सेक्टर-58 थाने में दर्ज एफआईआर में सुपरटेक इको विलेज-1 के फ्लैट को लेकर विवाद का उल्लेख; शिकायतकर्ता संजीव कुमार ने भुगतान, कब्जा नहीं मिलने और कथित तौर पर फ्लैट दूसरे व्यक्ति को बेचे जाने के आरोप लगाए
ग्रेटर नोएडा वेस्ट, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की रामलीला में इन्वेस्टर्स क्लीनिक के मालिक हनी कत्याल को विशिष्ट अतिथि बनाए जाने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस विवाद के बीच नोएडा के सेक्टर-58 थाने में दर्ज एक एफआईआर में फ्लैट खरीदार संजीव कुमार की ओर से सुपरटेक इको विलेज-1 परियोजना से जुड़ा विवाद दर्ज कराया गया था। शिकायत में फ्लैट की बुकिंग, भुगतान, कब्जा मिलने में देरी और उसी फ्लैट को कथित तौर पर दूसरे व्यक्ति को बेचे जाने समेत कई आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, एफआईआर में आरोप दर्ज होना अपने आप में आरोपों का न्यायिक रूप से साबित होना नहीं है। मामले में हनी कत्याल और अन्य नामजद व्यक्तियों का पक्ष तथा जांच की वर्तमान स्थिति सामने आना भी जरूरी है।
एफआईआर में हनी कत्याल समेत कई लोगों के नाम
शिकायत में संजीव कुमार ने सुपरटेक बिल्डर लिमिटेड से जुड़े अधिकारियों और अन्य व्यक्तियों के साथ हनी कत्याल सहित कई लोगों के नाम दर्ज कराए। उपलब्ध शिकायत विवरण के अनुसार, एफआईआर संख्या 0037 दिनांक 11 फरवरी 2024 बताई गई है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इन्वेस्टर्स क्लीनिक के माध्यम से उन्हें सुपरटेक की इको विलेज-1 परियोजना में फ्लैट बुक कराने के लिए जानकारी दी गई थी। शिकायत के अनुसार, संजीव कुमार ने अपनी पत्नी के साथ फ्लैट बुक कराया और समय-समय पर भुगतान किया। उनका दावा है कि उन्होंने कुल कीमत का बड़ा हिस्सा जमा कर दिया, लेकिन निर्धारित समय में फ्लैट का कब्जा नहीं मिला।
फ्लैट की कीमत और अतिरिक्त शुल्क को लेकर विवाद
शिकायत में संजीव कुमार ने बताया कि फ्लैट की बुकिंग वर्ष 2010 में की गई थी। उनके मुताबिक, फ्लैट की मूल कीमत लगभग 16.03 लाख रुपये तय हुई थी और बाद में उन्होंने कुल करीब 12.69 लाख रुपये का भुगतान किया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि वर्ष 2018 में प्री-पजेशन से जुड़े पत्र के साथ अतिरिक्त बकाया और अन्य शुल्कों की मांग की गई, जिससे फ्लैट की देय राशि काफी बढ़ गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्होंने बिल्डर के कार्यालय में इस अतिरिक्त रकम और देरी से जुड़े शुल्कों पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि उन्हें शुल्क हटाने और फ्लैट का कब्जा दिलाने का आश्वासन दिया जाता रहा, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
फ्लैट दूसरे व्यक्ति को बेचे जाने का आरोप
शिकायत के अनुसार, संजीव कुमार 4 अक्टूबर 2022 को परियोजना स्थल पर अपने फ्लैट की स्थिति देखने पहुंचे। वहां उन्हें कथित तौर पर पता चला कि फ्लैट में कोई अन्य व्यक्ति रह रहा है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उस व्यक्ति ने फ्लैट को अपने नाम बेचे जाने की बात कही। संजीव कुमार ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने बिल्डर पक्ष से संपर्क कर मामले का समाधान कराने की मांग की, लेकिन उन्हें संतोषजनक समाधान नहीं मिला। शिकायत में दस्तावेजों से जुड़ी अनियमितताओं और कथित दुर्व्यवहार के आरोप भी शामिल हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध सामग्री से नहीं होती।
शिकायत में धमकी और मारपीट के आरोप भी शामिल
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि 19 जून 2023 को बिल्डर के कार्यालय में अपने परिचितों के साथ पहुंचने पर उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई तथा जान से मारने की धमकी दी गई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस अधिकारियों को शिकायत भेजने का भी उल्लेख किया। इन आरोपों की जांच की स्थिति, पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई और मामले में किसी न्यायालय के आदेश की जानकारी उपलब्ध दस्तावेजों से स्पष्ट नहीं है। इसलिए इन दावों को संबंधित शिकायतकर्ता के आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
रामलीला में विशिष्ट अतिथि बनाए जाने पर उठे सवाल
हनी कत्याल को ग्रेटर नोएडा वेस्ट की रामलीला में विशिष्ट अतिथि बनाए जाने को लेकर उठ रहे सवालों के बीच आयोजकों का पक्ष भी महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ शिकायत या एफआईआर दर्ज है, तो उसके आधार पर आरोपों को अंतिम रूप से सही नहीं माना जा सकता। दूसरी ओर, सार्वजनिक कार्यक्रमों में अतिथियों के चयन को लेकर सवाल उठाना भी सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा है। इस मामले में हनी कत्याल, इन्वेस्टर्स क्लीनिक और रामलीला आयोजकों का पक्ष उपलब्ध नहीं है। प्रकाशन से पहले उनका जवाब लेना और एफआईआर की प्रमाणित प्रति के साथ पुलिस से मामले की वर्तमान स्थिति की पुष्टि करना जरूरी है।
इन्वेस्टर्स क्लीनिक के मालिक हनी कत्याल की ठगी का एक उदाहरण
इन्वेस्टर्स क्लीनिक के मालिक हनी कत्याल की ठगी के अनेक मामलों में एक मामला नोएडा के सेक्टर 58 थाने में दर्ज FIR में वर्णित है। नोएडा के सेक्टर 58 थाने में यह FIR अपराध संख्या 0037 पर 11 फरवरी 2024 को दर्ज है। इस FIR के आधार पर नोएडा के सेक्टर 58 थाने की पुलिस ने हनी कत्याल के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 406 तथा 420 (IPC) के तहत ठगी का मामला दर्ज कर रखा है। यह FIR किसी दूर-दराज के व्यक्ति ने दर्ज नहीं कराई है। यह FIR ग्रेटर नोएडा वेस्ट के पास में ही ग्रेटर नोएडा शहर के अल्फा-2 सेक्टर में रहने वाले एक राम भक्त ने लिखवाई है।

ग्रेटर नोएडा के रहने वाले राम भक्त संजीव कुमार ने लिखवाई है FIR
आपको बता दें कि नोएडा के सेक्टर 58 थाने में इन्वेस्टर्स क्लीनिक के मालिक हनी कत्याल तथा उसके साथियों के विरुद्ध FIR संख्या 0037 प्रसिद्ध राम भक्त संजीव कुमार ने लिखवाई है। संजीव कुमार ग्रेटर नोएडा के अल्फा-2 सेक्टर में स्थापित गोल्फ विस्टा अपार्टमेंट के रहने वाले हैं। उनके पिता का नाम नारायण दत्त है। संजीव कुमार का पूरा परिवार भगवान श्रीराम का भक्त है। उनके परिवार का स्पष्ट आरोप है कि इन्वेस्टर्स क्लीनिक का मालिक हनी कत्याल राम भक्त नहीं हो सकता है। उनका कहना है कि हनी कत्याल तो ‘‘रावण’’ की तरह छल तथा बल के द्वारा दूसरों को प्रोपर्टी को हड़प कर लेने वाला नागरिक है। संजीव कुमार ने यह भी बताया कि मेरी ही तरह से हनी कत्याल ने सैंकड़ो राम भक्तों के साथ ठगी तथा धोखादड़ी कर रखी हैै।
विरुद्ध दर्ज FIR का विवरण
ऊपर हमने जिस FIR का जिक्र किया है वह FIR नोएडा के सेक्टर 58 थाने में दर्ज है। इस FIR में लिखा गया है कि संजीव कुमार पुत्र श्री नारायण दत्त निवासी फ्लैट नं0 582, गोल्फ विस्टा अपार्टमेंट, अल्फा 2, ग्रेटर नोएडा जनपद गौतम बुद्ध नगर उ प्र मो न 70113XXXXX .. प्रार्थी वनाम 1. सुपरटेक बिल्डर लिमिटेड द्वारा निदेशक 2. आर के अरोडा पुत्र नामालूम 3. मोहित अरोड़ा पुत्र आर0के0 अरोडा 4 जी एल खेडा पुत्र नामालूम 5. राज मंगल पुत्र नामालूम 6. हनी कत्याल 7. रामानुज शर्मा 8 अनुज कुमार शमां पुत्र रामानुज शर्मा 9. 6 अन्य आज्ञात लोग विपक्षीगण अन्तर्गत धारा 153(3) सीआरपीसी थाना सैक्टर 58 नोएडा प्रार्थी/परिवादी निम्न निवेदन करता है। यह कि प्राथी सजीव कुमार पुत्र श्री नारायण दत्त निवासी फ्लैट न 582, गोल्फ विस्टा अपार्टमेंट, अल्फा 2, ग्रेटर नोएडा जनपद गौतम बुद्ध नगर उ0प्र0 के पास इन्वेस्टर क्लिनिक का एक एजेन्ट आया और खौचर, पंपप्लेट आदि दिखाकर बताया कि सुपरटैक बिल्डर एक नया प्रोजेक्ट नोएडा एक्टेंशन (वर्तमान में ग्रेटर नोएडा वेस्ट) लाया है और बहुत ही कम दामों में आपको 2 वेडरुम मात्र 1603 316/- में मिल जायेगा यदि आपको अन्य कोई शंका या जानकारी चाहिये हो तो आप हमारे ऑफिस आकर बात कर सकते हैं हमारे सिनियर और मालिक आपको इसक सबंध में सारी जानकारी दे देगे। 2 यह कि प्रार्थी इसके बाद इंवेस्टर क्लिनिक के सैक्टर 18, नोएडा के आफिस गया और हनी कत्याल से मिला उन्होने भी उक्त प्रोजेक्ट के बारे में अच्छा ही बताया और कहा कि आप हमारे विश्वास पर इसमें इवेस्ट कर सकते हो बिल्डर आपको 1.5-2 साल के अन्दर आपको फ्लैट का पजेशन दे देंगे। आपको हमारा कर्मचारी उक्त प्रोजेक्ट के साईट ऑफिस पर ले जायेगा जहाँ पर बिल्डर के कर्मचारी आपको साईट की विजिट करा देगें। यह की प्रार्थी हनी कत्याल द्वारा भेजे गये कर्मचारी के साथ उपरोक्त प्रोजेक्ट इंको विपेज 1 प्लट नं 8. सेक्टर 1 ग्रेटर नोएडा ऊ प्र पहुँचा और वहाँ पर विपक्षीगण स 1 के कर्मचारी ने साईट की विजिट कराई और विश्वास दिलाया कि आपको आपके फ्लैट का कब्जा 1.5 से 2 साल के अन्दर अन्दर दें देगे। 4 यह कि प्रार्थी उनकी बातों में आ गया और दिनांक 04/04/2010 को विपक्षी 101 के सैक्टर 58 नोएडा के ऑफिस जाकर उनके द्वारा निर्मित प्रोजेक्ट इको विलेज 1 प्लट न 8. सेक्टर 1, ग्रेटर नोएडा ऊ प्र में एक 2 वेडरूम फ्लैट, क्षेत्रफल 795 वर्ग फीट, भूतल पर कसट्रैक्शन लिक प्लान के तहत इवेस्टर क्लिनिक के माध्यम से अपने व अपनी पत्नी श्रीमती शिखा उपाध्याय के नाम से बुक कराया था जिसका बुकिंग फार्म भी उसी दिन भरा गया था (बुकिंग फार्म की फोटोकपी साथ में सलग्न) 15 यह कि प्रार्थी द्वारा बुकिंग धनराशी के तौर पर अपने आई सी आई सी आई बैंक के चैक सं० 945817 के माध्यम से 146817/- का भुगतान किया। उपरोक्त फ्लैट की कुल कीमत सभी मद (ओपन कार पार्किंग मूतल व पार्क फेसिंग PLC) सहित 16,03,316.25/- रुपये थी। है यह कि विपक्षी 1 के कर्मचारियों के द्वारा प्रार्थी को दिनांक 05.05.2010 को टवर न 17 में फ्लैट/यूनिट नं0 0001 अलट किया गया (बुकिंग फार्म/अलटमेट लैटर की फोटोकपी साथ में सलंग्न) 17 यह कि विपक्षी स 1 के द्वारा समय रामय पर बकाया पैसों की डिमाड की जाती रही, जिसको प्रार्थी द्वारा समय समय पर पूरा किया जाता रहा।8 यह कि विपक्षी स 1 के द्वारा उक्त प्रोजेक्ट का कार्य बड़ी धीमी गति से किया जा रहा था। प्रार्थी के द्वारा अनेको बार विपक्षी स 1 के कर्मचारिगणों से अपने फ्लैट के बारे में बात करने पर हर बार एक ही आश्वासन मिलता की बिल्डर द्वारा जल्द ही आपको आपका फ्लैट दिया जायेगा और कब्जा देने में यदि देरी होगी तो देरी की पेनाल्टी भी विपक्षी स 1 प्रार्थी को देगा 19 यह कि इसी प्रकार विपक्षी स 1 के कर्मचारी प्रार्थी को बहलाते रहे और समय निकालते रहे और कहते रहे कि हम आपको उक्त फ्लैट शीघ्र दे देगे। 10 यह कि इसी दौरान प्रार्थी, विपक्षी स 1 के कर्मचारीगणों से फोन पर और उनके सेक्टर 58 नोएडा के कार्यालय जाकर अपडेट लिया करते थे। और, इसी प्रकार विपक्षी स 1 द्वारा लगभग 8 साल का समय निकाल दिया। 11 यह कि विपक्षी स 1 द्वारा प्रार्थी से 3,87.578/- रुपयों की डिमाण्ड की गयी। प्रार्थी द्वारा दिनाक 18/04/2018 को विपक्षी स 1 के सैक्टर 58 नोएडा के कार्यालय पर जाकर अंतिम बार 387578/-रुपयों का भुगतान आर टी जी एस के द्वारा किया। इस प्रकार प्रार्थी द्वारा उक्त फ्लैट की कुल कीमत का लगभग 80 प्रतिशत धनराशी 12,68,952/- रुपयों का भुगतान (पेयमेंट रसीद चैक व बैंक स्टेटमेंट की फोटोकपी साथ में सलग्न) विपक्षी 1 को किया जा चुका था। 12. यह कि प्रार्थी को तब भी विपक्षी से 1 के कर्मचारीयों ने द्वारा यह ही कहा गया कि कुछ महिने और पजेशन मिलने में लगेंगे। प्रार्थी को कुछ दिनों बाद एक प्री-पजेशन लैटर दिनांकित 26.04.2018 प्राप्त हुआ और उसके साथ एक प्री पजेशन आउटस्टैंडिंग स्टेटमेंट का लैटर भी प्राप्त हुआ। जिसमे विपक्षी सं 1 द्वारा अपनी मनमर्जी से भुगतान में दरी के कारण जुर्माना व कई अन्य मदो के चार्ज जोड़कर फ्लैट की प्रार्थी को दी गयी कीमत 16,03,316.25/- से लगभग 12,58,285/- रुपये बढ़ा दी। 13. यह कि प्रार्थी उपरोक्त लैटर को देखकर हक्का बक्का सा रह गया और यह विपक्षी स 1 के सैक्टर 58 नोएडा आफिस पहुँचा और वहाँ पर कोई भी उसकी परेशानी का समाधान करने को तैयार नहीं था।
प्राथी ने अपने फ्लैट की मूल फाइल इस आशा में श्री जीएल खेडा को दे दी कि उस पर अवैधानिक तरीके से लगाई गयी पेनल्टी हट जायेगी। श्री जीएल खेडा ने अपने पास खड़े कर्मचारी, का परिचय करात हुये कहा कि ये राज़ मगल है ये मेरी अनुपस्थिती में ये ही आप से बात करेंगे। 15. यह कि उसके बाद ये दोनो लोग महीने दो महीने में काम कराने की बात कहकर टालते रहे। इस प्रकार प्रार्थी को गुमराह करके कई महीने निकाल दिये। 16. यह कि इसी दौरान प्रार्थी स्वंम और उसके परिवार के कई सदस्य करोना महामारी की चपेट में आकर काफी सीरियस बीमार हो गये और कुछ महीनों के लिये अपने पलैट की स्थिती की जानकारी नहीं ले पाये फिर जब ठीक हुये तो फिर इन लोगों से पता किया तो कहने लगे कि अभी करीना के कारण लक डाउन लग जाने के कारण सारा काम ठप पड़ गया है कुछ समय देना पड़ेगा फिर उन्होने समय निकाल दिया 17. यह कि इसी दौराम दूसरी करीना की लहर में प्रार्थी के माता पिता काफी सीरियस बीमार हो गये और इन सब में कुछ महीने निकल गये । 18 यह कि प्रार्थी ने उसके बाद अपने फ्लैट की जानकारी लेने विपक्षी स 1 के सैक्टर 58 वाले आफिस पहुँचा तो देखा कि विपक्षी स 1 अपना ऑफिस छोडकर जा चुके हैं। 19 यह प्रार्थी ने जाकर साईट आफिस पता किया तो उन्होने नया पता इ स्क्वार, प्लट सी-2 सैक्टर 96 नोएडा का पता दिया और वहाँ जाकर अपनी पैनल्टी और फाइल के बारे में इन लोगों से बात की और कहा कि आपने प्रोजेक्ट पूरा करने में देरी की और मेरे फ्लैट को आज तक कम्पलीट करके नहीं दिया और ऊपर से हम पर ही पेनल्टी लगा दी जबकि पेनल्टी तुमको देनी थीं तो श्री जी एल खेडा और राज मंगल कहने लगे कि तुम्हारी फाइल हमने ऊपर श्री आर के अरोडा जी के पास भेज दी है वो जल्द ही उस पर निर्णय ले लेंगे। इस प्रकार भी कई महीन । निकाल दिये। 20. यह कि उसके बाद प्रार्थी को लगा कि ये लोग जानबूझकर परेशान कर रहे तो प्राथी ने इन लोगों से कहा कि मुझको आर के अरोडा से मीटिंग करनी है, प्रार्थी द्वारा ज्यादा हंगामा किया जा श्री आर के अराडा आकर मिले और अश्वासन दिया कि जल्दी है आपकी पेनल्टी हटा दी जायेगी। 21 यह कि प्रार्थी ने कहा कि कई महीने से मेरे फ्लैट की मूल फाइल इन लोगो ने ले रखी है या तो दिलवा दो तो श्री आर के अरोडा ने फाइल मंगवाकर प्रार्थी को दी प्रार्थी ने जब फाइल चैक की तो उसमें बिल्डर वायर एग्रीमेंट नही था जिसके बारे में जब श्री आर के अरोडा से पूछा किसने निकाल लिया है क्योकि अब तुमको दूसरा बना कर देंगे।22. यह कि प्रार्थी वहाँ से चला आया और फोन और व्यक्तिगत जाकर उनसे मिलकर अपने पलेट के बारे में जानकारी करता रहा। बिल्डर के आफिस पर कमी श्री जी एल खेड़ा और कभी श्री आर के आरोडा कमी दृ मोहित अरोडा मिलता और वो लोग प्रार्थी को गुमराह करते हुये आश्वासन देते कि जल्दी ही तुम्हारी पैनल्टी हटवा देंगे और फ्लैट का कब्जा तुमको दे देगें। 23. यह कि प्रार्थी इसी दौरान 4 अक्टूबर 2022 को साईट पर अपने पलैट पर गया ता प्रार्थी के उक्त पलैट पर अन्य कोई रहने लगा था। प्राथी में जब उससे पूछा तो उसने नाम रामानुज शर्मा बताया और कहा कि विपक्षी स 1 ने उक्त फ्लैट मुझको व मेरे बेटे मुकेश कुमार शर्मा को बेच दिया है। 24. यह कि प्रार्थी की यह सुनकर पैरो तले जमीन खिसक गयी प्रार्थी तुरन्त बिल्डर के आफिस भागा और वहाँ जाकर हगामा किया और कहा कि मैं आप सब के खिलाफ पुलिस में शिकायत करुगा तो कि पहले से बिकी हुयी प्रापर्टी को जाली कागताज बनाकर दूसरे को बेचकर धन अर्जित किया है इतना सुनते ही जी एल खेडा, आर के अरोडा व उसका बेटा मोहित अरोडा व अन्य निदेशक आदि लोग प्रार्थी को आश्वासन देने लगे कि आप चिता न करो वो फ्लैट को हम खाली करा कर तुमको दे देंगे।25. यह कि प्रार्थी ने उसके बाद कई दिनों तक जाकर ऑफिस में जाकर इनसे मिलना बाह लेकिन ये लोग आनाकानी करने लगे दिनांक 19 जून 2023 को प्रार्थी अपने कुछ परिचितों के साथ इनके आफिस पहुंचा तो मोहित अरोडा जी एल खेडा व अन्य कई लोग जिनको सामने आने पर पहचान सकता हूं ने जान से मारने की धमकी देकर गाली गलौज करते हुये अपने गाड़ों के साथ एक राय होकर प्रार्थी और उनके परिचितों को मारपीट करके धक्का मरवाकर ऑफिस के बाहर फिकवा दिया और धमकी दी कि दुबारा इस ऑफिस में आये तो जान से हाथ धो बैठोगे । 26. यह कि प्रार्थी उसी दिन आर के अरोडा के आवास सैक्टर 36 नोएडा पर भी आर के अरोडा, से मिलने गया तो उन्होने प्रार्थी को गाली गलौज करके जान से मारने की धमकी देकर अपने गार्डों से प्रार्थी और उनके मित्रां को भगा दिया। 27. यह कि इसी दौरान प्रार्थी को पता चला कि श्री आर के अरोडा को EID अरेस्ट करके ले गयी है। प्रार्थी की मेहनत की कमाई को इन लोगों ने ठग लिया है और अमानत में ख्यानत करके प्रार्थी की सम्पति और पैसो को हड़प लिया है। प्रार्थी को बेचे हुये फ्लैट को दूसरे व्यक्ति को बेचकर अनुचित लाभ लिया है। प्रार्थी को बाद में पता चला कि ये लोग इसी प्रकार से दूसरे लोगों से ठगी कर चुके हैं। 28 यह कि प्रार्थी के साथ हुयी उक्त घटना कि रिर्पोट लिखाने थाना सैक्टर गया लेकिन उन्होंने प्रार्थी की रिपोट लिखने से मना कर दिया। प्रार्थी ने दिनाँक 10 अगस्त 2023 को पुलिस कमीश्नर गौतम बुद्ध नगर को स्पीड पोस्ट के माध्यम से भी सूचना दी लेकिन आज दिनाँक तक प्रार्थी की रिपोट नहीं लिखी गयी। अतः श्रीमान जी से निवेदन है कि थानाध्यक्ष सैक्टर 58 को आदेशित करें कि श्री आर के अरोडा मोहित अरोडा, जी एल खेडा, राज मंगल, हनी कत्याल और छ सात अन्य आजात लोगों के द्वारा प्रार्थी के साथ की गयी धोखाधड़ी, विक हुये फ्लैट को दुबारा बेचना, अमानत में ख्यानत करना, दस्तावेज चुरा लेना, मार पीट करना, जान से मारने की धमकी देने आदि की रिपोर्ट उचित धाराओं में लिखकर आवश्यक कानूनी कार्यवाही करे।

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