सेक्टर-62 के रामलीला मैदान में 11 दिवसीय श्रीरामलीला महोत्सव का आगाज; पहले दिन नारद मोह, भगवान विष्णु की लीला और रावण के अत्याचारों का हुआ मंचन, 12 अक्टूबर को राम जन्मोत्सव और भजन जैमिंग कार्यक्रम

नोएडा, रफ़्तार टूडे। नोएडा के सेक्टर-62 स्थित रामलीला मैदान में श्रीराम मित्र मंडल नोएडा रामलीला समिति की ओर से आयोजित श्रीरामलीला महोत्सव-2026 का शुभारंभ पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं क्षेत्रीय सांसद डॉ. महेश शर्मा और विधायक पंकज सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके साथ ही 11 दिवसीय रामलीला मंचन का विधिवत आगाज हुआ। इस अवसर पर समिति के पदाधिकारियों ने अतिथियों का स्मृति चिह्न भेंट कर और अंगवस्त्र ओढ़ाकर स्वागत किया। समिति के चेयरमैन उमाशंकर गर्ग, अध्यक्ष धर्मपाल गोयल और महासचिव डॉ. मुन्ना कुमार शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी कार्यक्रम में मौजूद रहे। रामलीला के पहले दिन धार्मिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भक्ति और आस्था के रंग में सराबोर किया।

गणेश वंदना से हुआ रामलीला का शुभारंभ

रामलीला मंचन की शुरुआत श्रीगणेश पूजन और गणेश वंदना के साथ हुई। कलाकारों ने आकर्षक प्रस्तुति देकर उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। इसके बाद मंच पर रामायण के प्रसंगों का मंचन शुरू हुआ, जिसमें भगवान की लीला, अहंकार के अंत और धर्म की स्थापना का संदेश दिया गया।

नारद मोह की लीला ने मोहा दर्शकों का मन

पहले दिन के प्रमुख प्रसंग में नारद मोह की लीला का मंचन किया गया। कथा के अनुसार, नारद जी को अपने तप और सामर्थ्य पर अहंकार हो जाता है। भगवान विष्णु अपने भक्त के अहंकार को दूर करने के लिए अपनी माया से एक नगरी की रचना करते हैं, जहां विश्वमोहिनी नाम की राजकुमारी का स्वयंवर आयोजित होता है। विश्वमोहिनी को देखकर नारद जी मोहित हो जाते हैं और उनसे विवाह करने की इच्छा रखते हैं। इसके लिए वे भगवान विष्णु से सुंदर स्वरूप प्रदान करने का अनुरोध करते हैं। भगवान की लीला के कारण नारद जी को वानर स्वरूप प्राप्त होता है। स्वयंवर में शिवगण उनके स्वरूप को देखकर उपहास करते हैं, जबकि विश्वमोहिनी भगवान विष्णु के गले में वरमाला डाल देती हैं।

इस घटनाक्रम से नारद जी क्रोधित हो जाते हैं और भगवान विष्णु को श्राप दे देते हैं। इस प्रसंग के माध्यम से कलाकारों ने संदेश दिया कि अहंकार व्यक्ति की विवेक-बुद्धि को प्रभावित कर सकता है और भगवान अपने भक्तों के अहंकार का नाश कर उन्हें सही मार्ग दिखाते हैं।

रावण के अत्याचार और श्रीराम कथा का प्रसंग

रामलीला के दौरान लंका के राजा रावण और उसके राक्षसों द्वारा ऋषि-मुनियों पर किए जा रहे अत्याचारों का भी मंचन किया गया। इसके साथ भगवान शिव द्वारा माता पार्वती को श्रीराम कथा सुनाने का प्रसंग प्रस्तुत हुआ। पहले दिन की लीला का समापन भगवान श्रीराम की आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ।

12 अक्टूबर को राम जन्मोत्सव और भजन जैमिंग कार्यक्रम

समिति के अध्यक्ष धर्मपाल गोयल ने बताया कि रामलीला के दूसरे दिन, 12 अक्टूबर को देवताओं की भगवान विष्णु से प्रार्थना, श्रीराम जन्म, विश्वामित्र आगमन, राक्षसों के अत्याचार, ताड़का वध, सुबाहु वध और अहिल्या उद्धार सहित विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। मीडिया प्रभारी मुकेश गुप्ता के अनुसार, 12 अक्टूबर को श्रीराम जन्मोत्सव के अवसर पर भक्ति और संगीत से भरपूर भजन जैमिंग कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रसिद्ध गायक गगन राठौड़ और उनकी मंडली सुमधुर भजनों की प्रस्तुति देंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य श्रीराम जन्मोत्सव को भक्तिमय वातावरण में मनाना और सभी आयु वर्ग के श्रद्धालुओं को भक्ति से जोड़ना है।

समिति के पदाधिकारी और गणमान्य लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम में समिति के कार्यकारी अध्यक्ष राजकुमार गर्ग, कोषाध्यक्ष राजेंद्र गर्ग, सह-कोषाध्यक्ष अनिल गोयल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सतनारायण गोयल, चौधरी रविंद्र सिंह, तरुणराज, पवन गोयल, बजरंग लाल गुप्ता, एस.एम. गुप्ता, गौरव मेहरोत्रा, मुकेश गोयल, मुकेश अग्रवाल, मनोज शर्मा, मीडिया प्रभारी मुकेश गुप्ता, गिरिराज बहेड़िया, चक्रपाणि गोयल, राजेश माथुर, सुधीर पोरवाल, अर्जुन अरोड़ा, आर.के. उप्रेती, साहिल चौधरी, मनीष गोयल और दयाशंकर तिवारी सहित समिति के सदस्य तथा शहर के सैकड़ों गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सेक्टर-62 में शुरू हुआ यह रामलीला महोत्सव आने वाले दिनों में रामायण के विभिन्न प्रसंगों के मंचन और धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के आदर्शों से जोड़ने का प्रयास करेगा।