नोएडा-ग्रेटर नोएडा और लखनऊ पर सरकार का फोकस, IT, AI, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल सेवाओं में बढ़ेंगे अवसर

यूपी, रफ़्तार टूडे। उत्तर प्रदेश में Global Capability Centres (GCC) के क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, करीब 26 ग्लोबल कंपनियां प्रदेश में अपने GCC स्थापित करने की तैयारी में हैं, जिनसे लगभग 22 हजार रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। हालांकि, यह आंकड़ा प्रस्तावित निवेश से जुड़ा है और वास्तविक रोजगार सृजन संबंधित परियोजनाओं के अंतिम अनुमोदन तथा संचालन शुरू होने के बाद स्पष्ट होगा।

GCC ऐसे केंद्र होते हैं, जहां बहुराष्ट्रीय या बड़ी कंपनियां अपनी मूल कंपनी के लिए सूचना प्रौद्योगिकी (IT), रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D), वित्त, मानव संसाधन, डेटा एनालिटिक्स और अन्य डिजिटल एवं बैक-ऑफिस सेवाओं का संचालन करती हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के लिए UP GCC Policy 2024 लागू की है।

नोएडा-ग्रेटर नोएडा को मिल सकता है बड़ा फायदा

GCC के विस्तार में गौतमबुद्ध नगर और विशेष रूप से नोएडा-ग्रेटर नोएडा की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। Invest UP के अनुसार नोएडा पहले से इंजीनियरिंग रिसर्च और प्रोडक्ट डेवलपमेंट का केंद्र बन चुका है और प्रदेश की GCC रणनीति में नोएडा-ग्रेटर नोएडा के साथ लखनऊ को प्रमुख स्थान दिया जा रहा है।

GCC Policy में गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद के लिए अलग निवेश एवं रोजगार मानदंड भी निर्धारित किए गए हैं। इससे बड़े तकनीकी और डिजिटल सेवा केंद्रों के लिए इस क्षेत्र की भूमिका और महत्वपूर्ण हो सकती है।

कंपनियों को मिल रही हैं कई तरह की सुविधाएं

उत्तर प्रदेश की GCC Policy 2024 के तहत पात्र कंपनियों को पूंजीगत निवेश, संचालन लागत, वेतन और कौशल विकास से जुड़े विभिन्न प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। नीति के तहत पात्र GCC को Eligible Capital Investment पर 25 प्रतिशत तक Capital Subsidy, ऑपरेशनल खर्च पर निर्धारित सीमा तक सहायता और Payroll Subsidy का प्रावधान है। इसके अलावा स्थानीय युवाओं की भर्ती, फ्रेशर्स की नियुक्ति, इंटर्नशिप और स्किल डेवलपमेंट के लिए भी प्रोत्साहन दिए गए हैं।

सरकार की नीति का उद्देश्य केवल कंपनियों को प्रदेश में स्थापित करना नहीं, बल्कि उन्हें लंबे समय तक संचालित करने के लिए अनुकूल कारोबारी और तकनीकी वातावरण तैयार करना भी है। GCC Policy के तहत बड़े निवेश और रोजगार वाले प्रोजेक्ट्स के लिए केस-टू-केस आधार पर अतिरिक्त प्रोत्साहन का भी प्रावधान है।

AI और डिजिटल सेक्टर में बढ़ेंगे अवसर

GCC क्षेत्र के विस्तार का असर Artificial Intelligence, Product Engineering, Cybersecurity, Data Analytics, Cloud Computing और Digital Services जैसे क्षेत्रों पर पड़ सकता है। वैश्विक कंपनियां अब GCC को केवल बैक-ऑफिस संचालन तक सीमित रखने के बजाय रिसर्च, प्रोडक्ट इंजीनियरिंग, AI और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे उच्च-मूल्य वाले कार्यों के लिए भी इस्तेमाल कर रही हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार भी GCC को राज्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने की दिशा में काम कर रही है। Invest UP के अनुसार राज्य में GCC के अलावा डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और अन्य तकनीकी क्षेत्रों के लिए भी अलग-अलग सेक्टर आधारित नीतियां लागू हैं।

रोजगार के साथ स्किल डेवलपमेंट पर जोर

GCC निवेश बढ़ने से इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, डेटा साइंस, वित्त और अन्य डिजिटल क्षेत्रों में प्रशिक्षित युवाओं के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं। नीति में इंटर्नशिप और स्किल डेवलपमेंट को प्रोत्साहित करने के प्रावधान भी किए गए हैं, ताकि कंपनियों की जरूरत के अनुरूप स्थानीय प्रतिभाओं को तैयार किया जा सके।

हालांकि, 26 कंपनियों और करीब 22 हजार रोजगार से संबंधित आंकड़े फिलहाल प्रस्तावित निवेश के रूप में देखे जाने चाहिए। इन परियोजनाओं की अंतिम मंजूरी, निवेश का वास्तविक प्रवाह और GCC के संचालन की शुरुआत के बाद ही रोजगार सृजन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। इसके बावजूद, GCC Policy 2024 और नोएडा-ग्रेटर नोएडा के मौजूदा तकनीकी इकोसिस्टम के चलते उत्तर प्रदेश में ग्लोबल डिजिटल और टेक्नोलॉजी ऑपरेशंस के विस्तार की संभावनाएं बनी हुई हैं।