ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा के साइट-4 स्थित रामलीला मैदान में श्री रामलीला कमेटी ग्रेटर नोएडा की ओर से आयोजित विजय महोत्सव में रामलीला के तीसरे दिन भक्ति, आस्था और रोमांच से भरपूर प्रसंगों का भव्य मंचन किया गया। भगवान श्रीराम द्वारा अहिल्या के उद्धार और माता सीता द्वारा शिव धनुष उठाने के दृश्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों की सजीव प्रस्तुति ने रामायण के इन प्रसंगों को मंच पर जीवंत कर दिया और पूरा रामलीला मैदान भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो उठा। अब गुरुवार, 15 अक्टूबर को होने वाला धनुष यज्ञ और सीता स्वयंवर रामलीला का प्रमुख आकर्षण रहेगा।

गणेश वंदना के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

रामलीला के तीसरे दिन कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना के साथ हुई। इस अवसर पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के डीजीएम विजय रावल, एसएम राजेश गौतम, भाजपा पिछड़ा वर्ग के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय चौधरी और एमएलसी प्रत्याशी (स्नातक, मेरठ-सहारनपुर) प्रमेन्द्र सिंह भाटी एडवोकेट सहित अन्य गणमान्य लोगों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। श्री रामलीला कमेटी के अध्यक्ष सरदार मनजीत सिंह ने आयोजन की जानकारी देते हुए बताया कि विजय महोत्सव के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों और मर्यादा से जुड़े प्रसंगों को करीब से देखने का अवसर मिल रहा है। रामलीला देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक पहुंच रहे हैं।

भगवान श्रीराम ने किया अहिल्या का उद्धार

कमेटी के महासचिव बिजेंद्र सिंह आर्य ने बताया कि तीसरे दिन की रामलीला में भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के गुरु महर्षि विश्वामित्र के साथ जनकपुरी जाने के प्रसंग का मंचन किया गया। मार्ग में भगवान श्रीराम ने गौतम ऋषि की पत्नी अहिल्या का उद्धार किया। इस प्रसंग को कलाकारों ने भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया, जिसे देखकर दर्शक भावविभोर हो गए। अहिल्या उद्धार का प्रसंग भगवान श्रीराम की करुणा, कृपा और धर्म की स्थापना का संदेश देता है। मंचन के दौरान कलाकारों की भाव-भंगिमाओं और संवादों ने दर्शकों को रामायण की कथा से जोड़े रखा।

माता सीता के शिव धनुष उठाने के दृश्य ने जीता दर्शकों का दिल

जनकपुरी पहुंचने के बाद भगवान श्रीराम और लक्ष्मण ने गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से नगर भ्रमण किया। इसके बाद वाटिका में माता सीता और भगवान श्रीराम के मिलन का सुंदर प्रसंग प्रस्तुत किया गया। माता सीता अपनी सखियों के साथ गौरी पूजन के लिए वाटिका पहुंचती हैं। इसी क्रम में माता सीता द्वारा शिव धनुष उठाने के दृश्य का शानदार मंचन हुआ। माता सीता को शिव धनुष उठाते देखकर दर्शक भावविभोर हो गए। इस प्रसंग ने आगामी सीता स्वयंवर को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ा दी। कलाकारों की प्रभावशाली प्रस्तुति और मंचीय संयोजन ने इस दृश्य को विशेष बना दिया।

कल 50 फीट के शिव धनुष को 55 फीट की ऊंचाई पर तोड़ने का होगा भव्य मंचन

कमेटी के कोषाध्यक्ष मनोज गर्ग ने बताया कि गुरुवार, 15 अक्टूबर को रामलीला में धनुष यज्ञ, सीता स्वयंवर, लक्ष्मण-परशुराम संवाद, चारों भाइयों के विवाह और विदाई समारोह का मंचन किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इस दिन 50 फीट के विशाल शिव धनुष को 55 फीट की ऊंचाई पर खंडित करने का दृश्य विशेष आकर्षण रहेगा। सीता स्वयंवर के दौरान भगवान श्रीराम द्वारा शिव धनुष तोड़ने का प्रसंग दर्शकों के लिए यादगार अनुभव होगा। इसके बाद लक्ष्मण और परशुराम के बीच होने वाला संवाद भी रामलीला के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहेगा।।चारों भाइयों के विवाह और विदाई समारोह के माध्यम से रामायण के पारिवारिक, सांस्कृतिक और धार्मिक मूल्यों को प्रस्तुत किया जाएगा।

कमेटी ने नगरवासियों से परिवार सहित पहुंचने की अपील की

श्री रामलीला कमेटी के संयुक्त महासचिव सौरभ बंसल और मीडिया प्रभारी विनोद कसाना ने नगरवासियों से अपील की कि वे अपने परिवार के साथ रामलीला मैदान पहुंचकर भगवान श्रीराम की लीलाओं का आनंद लें और विजय महोत्सव का हिस्सा बनें। इस अवसर पर कमेटी के अध्यक्ष सरदार मनजीत सिंह, धर्मपाल प्रधान, बिजेंद्र सिंह आर्य, मनोज गर्ग, सौरभ बंसल, विनोद कसाना, हरेंद्र भाटी, ओमप्रकाश अग्रवाल, कुलदीप शर्मा, मुकेश शर्मा, केके शर्मा, मुकुल गोयल, अमित गोयल, अतुल जिंदल, गिरीश जिंदल, कमल सिंह आर्य, सुनील प्रधान, श्यामवीर भाटी, सुभाष चंदेल, अजय चेची, मनोज यादव, अनुज उपाध्याय, अरुण गुप्ता, अंकुर गर्ग, अतुल जैन, मोनू अग्रवाल, विकास, रिंकू, दीपक और राहुल नंबरदार सहित कमेटी के अन्य सदस्य मौजूद रहे।

स्थान: रामलीला मैदान, साइट-4, ग्रेटर नोएडा