YEIDA के सेक्टर-28 में 48 एकड़ जमीन पर शुरू होगी India Chip की यूनिट, HCL Group और Foxconn के संयुक्त उपक्रम से तैयार होगा प्लांट

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी को हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग और सेमीकंडक्टर उद्योग का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के सेक्टर-28 में India Chip Private Limited की सेमीकंडक्टर यूनिट का निर्माण जल्द शुरू होने की तैयारी है। इस परियोजना में करीब 3,706 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है और इसके लिए कंपनी को 48 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। परियोजना के धरातल पर आने के बाद यमुना सिटी और आसपास के क्षेत्रों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

48 एकड़ में तैयार होगी सेमीकंडक्टर यूनिट

India Chip Private Limited को YEIDA के सेक्टर-28 में सेमीकंडक्टर परियोजना के लिए 48 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। कंपनी की ओर से यूनिट स्थापित करने से जुड़ी आवश्यक प्रक्रियाओं और विभिन्न विभागों से जरूरी मंजूरियों की प्रक्रिया पूरी किए जाने के बाद अब निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारियां तेज हो गई हैं। निर्माण स्थल पर स्थायी कार्यालय तैयार होने तक कंपनी के कामकाज के लिए मेडिकल डिवाइस पार्क में YEIDA की इमारत में अस्थायी कार्यालय उपलब्ध कराया जाएगा। बाद में साइट ऑफिस तैयार होने के बाद कंपनी का कार्यालय निर्माण स्थल पर स्थानांतरित किया जाएगा।

HCL Group और Foxconn के संयुक्त उपक्रम से बनेगी यूनिट

India Chip Private Limited इस परियोजना को HCL Group और Foxconn के संयुक्त उपक्रम के रूप में विकसित कर रही है। केंद्र सरकार के सेमीकंडक्टर कार्यक्रम के तहत परियोजना को मंजूरी मिली है। फरवरी 2026 में परियोजना की आधारशिला रखी गई थी। इस यूनिट में मुख्य रूप से Display Driver IC (DDIC) से संबंधित सेमीकंडक्टर तैयार किए जाएंगे। Display Driver IC का इस्तेमाल मोबाइल फोन, लैपटॉप, कंप्यूटर, ऑटोमोबाइल और विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में डिस्प्ले को संचालित करने के लिए किया जाता है।

इस लिहाज से परियोजना को भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हर महीने 20 हजार वेफर्स और 3.6 करोड़ चिप्स उत्पादन की क्षमता

प्रस्तावित परियोजना की क्षमता करीब 20,000 वेफर्स प्रति माह और लगभग 3.6 करोड़ चिप्स प्रति माह बताई गई है। इतनी बड़ी उत्पादन क्षमता भारत में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती है। सेमीकंडक्टर आज आधुनिक अर्थव्यवस्था की लगभग हर प्रमुख तकनीकी जरूरत का आधार हैं। स्मार्टफोन और कंप्यूटर से लेकर ऑटोमोबाइल, औद्योगिक मशीनरी, संचार उपकरण और स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम तक में चिप्स का इस्तेमाल होता है। ऐसे में ग्रेटर नोएडा-यमुना क्षेत्र में सेमीकंडक्टर यूनिट स्थापित होने से यहां इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े दूसरे उद्योगों को भी गति मिलने की संभावना है।

यमुना सिटी में बढ़ेंगे रोजगार और सहायक उद्योग

YEIDA क्षेत्र में सेमीकंडक्टर परियोजना के शुरू होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। परियोजना में इंजीनियर, तकनीकी विशेषज्ञ, मशीन ऑपरेटर, गुणवत्ता नियंत्रण विशेषज्ञ और अन्य कुशल कर्मचारियों की आवश्यकता होगी। इसके अलावा सेमीकंडक्टर प्लांट के आसपास सप्लाई चेन, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, मेंटेनेंस, सर्विस और अन्य सहायक औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार की संभावना है। किसी बड़े हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का प्रभाव केवल उसके परिसर तक सीमित नहीं रहता। उसके साथ कई सप्लायर, सर्विस प्रोवाइडर और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के लिए भी कारोबार के नए अवसर पैदा होते हैं। इससे यमुना सिटी में औद्योगिक गतिविधियों को और गति मिलने की उम्मीद है।

ग्रेटर नोएडा को हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम

ग्रेटर नोएडा और YEIDA क्षेत्र में पहले से ही इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, मेडिकल डिवाइस और अन्य हाईटेक उद्योगों से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट विकसित किए जा रहे हैं। ऐसे में ₹3,706 करोड़ की India Chip परियोजना क्षेत्र के औद्योगिक परिदृश्य को और मजबूत कर सकती है। केंद्र सरकार भी देश में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित करने के लिए लगातार निवेश और परियोजनाओं को बढ़ावा दे रही है। अप्रैल 2026 में सरकार की ओर से बताया गया था कि Semicon India Programme के तहत करीब ₹1.6 लाख करोड़ के निवेश वाली 10 परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है। ग्रेटर नोएडा में India Chip की यूनिट इसी व्यापक सेमीकंडक्टर मिशन का हिस्सा है। परियोजना के निर्माण और संचालन के साथ यमुना सिटी में हाईटेक उद्योग, रोजगार, सप्लाई चेन और सहायक कारोबार के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है।

यमुना सिटी के औद्योगिक भविष्य को मिलेगी नई दिशा

₹3,706 करोड़ के निवेश वाली यह परियोजना केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं, बल्कि ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी में हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। सेमीकंडक्टर निर्माण क्षमता बढ़ने के साथ क्षेत्र में तकनीकी विशेषज्ञता, रोजगार और सहायक उद्योगों का आधार भी मजबूत होने की संभावना है।