ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित शहर बनाने की दिशा में ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) ने अवैध पोस्टर, बैनर, स्टीकर और होर्डिंग लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने और शहर की सुंदरता बिगाड़ने वाले चार संस्थानों पर प्राधिकरण ने कुल 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। संबंधित संस्थानों को नोटिस जारी करते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर जुर्माना जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। प्राधिकरण ने साफ कर दिया है कि यदि तय समय के भीतर जुर्माना जमा नहीं किया गया तो संबंधित संस्थानों के खिलाफ रिकवरी सर्टिफिकेट (RC) जारी कर कानूनी प्रक्रिया के तहत वसूली की जाएगी।
स्वच्छ और सुंदर शहर बनाने के लिए चलाया जा रहा विशेष अभियान
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण लगातार शहर को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और आधुनिक स्वरूप देने के लिए विभिन्न अभियान चला रहा है। इसी क्रम में सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति पोस्टर, बैनर, स्टीकर और विज्ञापन सामग्री लगाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया गया है। प्राधिकरण का कहना है कि शहर की दीवारों, बिजली के खंभों, सरकारी भवनों, सार्वजनिक परिसरों और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों पर अवैध प्रचार सामग्री लगाने से न केवल शहर की सुंदरता प्रभावित होती है, बल्कि सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचता है।
अधिकारियों के अनुसार ऐसे अवैध पोस्टर और होर्डिंग हटाने में प्राधिकरण को अतिरिक्त संसाधन और धन खर्च करना पड़ता है। इसलिए अब नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आर्थिक दंड के साथ-साथ आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
इन चार संस्थानों पर लगाया गया जुर्माना
प्राधिकरण द्वारा जिन संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उनमें प्रमुख रूप से— Alpha Car Rental (मिगसन विलासा मार्केट, ETA-2), Aakansh PG for Boys (A-10, सेक्टर बीटा-1), Bharat PG (C-293, सेक्टर बीटा-1), Boys PG (A-382, सेक्टर बीटा-1) शामिल हैं।

इन सभी संस्थानों पर बिना अनुमति सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर एवं प्रचार सामग्री लगाने के आरोप में कार्रवाई करते हुए कुल दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। प्राधिकरण ने संबंधित संस्थानों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर जुर्माना जमा करने के निर्देश दिए हैं।
अर्बन सर्विस विभाग ने चलाया अभियान
यह कार्रवाई ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अर्बन सर्विस विभाग द्वारा वरिष्ठ प्रबंधक सनी यादव के नेतृत्व में की गई। निरीक्षण के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में सार्वजनिक संपत्तियों पर लगे अवैध पोस्टर और विज्ञापन सामग्री की जांच की गई। सनी यादव ने बताया कि भविष्य में भी शहर के अलग-अलग सेक्टरों, बाजारों और औद्योगिक क्षेत्रों में इसी प्रकार के निरीक्षण अभियान नियमित रूप से चलाए जाएंगे।
प्राधिकरण का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति, संस्था, कोचिंग सेंटर, पीजी, व्यवसायिक प्रतिष्ठान या अन्य संस्थान को किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी।
सीईओ रवि कुमार एनजी ने नागरिकों से की अपील
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) रवि कुमार एनजी ने कहा कि स्वच्छ और सुंदर शहर केवल प्रशासनिक कार्रवाई से नहीं बन सकता, बल्कि इसके लिए आम नागरिकों की सहभागिता भी उतनी ही आवश्यक है।
उन्होंने कहा, "ग्रेटर नोएडा को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। सार्वजनिक संपत्ति पर बिना अनुमति पोस्टर, बैनर या विज्ञापन सामग्री लगाना नियमों का उल्लंघन है और इससे शहर की सुंदरता प्रभावित होती है। यदि किसी व्यक्ति या संस्था को प्रचार-प्रसार करना है तो वह प्राधिकरण से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अनुमति प्राप्त करे। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।"
सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा पर विशेष जोर
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक भवनों, दीवारों, बिजली के खंभों, पार्कों, बस स्टॉप, अंडरपास, फ्लाईओवर और अन्य सरकारी परिसरों पर बिना अनुमति किसी भी प्रकार का पोस्टर, स्टीकर या होर्डिंग लगाना प्रतिबंधित है। ऐसा करने वालों के खिलाफ जुर्माने के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि शहर की पहचान उसकी स्वच्छता और सुव्यवस्थित व्यवस्था से होती है। इसलिए सभी नागरिकों, संस्थानों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को नियमों का पालन करना चाहिए और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने से बचना चाहिए।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज किया जाएगा। शहर के विभिन्न सेक्टरों, औद्योगिक क्षेत्रों, व्यावसायिक परिसरों और आवासीय इलाकों में नियमित निरीक्षण किए जाएंगे। जहां भी बिना अनुमति पोस्टर, बैनर या विज्ञापन सामग्री लगाई जाएगी, वहां तत्काल कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया जाएगा। प्राधिकरण का मानना है कि नागरिकों के सहयोग और सख्त प्रशासनिक कार्रवाई के माध्यम से ही ग्रेटर नोएडा को एक स्वच्छ, सुंदर, आधुनिक और विश्वस्तरीय शहर के रूप में विकसित किया जा सकता है। इसलिए सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे नियमों का पालन करें और शहर की स्वच्छता एवं सौंदर्य बनाए रखने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।

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