल वीडियो ने बढ़ाई पार्टी की मुश्किलें

बैठक के दौरान दिया गया उनका यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि भाटी गुस्से और पीड़ा से भरे शब्दों में पार्टी की अंदरूनी कलह को उजागर कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं की भीड़ उनकी बातें ध्यान से सुन रही है। इस वीडियो के वायरल होने से बीजेपी की छवि को झटका लगा है, क्योंकि चुनावी मौसम नज़दीक है और ऐसे विवाद पार्टी की एकजुटता पर सवाल खड़े कर सकते हैं।

गौतमबुद्धनगर बीजेपी – तीन फाड़ में बंटा संगठन?

भाटी के आरोपों से यह स्पष्ट हो रहा है कि गौतमबुद्धनगर में बीजेपी तीन अलग-अलग खेमों में बंटी नज़र आ रही है –

एक गुट धीरेंद्र सिंह से जुड़ा हुआ माना जाता है।

दूसरा गुट पंकज सिंह के नाम पर काम करता है।

तीसरा गुट तेजपाल नागर के इर्द-गिर्द घूमता है।

इस बंटवारे के बीच कार्यकर्ता (ग्रासरूट लेवल वर्कर) खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि पार्टी में अब काम योग्यता या मेहनत से नहीं बल्कि “आप किस गुट से जुड़े हैं” इस आधार पर तय होता है।

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डिप्टी सीएम के सामने खुली कलह – नेतृत्व पर सवाल

नवीन भाटी के बयानों ने पार्टी नेतृत्व को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। सवाल यह है कि क्या प्रदेश नेतृत्व कार्यकर्ताओं की आवाज़ सुनेगा या मामला “आश्वासन” तक ही सीमित रहेगा?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे विवाद आने वाले चुनाव में बीजेपी की राह मुश्किल कर सकते हैं। क्योंकि कार्यकर्ताओं की असली ताकत ही चुनावी मैदान में पार्टी की जीत तय करती है।

एकजुटता पर मंडरा रहा खतरा

गौतमबुद्धनगर बीजेपी की यह गुटबाजी केवल संगठन की कमजोरी नहीं बल्कि आगामी चुनाव के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकती है। नवीन भाटी का यह बयान पार्टी की जमीनी सच्चाई को उजागर कर रहा है कि कार्यकर्ताओं को न सुना जा रहा है, न सम्मान मिल रहा है। अब प्रदेश नेतृत्व और डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के लिए यह चुनौती है कि वे इस कलह को कैसे सुलझाते हैं।

भाजपा कार्यकर्ताओं में गहराती नाराजगी

ग्रेटर नोएडा और आसपास के कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे बार-बार शिकायतें कर चुके हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं होती। गुटबाजी की वजह से कोई भी नेता जिम्मेदारी नहीं लेता और कार्यकर्ता दर-दर भटकते रहते हैं।
नवीन भाटी का बयान इस लंबे समय से दबी हुई नाराजगी को मंच पर लाकर रख गया है।