गोस्वामी सुशील जी महाराज के दिशा-निर्देशन और अध्यक्ष आनंद भाटी के मार्गदर्शन में शुरू हुआ मंचन; 11 से 20 अक्टूबर तक प्रतिदिन शाम 7 बजे होंगी रामलीला की प्रमुख लीलाएं, रामप्रकाश मावी होंगे मुख्य अतिथि

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा में श्री धार्मिक रामलीला मंचन का शुभारंभ 11 अक्टूबर को गणेश पूजन और भगवान शिव-माता पार्वती के विवाह की दिव्य लीला के साथ हुआ। परम श्रद्धेय गोस्वामी सुशील जी महाराज के दिशा-निर्देशन और संस्था के युवा अध्यक्ष आनंद भाटी के मार्गदर्शन में आयोजित रामलीला के पहले दिन श्रद्धालुओं ने भगवान शिव और माता पार्वती की लीला का भावपूर्ण मंचन देखा। इस दौरान भगवान शिव और माता पार्वती के जयकारों से परिसर गूंज उठा।

श्री धार्मिक रामलीला संस्था के अध्यक्ष आनंद भाटी ने बताया कि श्रीराम कथा में भगवान शिव और माता पार्वती की कथा का विशेष महत्व है। माता पार्वती के प्रश्नों के उत्तर में भगवान शिव ने श्रीराम की कथा सुनाई थी। इसी धार्मिक मान्यता को ध्यान में रखते हुए रामलीला के पहले दिन शिव-पार्वती विवाह की लीला का मंचन किया गया।

त्रिपुरासुर के अत्याचार और शिव-पार्वती विवाह की दिखाई गई लीला

पहले दिन के मंचन में दिखाया गया कि जब असुरों का अत्याचार बढ़ने लगा और देवताओं सहित धरती के लोगों का जीवन संकट में पड़ गया, तब देवताओं ने भगवान ब्रह्मा और भगवान विष्णु की सहायता से भगवान शिव को विवाह के लिए तैयार करने की योजना बनाई। कथा के अनुसार, त्रिपुरासुर के अंत के लिए भगवान शिव के पुत्र का जन्म आवश्यक था। इसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह की अद्भुत लीला का मंचन किया गया। कलाकारों की प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। लीला के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान शिव और माता पार्वती के जयकारे लगाए। धार्मिक वातावरण और भक्तिमय प्रस्तुतियों के बीच रामलीला महोत्सव का आगाज हुआ।

20 अक्टूबर तक प्रतिदिन शाम 7 बजे होगा मंचन

श्री धार्मिक रामलीला मंचन 11 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। प्रतिदिन शाम 7 बजे से रामलीला की विभिन्न लीलाओं का मंचन होगा। इस बार मुख्य अतिथि के रूप में BOP बिल्डर्स के चेयरमैन रामप्रकाश मावी का नाम घोषित किया गया है। आयोजकों के अनुसार, इस वर्ष रामलीला और दशहरा महोत्सव को क्षेत्रवासियों के लिए यादगार बनाने के साथ-साथ नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों से परिचित कराने का प्रयास किया जा रहा है।

रामलीला की प्रमुख लीलाएं रहेंगी आकर्षण का केंद्र

आयोजकों की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, रामलीला के आगामी दिनों में कई प्रमुख प्रसंगों का मंचन किया जाएगा।

  • 12 अक्टूबर: नारद मोह लीला, रावण दरबार और देवासुर संग्राम।
  • 13 अक्टूबर: राम जन्म, सीता जन्म, बाल लीला और विद्या अभ्यास।
  • 14 अक्टूबर: ताड़का वध, सीता स्वयंवर और राम बारात।
  • 15 अक्टूबर: कैकेयी-मंथरा संवाद, राम वनवास और चित्रकूट प्रसंग।
  • 16 अक्टूबर: ऋषि मिलन, पंचवटी, शूर्पणखा प्रसंग, सीता हरण और जटायु वध।
  • 17 अक्टूबर: राम-भरत मिलाप, शबरी प्रसंग, राम-हनुमान मिलन, किष्किंधा, बाली वध और अशोक वाटिका।
  • 18 अक्टूबर: लंका दहन, सेतु निर्माण और रावण-अंगद संवाद।
  • 19 अक्टूबर: लक्ष्मण-मेघनाद युद्ध तथा राम-कुंभकरण और रावण युद्ध।

आयोजकों ने बताया कि रामलीला के माध्यम से धार्मिक प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे दर्शकों को मनोरंजन के साथ भारतीय परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को समझने का अवसर मिलेगा।

संस्था के पदाधिकारी और सदस्य रहे मौजूद

शुभारंभ अवसर पर संस्था के संस्थापक गोस्वामी सुशील जी महाराज, राजकुमार नागर, प्रदीप शर्मा, शेर सिंह भाटी, हरवीर मावी, मुख्य संरक्षक नरेश गुप्ता, संरक्षक सुशील नागर, धीरेंद्र भाटी, धीरज शर्मा, बालकिशन सफीपुर, दिनेश गुप्ता, पवन नागर, मनोज गुप्ता, सतीश भाटी, अध्यक्ष आनंद भाटी, महासचिव ममता तिवारी, कोषाध्यक्ष अजय नागर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेश शर्मा बदौली, उमेश गौतम, सत्यवीर मुखिया, रोशनी सिंह, महेश कमांडो, चैन पाल प्रधान, जितेंद्र भाटी, सुभाष भाटी, मनीष डाबर, मीडिया प्रभारी अतुल आनंद, उपाध्यक्ष फिरे प्रधान, पीपी शर्मा, श्याम सुंदर फौजी, यशपाल नागर, सचिव ज्योति सिंह, गीता शागर, राकेश भाटी, भगवत भाटी, तेज कुमार भाटी, सुंदर भाटी, पवन भाटी, वीरपाल मावी और जय शर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। श्री धार्मिक रामलीला समिति को उम्मीद है कि इस वर्ष का रामलीला मंचन और दशहरा महोत्सव क्षेत्रवासियों के लिए आनंददायक और यादगार आयोजन बनेगा तथा धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।