नोएडा प्राधिकरण के विशेष कार्याधिकारी इंदुप्रकाश सिंह सहित गणमान्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया शुभारंभ; पुष्प वाटिका में श्रीराम और माता सीता के मिलन का दृश्य बना आकर्षण

नोएडा, रफ़्तार टूडे। श्रीराम मित्र मंडल नोएडा रामलीला समिति की ओर से आयोजित श्रीरामलीला के तीसरे दिन ताड़का वध, मारीच-सुबाहु प्रसंग, जनकपुर आगमन, पुष्प वाटिका में श्रीराम और माता सीता के प्रथम मिलन तथा माता गौरी पूजन की लीलाओं का भावपूर्ण मंचन किया गया। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंगों से रूबरू कराया। विशेष रूप से पुष्प वाटिका में श्रीराम और माता सीता के मिलन के दृश्य ने दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ नोएडा प्राधिकरण के विशेष कार्याधिकारी इंदुप्रकाश सिंह, सेवानिवृत्त अपर पुलिस महानिदेशक एवं संत स्वामी ब्रह्मबोधि जी महाराज, भाजपा नोएडा के जिलाध्यक्ष महेश चौहान, पूर्व राज्य मंत्री नितिन गुप्ता, डॉ. एस.पी. जैन और नोएडा मीडिया क्लब के अध्यक्ष आलोक द्विवेदी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

समिति के चेयरमैन उमाशंकर गर्ग, अध्यक्ष धर्मपाल गोयल और महासचिव डॉ. मुन्ना कुमार शर्मा ने मुख्य अतिथियों का स्मृति चिह्न भेंट कर और अंगवस्त्र ओढ़ाकर स्वागत किया।

श्रीराम ने किया ताड़का और सुबाहु का वध

रामलीला के पहले दृश्य में महर्षि विश्वामित्र के आश्रम में राक्षसों द्वारा यज्ञ में विघ्न डालने का प्रसंग दिखाया गया। ताड़का, मारीच और सुबाहु के आक्रमण के दौरान भगवान श्रीराम धनुष-बाण उठाकर उनका सामना करते हैं। मंचन में श्रीराम द्वारा ताड़का और सुबाहु का वध तथा मारीच को दूर समुद्र की ओर भेजने का दृश्य प्रस्तुत किया गया। इस प्रसंग के माध्यम से ऋषि-मुनियों की रक्षा, धर्म के प्रति समर्पण और अधर्म के विरुद्ध संघर्ष का संदेश दिया गया। कलाकारों ने संवाद और अभिनय के जरिए इस दृश्य को प्रभावशाली बनाया।

जनकपुर के बाजार और पुष्प वाटिका का मनमोहक दृश्य

अगले प्रसंग में महर्षि विश्वामित्र के साथ श्रीराम और लक्ष्मण जनकपुर पहुंचते हैं। जनकपुर के बाजार में सजी दुकानों, पकवानों और मिठाइयों के दृश्यों के माध्यम से वहां के वातावरण को मंच पर जीवंत किया गया। इसके बाद पुष्प वाटिका में भगवान श्रीराम और माता सीता के प्रथम मिलन का भावपूर्ण दृश्य प्रस्तुत किया गया। इस प्रसंग ने दर्शकों के बीच विशेष आकर्षण पैदा किया। इसके बाद माता सीता द्वारा मनचाहा वर प्राप्त करने की कामना से माता गौरी की पूजा करने की लीला दिखाई गई। इसी के साथ रामलीला के तीसरे दिन के मंचन का समापन हुआ।

14 अक्टूबर को होगा शिव धनुष भंग और परशुराम क्रोध का मंचन

समिति के मीडिया प्रभारी मुकेश गुप्ता ने बताया कि 14 अक्टूबर को रामलीला में राजा जनक द्वारा राजाओं के स्वागत, शिव धनुष उठाने के प्रयास, जनक के प्रति लक्ष्मण के क्रोध, रावण के विवाह मंडप में आगमन, भगवान श्रीराम द्वारा शिव धनुष भंग और भगवान परशुराम के क्रोध से जुड़े प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। इन प्रसंगों में सीता स्वयंवर की कथा और श्रीराम-लक्ष्मण से जुड़े महत्वपूर्ण दृश्य प्रस्तुत किए जाएंगे। रामलीला देखने आने वाले दर्शकों को अगले दिन भी रामायण के प्रमुख प्रसंगों का मंचन देखने का अवसर मिलेगा।

समिति के पदाधिकारी और गणमान्य लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम में समिति के कार्यकारी अध्यक्ष राजकुमार गर्ग, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र गर्ग, सलाहकार मनोज शर्मा, सह-कोषाध्यक्ष अनिल गोयल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सतनारायण गोयल, चौधरी रविन्द्र सिंह, तरुण राज, पवन गोयल, बजरंग लाल गुप्ता, एस.एम. गुप्ता, अजीत चाहर, गौरव मेहरोत्रा, मुकेश गोयल, नवीन पोरवाल, मुकेश अग्रवाल, अनंत वर्मा, गिरिराज बहेडिया, चक्रपाणि गोयल, राजेश माथुर, साहिल चौधरी, कुलदीप गुप्ता, सुधीर पोरवाल, मोतीराम गुप्ता, अर्जुन अरोड़ा, आर.के. उप्रेती, दीपक अग्रवाल और दयाशंकर तिवारी सहित समिति के सदस्य तथा शहर के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। श्रीराम मित्र मंडल नोएडा रामलीला समिति की ओर से आयोजित यह धार्मिक आयोजन रामायण के प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और भगवान श्रीराम के आदर्शों से जोड़ रहा है।