पूर्व जीएम रविंद्र तोंगड़ गायत्री हॉस्पिटैलिटी एंड रियल्कॉन कंपनी प्रबंधन पर 72 हजार वर्गमीटर जमीन सब-लीज पर देने का मामला, जांच में और उनकी पत्नी के खिलाफ नहीं मिले पर्याप्त साक्ष्य
नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-1 में गायत्री हॉस्पिटैलिटी एंड रियल्कॉन कंपनी प्रबंधन को 72 हजार वर्गमीटर जमीन सब-लीज पर देने के मामले में नोएडा सेक्टर-20 थाना पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट लगा दी है। अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, शिकायतकर्ता द्वारा और उनकी पत्नी के खिलाफ लगाए गए आरोपों के समर्थन में पुलिस को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले। इसके बाद पुलिस ने मामले को अंतिम रिपोर्ट के साथ बंद कर दिया।
रिपोर्ट के मुताबिक, नोएडा प्राधिकरण ने वर्ष 2011 में ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-1 में गायत्री हॉस्पिटैलिटी एंड रियल्कॉन कंपनी प्रबंधन को करीब 72 हजार वर्गमीटर जमीन लीज पर दी थी। बाद में इस जमीन को सब-लीज पर देने से संबंधित शिकायत सामने आई थी। इसी मामले में पूर्व जीएम और उनकी पत्नी के खिलाफ आरोप लगाए गए थे।
शिकायतकर्ता की ओर से पुलिस को पूर्व जीएम रविंद्र तोंगड़ और उनकी पत्नी के खिलाफ कार्रवाई के लिए साक्ष्य उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया, लेकिन पुलिस जांच में आरोपों की पुष्टि के लिए पर्याप्त प्रमाण नहीं मिले।
27 जुलाई 2026 को दर्ज हुआ था मुकदमा
अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, गायत्री कंपनी के प्रतिनिधि अवि सिंह ने प्राधिकरण और सीएआरसी के तीन निदेशकों समेत कुल 14 लोगों के खिलाफ न्यायालय के आदेश पर 27 जुलाई 2026 को सेक्टर-20 थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने जमीन के आवंटन और उससे संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की। पुलिस के मुताबिक, जांच में सामने आया कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने नियमानुसार गायत्री हॉस्पिटैलिटी एंड रियल्कॉन कंपनी प्रबंधन को सेक्टर-1 स्थित एक भूखंड आवंटित किया था।

भूखंड संख्या में बदलाव का भी हुआ उल्लेख
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि कंपनी प्रबंधन के प्रतिनिधि के आग्रह पर भूखंड संख्या जीएच-11ए को एंटीसमेंट इन्फ्रा कंपनी प्रबंधन तथा जीएच-11बी कॉमन बिल्डिंग को अपडेट किया गया था। पुलिस जांच के दौरान इस प्रक्रिया में आरोपी बनाए गए रविंद्र तोंगड़ और उनके सहयोगियों की किसी प्रकार की संलिप्तता सामने नहीं आने की बात रिपोर्ट में कही गई है। जांच में लगाए गए अन्य आरोपों की भी पुष्टि नहीं हो सकी। पुलिस को उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूर्व जीएम रविंद्र तोंगड़ और उनकी पत्नी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को प्रमाणित करने वाला पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिला।

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