ग्रेटर नोएडा वेस्ट, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की अजनारा होम्स सोसायटी में सोमवार शाम लिफ्ट अचानक रुक जाने से हड़कंप मच गया। टावर M की पैसेंजर लिफ्ट में छोटे बच्चों और बुजुर्गों समेत 13 लोग करीब 20 मिनट तक फंसे रहे। बताया गया कि लिफ्ट ऊपरी मंजिल से नीचे आ रही थी, तभी झटके के साथ बीच फ्लोर पर रुक गई।

लिफ्ट के अंदर लोगों की संख्या अधिक होने के कारण कुछ देर बाद गर्मी बढ़ने लगी। बच्चों के रोने और अंदर से मदद के लिए आवाज लगाने के बाद बाहर मौजूद लोगों को घटना की जानकारी हुई। इसके बाद सुरक्षा गार्ड और मेंटेनेंस टीम मौके पर पहुंची और करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

झटके के साथ बीच फ्लोर पर रुक गई लिफ्ट

जानकारी के अनुसार सोमवार शाम टावर M की पैसेंजर लिफ्ट में कई लोग ऊपर की मंजिल से नीचे आ रहे थे। इसी दौरान लिफ्ट अचानक झटके के साथ रुक गई। लिफ्ट के रुकने के बाद अंदर मौजूद लोगों ने दरवाजा खोलने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। लिफ्ट में बच्चे और सीनियर सिटीजन भी मौजूद थे। दरवाजा नहीं खुलने पर अंदर फंसे लोगों ने इंटरकॉम और इमरजेंसी अलार्म का इस्तेमाल कर मदद मांगने की कोशिश की। इसके अलावा कुछ लोगों ने लिफ्ट का गेट पीटकर बाहर मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

गर्मी बढ़ने से बच्चों और बुजुर्गों की बढ़ी परेशानी

लिफ्ट के अंदर 13 लोगों के फंसे होने के कारण कुछ ही देर में गर्मी और घुटन महसूस होने लगी। इससे बच्चों और बुजुर्गों की परेशानी बढ़ गई। बच्चों के रोने की आवाज बाहर तक पहुंचने पर सोसायटी के अन्य निवासियों को लिफ्ट में लोगों के फंसे होने की जानकारी मिली। इसके बाद सुरक्षा गार्ड और मेंटेनेंस टीम को सूचना दी गई। टीम ने लिफ्ट को सुरक्षित तरीके से फर्स्ट फ्लोर पर लाकर उसका गेट खोला। करीब 20 मिनट बाद अंदर फंसे सभी 13 लोगों को एक-एक करके सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

लिफ्ट के रखरखाव पर उठे सवाल

घटना के बाद सोसायटी के निवासियों ने लिफ्ट के रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। निवासी दिनकर पांडेय का आरोप है कि सोसायटी में लिफ्ट अटकने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। उनका कहना है कि यदि ऐसी स्थिति में समय पर मदद नहीं मिले तो मामला गंभीर हो सकता है। निवासियों की ओर से यह भी आरोप लगाया गया है कि सोसायटी में कुछ लिफ्ट पहले से खराब थीं और घटना के समय संबंधित टावर में चालू लिफ्टों की संख्या कम थी। लोगों ने लिफ्ट की सुरक्षा व्यवस्था, नियमित सर्विसिंग और तकनीकी जांच को लेकर भी चिंता जताई है।

नियमित जांच और इमरजेंसी सिस्टम दुरुस्त रखने की मांग

घटना के बाद निवासियों ने सोसायटी की सभी लिफ्टों की नियमित तकनीकी जांच और रखरखाव कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि लिफ्ट रोजमर्रा की जिंदगी की महत्वपूर्ण सुविधा है और किसी तकनीकी खराबी की स्थिति में फंसे लोगों तक तत्काल मदद पहुंचना जरूरी है। निवासियों ने यह भी मांग की है कि इमरजेंसी अलार्म, इंटरकॉम और अन्य सुरक्षा प्रणालियों की नियमित जांच की जाए और उन्हें हर समय चालू हालत में रखा जाए, ताकि आपात स्थिति में लिफ्ट के अंदर मौजूद लोगों को तुरंत सहायता मिल सके।

पहले भी सुविधाओं को लेकर सामने आ चुके हैं विवाद

अजनारा होम्स सोसायटी में इससे पहले भी रखरखाव और मूलभूत सुविधाओं को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। सितंबर के अंत में डिलीवरी ब्वॉय और बाहरी लोगों के प्रवेश को लेकर निवासियों ने मेंटेनेंस कार्यालय के बाहर विरोध जताया था। उस दौरान भी निवासियों ने सोसायटी की मूलभूत सुविधाओं और मेंटेनेंस व्यवस्था को लेकर नाराजगी जाहिर की थी।

फिलहाल लिफ्ट में फंसे सभी 13 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन इस घटना ने अजनारा होम्स सोसायटी में लिफ्टों के रखरखाव, सुरक्षा उपकरणों और आपात स्थिति में तत्काल राहत पहुंचाने की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब निवासियों की मांग है कि सोसायटी की सभी लिफ्टों की सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता से जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो