ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
उत्तर प्रदेश अब भारत के व्यापार और निवेश का नया हॉटस्पॉट बनने की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। इस कड़ी में 25 से 29 सितंबर 2025 तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित होने जा रहा है उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS 2025)। यह आयोजन न सिर्फ भारत बल्कि पूरे एशिया के लिए कारोबार और निवेश का सबसे बड़ा मंच बनने जा रहा है। पांच दिनों तक चलने वाले इस मेगा इवेंट में 80 देशों से 500 से अधिक बायर्स भाग लेंगे और "मेड इन यूपी" को विश्व स्तर पर पहचान दिलाएंगे।

पांच दिन का होगा ‘वैश्विक महाकुंभ’

ग्रेटर नोएडा का एक्सपो मार्ट पहले भी कई बड़े आयोजन देख चुका है, लेकिन इस बार का नजारा बिल्कुल अलग होगा। 25 सितंबर से 29 सितंबर 2025 तक चलने वाले इस मेले में कारोबार, संस्कृति और परंपरा का ऐसा संगम देखने को मिलेगा, जो उत्तर प्रदेश की पहचान को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा। यह मेला न केवल व्यापारिक समझौतों का केंद्र होगा, बल्कि विदेशी निवेश और रोजगार सृजन का भी अहम जरिया बनेगा।

विश्व मानचित्र पर चमकेगा उत्तर प्रदेश

प्रदेश सरकार का मानना है कि UPITS 2025 उत्तर प्रदेश के लिए गेमचेंजर साबित होगा। इस शो के जरिए प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक मंच मिलेगा और राज्य को निर्यात का हब बनाने का सपना हकीकत में बदलेगा। अब तक 75 देशों के 340 से अधिक बायर्स अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुके हैं। यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है और आयोजकों का मानना है कि शो के दौरान रिकॉर्ड बिजनेस डील्स होंगी।

दुनिया के कारोबार का नया अड्डा!, उत्तर प्रदेश में लगेगा अब तक का सबसे बड़ा इंटरनेशनल ट्रेड शो

ओडीओपी और कारीगरों को मिलेगा सीधा फायदा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना पहले ही यूपी को वैश्विक पहचान दिला रही है। UPITS 2025 में इन विशेष उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी, ताकि हर जिले का हुनर सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़ सके।
चाहे मुरादाबाद का पीतल, फिरोजाबाद का कांच, लखनऊ की चिकनकारी, भदोही की कालीन या कन्नौज का इत्र, अब सबकी गूंज एक्सपो मार्ट से निकलकर दुनिया तक पहुंचेगी। यह अवसर स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों के लिए सुनहरा मौका साबित होगा।

दुनियाभर से आएंगे इंटरनेशनल बायर्स

इस बार की भागीदारी बेहद खास होगी। यूरोप और सीआईएस देशों से 88 बायर्स की पुष्टि। वेस्ट एशिया (WANA) से 76 बायर्स का आगमन तय।

साउथ ईस्ट एशिया से 10 बायर्स ने सहमति दी। साउथ एशिया से 30 बायर्स शामिल होंगे। लैटिन अमेरिकी देशों से 27 बायर्स आएंगे।

ओशनिया से 3 बायर्स,

नॉर्थ अमेरिका से 9 बायर्स,

अफ्रीका से 38 बायर्स पहले ही हाँ कह चुके हैं।

इसके अलावा, नाफ्टा और ईस्ट अफ्रीका से भी बायर्स ने अपनी उपस्थिति सुनिश्चित कर दी है। यानी यह आयोजन पूरी दुनिया की सहभागिता से ग्लोबल महोत्सव बनने जा रहा है।

17 प्रमुख सेक्टर्स की होगी प्रदर्शनी

इस इंटरनेशनल ट्रेड शो में कुल 17 प्रमुख सेक्टर्स के उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा।

1. एग्रीकल्चर, हॉर्टीकल्चर और इरिगेशन

2. एनिमल हस्बैंड्री, फिशरीज एंड डेयरी

3. अपैरल्स एंड गारमेंट्स

4. ऑटोमोबाइल्स, ईवी और ऑटो कंपोनेंट्स

5. आयुर्वेदा, योगा, यूनानी और होम्योपैथी

6. इलेक्ट्रॉनिक्स

7. इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग

8. टॉयज और स्पोर्ट्स गुड्स

9. एफएमसीजी

10. फूड एंड बेवरेजेस

11. ग्लासवेयर

12. हैंडीक्राफ्ट्स और हैंडलूम्स

13. लेदर गुड्स

14. आईटी, आईटीईएस और सॉफ्टवेयर

15. फार्मा और मेडिकल इक्विपमेंट

16. रिन्यूएबल एनर्जी

17. माइनिंग

इन सेक्टर्स के जरिए उत्तर प्रदेश दुनिया को यह दिखाने वाला है कि वह सिर्फ परंपरा का ही नहीं, बल्कि आधुनिक औद्योगिक ताकत का भी प्रतीक है।

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम

UPITS 2025 सिर्फ कारोबार का मेला नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे न केवल निवेश आएगा बल्कि लाखों रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। प्रदेश सरकार चाहती है कि यूपी का हर जिला अपने हुनर से वैश्विक पहचान बनाए और यही कारण है कि यह शो विशेष महत्व रखता है।

पीएम मोदी कर सकते हैं उद्घाटन

खबरें आ रही हैं कि इस ऐतिहासिक आयोजन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो यह कार्यक्रम और भी भव्य हो जाएगा और प्रदेश की अंतरराष्ट्रीय साख में चार चाँद लग जाएंगे। इस मौके पर कई बड़े निवेश समझौतों (MoUs) पर भी हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।

ग्रेटर नोएडा का इंडिया एक्सपो मार्ट 25 से 29 सितंबर तक दुनिया का सबसे बड़ा ट्रेड डेस्टिनेशन बनने जा रहा है। यह आयोजन सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं, पूरे भारत को नई पहचान देगा। UPITS 2025 प्रदेश की औद्योगिक शक्ति, सांस्कृतिक विरासत और भविष्य की संभावनाओं का संगम है। यह आयोजन सही मायने में उत्तर प्रदेश को वैश्विक व्यापार का धड़कता हुआ दिल बनाने जा रहा है।