ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
भारत की हस्तशिल्प परंपरा, नवीनतम फैशन डिजाइनों के साथ जब एक मंच पर मिलती है, तो परिणाम होता है – Indian Fashion Jewellery & Accessories Show (IFJAS) जैसा विश्व स्तरीय आयोजन। ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित आईएफजेएएस 2025 ने अपने 19वें संस्करण में एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि भारतीय शिल्पकला वैश्विक मंच पर अपनी चमक बरकरार रखे हुए है।


67 देशों से आए खरीदार, 325 करोड़ रुपये की पूछताछ!

इस तीन दिवसीय शो (4 से 6 जुलाई 2025) में 67 देशों से आए 400+ विदेशी खरीदारों और 250 से अधिक घरेलू व्यापार प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। ईपीसीएच के अनुसार, शो के दौरान ₹325 करोड़ रुपये की व्यावसायिक पूछताछ दर्ज की गई, जो इस आयोजन की विशाल सफलता का प्रमाण है।


कारीगरी और क्रिएटिविटी का अद्भुत संगम

भारतीय कारीगरों द्वारा प्रस्तुत डिज़ाइनों में परंपरा और आधुनिकता का ऐसा मेल देखने को मिला जिसने हर दर्शक को मंत्रमुग्ध कर दिया। रैंप पर मॉडल्स ने हैंडमेड जूलरी, बेल्ट, हैंडबैग, फैशन एक्सेसरीज़, शॉल, स्कार्फ, डिजाइनर फुटवियर, और ट्रेडिशनल गारमेंट्स का प्रस्तुतिकरण किया जो पूरे आयोजन का आकर्षण केंद्र बना।

ईपीसीएच उपाध्यक्ष सागर मेहता ने कहा –
“आईएफजेएएस 2025 ने देश के कारीगरों को वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका दिया है। कारीगरों ने लाइव डेमोंस्ट्रेशन से खरीदारों को अपनी कला से परिचित कराया।”


India Expo Fashion Jewelry IFJAS 2025

सस्टेनेबल प्रोडक्ट्स ने लूटी वाहवाही

इस बार मेले की खास बात रही – सस्टेनेबल और पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों की उपस्थिति। बांस, जूट, कॉटन, रीसायकल फैब्रिक से बनी जूलरी और एक्सेसरीज़ को विदेशी खरीदारों से बेहतरीन प्रतिक्रिया मिली।

आईईएमएल के चेयरमैन डॉ. राकेश कुमार ने कहा –
“आज के फैशन बाजार में नैतिक सोर्सिंग और सस्टेनेबल निर्माण की मांग तेज़ी से बढ़ रही है और भारतीय डिज़ाइनर इस ट्रेंड को खूबसूरती से पकड़ रहे हैं।”


भारत बना "वन स्टॉप फैशन सोर्सिंग डेस्टिनेशन"

ईपीसीएच के चेयरमैन डॉ. नीरज खन्ना ने अपनी ‘3 गुना 30 तक’ रणनीति साझा की जिसमें कॉन्फिडेंस, कैपेबिलिटी और कैपेसिटी के ज़रिए भारत को वैश्विक फैशन मार्केट में शीर्ष पर लाने की बात कही गई। उनका मानना है कि डिजिटल परिवर्तन, क्षेत्रीय सशक्तिकरण और उत्पाद विविधता के ज़रिए यह संभव है।


कौन-कौन रहे खास प्रदर्शक?

आईएफजेएएस 2025 में 200 से अधिक प्रतिष्ठित प्रदर्शकों ने हिस्सा लिया, जिनमें मुरादाबाद, जयपुर, मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, हैदराबाद जैसे प्रमुख क्लस्टर के कारीगर शामिल थे। छोटे और मध्यम उद्योग, डिज़ाइन स्टार्टअप्स, और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पैर जमाने को उत्सुक उद्यमियों ने अपने लेटेस्ट कलेक्शन प्रदर्शित किए।


अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की प्रतिक्रिया

यूएसए से आए जूलियन हॉफमैन ने कहा –
"भारतीय डिज़ाइनों की विविधता और गुणवत्ता बेजोड़ है। यह आयोजन हमें हर बार नए आपूर्तिकर्ता खोजने का अवसर देता है।"

स्पेन की वेरोनिका फ्रांसिस्का ने कहा –
"यहां की हस्तशिल्प जूलरी में जो आत्मा है, वो कहीं और नहीं दिखती। मुझे हर बार कुछ नया मिलता है।”


India Expo Fashion Jewelry IFJAS 2025

निर्यात में शानदार उछाल

ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक आर. के. वर्मा ने बताया कि वर्ष 2024-25 में भारत का हस्तशिल्प निर्यात ₹33,123 करोड़ (USD 3,918 मिलियन) रहा, जिसमें से फैशन जूलरी और एक्सेसरीज़ का हिस्सा ₹6,252 करोड़ (USD 739 मिलियन) था।
इसमें 7.92% रुपये में और 5.64% डॉलर में वृद्धि दर्ज की गई, जो इस सेक्टर की निरंतर बढ़ती ताकत को दर्शाता है।


आयोजन से क्या मिला भारत को?

  • भारत को एक ग्लोबल फैशन सोर्सिंग हब के रूप में पहचान
  • विदेशी मुद्रा अर्जन में बढ़त
  • छोटे कारीगरों और उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से सीधा जुड़ाव
  • सस्टेनेबल फैशन की ओर एक ठोस कदम
  • डिज़ाइन, गुणवत्ता और नवाचार में भारतीयों की अग्रणी भूमिका की पुष्टि

समापन पर नई उम्मीदें

आईएफजेएएस 2025 न केवल एक फैशन शो था, बल्कि भारतीय कारीगरी, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता की एक उज्ज्वल झलक भी थी। यह आयोजन दिखाता है कि भारत "मेक इन इंडिया" से आगे बढ़कर अब "ब्रांड इंडिया" की ओर कदम बढ़ा चुका है।


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