ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। बिहार में प्रस्तावित औद्योगिक टाउनशिप के विकास की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए बिहार सरकार के शहरी विकास एवं आवास विभाग का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के दौरे पर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा अपनाई गई जमीन अधिग्रहण, नियोजन, आवंटन और औद्योगिक विकास नीतियों का गहन अध्ययन करना था, ताकि इन्हें बिहार में लागू किया जा सके।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल के साथ विस्तृत बैठक कर औद्योगिक टाउनशिप विकसित करने से जुड़ी संपूर्ण प्रक्रिया पर जानकारी साझा की। बैठक में प्राधिकरण के कार्यशैली, वित्तीय मॉडल और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की रणनीतियों पर विशेष चर्चा हुई।


जमीन अधिग्रहण से लेकर आवंटन तक की प्रक्रिया पर चर्चा
बैठक में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुनील कुमार सिंह, एसीईओ प्रेरणा सिंह और एसीईओ सुमित यादव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा महाप्रबंधक (वित्त) स्वतंत्र गुप्ता, प्रधान महाप्रबंधक संदीप चंद्रा, ओएसडी नवीन कुमार सिंह और उद्योग विभाग के प्रबंधक अरविंद मोहन ने अपने-अपने विभागों से संबंधित प्रस्तुतियां दीं।
भूलेख विभाग द्वारा प्रतिनिधिमंडल को जमीन अधिग्रहण की धाराओं, किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे और अन्य लाभों, तथा आपसी सहमति से अधिग्रहण की प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी गई।


नियोजन, मास्टर प्लान और बिल्डिंग बायलॉज की जानकारी
नियोजन विभाग ने ग्रेटर नोएडा के मास्टर प्लान, सेक्टर ले-आउट, बसावट की योजना, बिल्डिंग बायलॉज और निर्माण से जुड़े नियमों की विस्तार से जानकारी साझा की। प्रतिनिधिमंडल को बताया गया कि किस प्रकार योजनाबद्ध विकास के जरिए ग्रेटर नोएडा को एक सुव्यवस्थित औद्योगिक और आवासीय शहर के रूप में विकसित किया गया है।
परियोजना विभाग द्वारा सड़क, सीवर, जलापूर्ति, बिजली, ड्रेनेज और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास मॉडल पर प्रकाश डाला गया।

स्ववित्त पोषित मॉडल ने खींचा ध्यान
महाप्रबंधक (वित्त) स्वतंत्र गुप्ता ने प्राधिकरण के स्ववित्त पोषित (Self-Financed) मॉडल की विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बिना सरकारी अनुदान के अपनी योजनाओं को सफलतापूर्वक संचालित कर रहा है। यह मॉडल बिहार सरकार के प्रतिनिधिमंडल के लिए विशेष आकर्षण का विषय रहा।

ग्रेटर नोएडा और आईआईटीजीएनएल के इंफ्रास्ट्रक्चर, नियोजन, बिल्डिंग प्लान, आवंटन प्रक्रिया समेत तमाम पहलुओं पर जानकारी प्राप्त की। प्राधिकरण के भूलेख विभाग की तरफ से जमीन अधिग्रहण की सभी धाराओं, किसानों को दिए जाने लाभ आदि की जानकारी दी। नियोजन विभाग की तरफ से मास्टर प्लान, सेक्टर ले-आउट, बिल्डिंग बायलॉज, बसावट आदि से जुड़े नियमों व प्रक्रिया से अवगत कराया गया। परियोजना विभाग ने ग्रेटर नोएडा के इंफ्रास्ट्रक्चर के बारे में जानकारी दी। वित्त विभाग के महाप्रबंधक स्वतंत्र गुप्ता ने वित्तीय मॉड्यूल प्रस्तुत किया।


औद्योगिक नीतियों और आवंटन प्रक्रिया की जानकारी
उद्योग विभाग के प्रबंधक अरविंद मोहन सिंह ने ग्रेटर नोएडा में लागू औद्योगिक नीतियों, उद्योगों के लिए भूखंड आवंटन प्रक्रिया, प्लग एंड प्ले सुविधाओं और निवेशकों को दी जाने वाली सहूलियतों पर विस्तार से जानकारी दी।
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने आईआईटीजीएनएल (Integrated Industrial Township Greater Noida Limited) का भ्रमण किया। यहां उन्होंने—
प्लग एंड प्ले इंडस्ट्रियल सिस्टम
वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट
24 घंटे बिजली और जलापूर्ति
सुव्यवस्थित सड़क नेटवर्क
जैसी सुविधाओं को करीब से देखा।

ग्रेटर नोएडा के मॉडल की सराहना
बिहार सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और आईआईटीजीएनएल के इंफ्रास्ट्रक्चर, नियोजन और प्रशासनिक मॉडल की सराहना की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यहां से प्राप्त अनुभव और जानकारी बिहार में औद्योगिक टाउनशिप की नीति तैयार करने और इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।


प्रतिनिधिमंडल में ये अधिकारी रहे शामिल
बिहार सरकार के प्रतिनिधिमंडल में—
राजीव श्रीवास्तव, विशेष सचिव, शहरी विकास एवं आवास विभाग, मनोज कुमार, अतिरिक्त सचिव, विजय प्रकाश मीणा, अतिरिक्त सचिव, अभिषेक पलासिया, म्यूनिसिपल कमिश्नर, गया, अनुपम सुनील, सहायक शहरी नियोजक (सुपरवाइजर), सुमित रंजन, सहायक वास्तुकार, वैभव भटनागर, शहरी नियोजक शामिल रहे।