इको-क्लब की पहल में पॉटिंग मिक्स से पौधरोपण तक हुई व्यावहारिक गतिविधियां, अपसाइक्लिंग और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। पर्यावरण जागरूकता और टिकाऊ जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पैरामाउंट गोल्फफॉरेस्ट सोसाइटी के इको-क्लब द्वारा 27 सितंबर को एक विशेष इको-वर्कशॉप का आयोजन किया गया। कार्यशाला में बच्चों और अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान शहरी बागवानी, पौधों की देखभाल, अपसाइक्लिंग और शून्य-अपशिष्ट जीवनशैली से जुड़ी विभिन्न व्यावहारिक गतिविधियां कराई गईं।

कार्यशाला की शुरुआत पॉटिंग मिक्स तैयार करने की जानकारी से हुई। प्रतिभागियों को बताया गया कि स्वस्थ पौधों और मजबूत जड़ प्रणाली के लिए मिट्टी, रसोई से तैयार खाद और कोको पीट का उचित संतुलन किस प्रकार तैयार किया जाता है। विशेषज्ञों ने पॉटिंग मिक्स तैयार करने की प्रक्रिया को प्रदर्शन के माध्यम से समझाया, जिससे बच्चों और अभिभावकों को घरेलू स्तर पर पौधों की बेहतर देखभाल के तरीके सीखने का अवसर मिला।

इसके बाद हैंड्स-ऑन पॉट सेटिंग गतिविधि आयोजित की गई। प्रतिभागियों ने स्वयं पौधों को गमलों में लगाने की प्रक्रिया सीखी। इस दौरान मिट्टी की परत तैयार करने, पौधों की कटिंग को सही तरीके से लगाने और नए पौधों के लिए उचित मात्रा में पानी देने की तकनीक समझाई गई। बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ इन गतिविधियों में हिस्सा लिया और सीखी गई तकनीकों को मौके पर ही प्रयोग करके देखा।

अपसाइक्लिंग से बनाई प्लांट हैंगिंग

कार्यक्रम में कला और रचनात्मकता का भी समावेश किया गया। कला एवं शिल्प शिक्षिका सुश्री तान्या ने इंटरैक्टिव DIY प्लांट हैंगिंग गतिविधि का संचालन किया। उन्होंने अपसाइक्लिंग सामग्री के इस्तेमाल से आकर्षक और उपयोगी प्लांट हैंगिंग तैयार करने की तकनीक प्रतिभागियों को सिखाई। इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों को यह संदेश दिया गया कि घर में अनुपयोगी समझी जाने वाली कई वस्तुओं को रचनात्मक तरीके से दोबारा इस्तेमाल कर पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों में बदला जा सकता है। इससे रचनात्मकता के साथ-साथ पुन: उपयोग और अपशिष्ट कम करने की आदत को भी प्रोत्साहन मिला।

आरती खोसला को ‘इको बडी पेरेंट’ सम्मान

कार्यशाला के दौरान सुश्री आरती खोसला को विशेष रूप से ‘इको बडी पेरेंट’ के रूप में सम्मानित किया गया। इको-क्लब की विभिन्न गतिविधियों में उनके निरंतर सहयोग और बच्चों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उनकी सराहना की गई। बताया गया कि उनके बच्चों रेहान और रूहानी ने पूरे वर्ष इको-क्लब की गतिविधियों में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। इस योगदान के लिए आरती खोसला के प्रोत्साहन और सहयोग को विशेष रूप से रेखांकित किया गया।

BYOC के जरिए जीरो-वेस्ट का संदेश

कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण के संदेश को केवल गतिविधियों तक सीमित नहीं रखा गया। जलपान के दौरान Bring Your Own Cutlery (BYOC) व्यवस्था का पालन किया गया। प्रतिभागियों से अपनी व्यक्तिगत कटलरी लाने के लिए कहा गया, जिससे डिस्पोजेबल प्लास्टिक और अन्य एकल-उपयोग सामग्री के इस्तेमाल को कम करने का संदेश दिया गया। आयोजकों के अनुसार, इस व्यवस्था के माध्यम से कार्यशाला को जीरो-वेस्ट इवेंट मॉडल के रूप में आयोजित करने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रत्येक प्रतिभागी को इको-क्लब का सूचनात्मक हैंडआउट और रोपण योग्य बीज पेंसिल प्रदान की गई। कार्यशाला के माध्यम से बच्चों और अभिभावकों को पर्यावरण संरक्षण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने, घर पर छोटे स्तर पर बागवानी करने, कचरे का पुन: उपयोग करने और एकल-उपयोग सामग्री को कम करने का संदेश मिला। आयोजन ने सोसाइटी के निवासियों के बीच टिकाऊ जीवनशैली और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक सार्थक पहल प्रस्तुत की।