700 मीटर लंबे अंडरपास का निर्माण पूरा होने का इंतजार, जनवरी 2026, 30 जून और 15 अगस्त की समयसीमा निकलने के बाद अब चौथी डेडलाइन पर टिकी निगाहें; रैंप, सड़क की फिनिशिंग और लाइटिंग समेत कई काम बाकी

ग्रेटर नोएडा वेस्ट, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा वेस्ट में ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए बनाया जा रहा गौर सिटी अंडरपास अब खुद देरी की कहानी बनता जा रहा है। वर्षों से जाम की समस्या से परेशान स्थानीय निवासियों और रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को जिस परियोजना से राहत की उम्मीद थी, वह अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। अंडरपास को चालू करने के लिए पहले जनवरी 2026, फिर 30 जून और उसके बाद 15 अगस्त की समयसीमा निर्धारित की गई, लेकिन तीनों तारीखें निकल गईं। अब इसे दिवाली से पहले शुरू करने का लक्ष्य बताया जा रहा है। ऐसे में लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस बार अंडरपास का इंतजार खत्म होगा या फिर उन्हें एक नई समयसीमा का सामना करना पड़ेगा?

गौर सिटी चौक ग्रेटर नोएडा वेस्ट के प्रमुख यातायात मार्गों में शामिल है। यहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग नौकरी, कारोबार, स्कूल, कॉलेज, बाजार और दूसरे जरूरी कामों के लिए आते-जाते हैं। गौर सिटी और आसपास की आवासीय सोसायटियों में आबादी बढ़ने के साथ वाहनों का दबाव भी बढ़ा है। खासकर सुबह और शाम के व्यस्त समय में सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लगने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में गौर सिटी अंडरपास को इस समस्या से राहत दिलाने वाली महत्वपूर्ण परियोजना के रूप में देखा जा रहा है।

तीन डेडलाइन निकल गईं, अब दिवाली से पहले शुरू होने की उम्मीद

गौर सिटी अंडरपास के निर्माण को लेकर सबसे बड़ा सवाल इसकी समयसीमा को लेकर है। परियोजना का निर्माण वर्ष 2024 में शुरू हुआ था और इसे लगभग 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। इसके बाद अंडरपास को चालू करने के लिए अलग-अलग समयसीमाएं सामने आईं। सबसे पहले जनवरी 2026 तक इसे शुरू करने की बात कही गई। इसके बाद 30 जून और फिर 15 अगस्त की तारीख तय की गई, लेकिन निर्धारित समय तक काम पूरा नहीं हो सका।

अब दिवाली से पहले अंडरपास को शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, नई समयसीमा को लेकर लोगों की उम्मीदों के साथ सवाल भी जुड़े हैं। पिछली तीन समयसीमाएं निकलने के बाद स्थानीय निवासियों को यह देखना है कि शेष निर्माण कार्य निर्धारित समय में पूरे होते हैं या नहीं। किसी भी परियोजना की वास्तविक उपयोगिता तभी सामने आती है, जब निर्माण पूरा होने के साथ आम लोगों के लिए उसका संचालन भी शुरू हो जाए।

700 मीटर लंबा अंडरपास, लागत 60 करोड़ से बढ़कर 92 करोड़ रुपये

गौर सिटी चौक पर बन रहा अंडरपास करीब 700 मीटर लंबा है। शुरुआती दौर में इस परियोजना की लागत लगभग 60 करोड़ रुपये बताई गई थी, लेकिन निर्माण के दौरान बिजली की लाइनों और अन्य जरूरी सुविधाओं से जुड़े कार्यों के कारण लागत बढ़कर करीब 92 करोड़ रुपये हो गई। इसके अतिरिक्त, रैंप पर बारिश से बचाव के लिए शेड लगाने पर लगभग सात करोड़ रुपये खर्च होने की बात भी सामने आई है। परियोजना की बढ़ी हुई लागत और निर्माण में हो रही देरी के बीच अब लोगों की अपेक्षा है कि काम को जल्द पूरा करके अंडरपास को यातायात के लिए खोल दिया जाए। हालांकि, लागत बढ़ने के कारणों और शेड पर प्रस्तावित खर्च की विस्तृत आधिकारिक जानकारी के बिना इन मदों के खर्च का अलग-अलग आकलन करना उचित नहीं होगा। फिलहाल आम लोगों के लिए सबसे अहम मुद्दा यह है कि परियोजना कब पूरी होगी और इसका लाभ कब मिलना शुरू होगा।

मुख्य निर्माण के बाद भी बाकी हैं कई जरूरी काम

अंडरपास का मुख्य निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी इसे वाहनों की आवाजाही के लिए तैयार करने की प्रक्रिया में कुछ काम बाकी बताए जा रहे हैं। इनमें रैंप का निर्माण, सड़क की फिनिशिंग, सड़क पर ट्रैफिक संबंधी निशान बनाना और लाइटें लगाना शामिल हैं। बारिश के कारण भी निर्माण कार्य की गति प्रभावित होने की बात कही गई है। इन कामों को पूरा करना इसलिए जरूरी है, क्योंकि किसी अंडरपास को केवल निर्माण संरचना तैयार होने के आधार पर चालू नहीं किया जा सकता। सड़क की सतह, वाहनों के प्रवेश और निकास की व्यवस्था, पर्याप्त रोशनी तथा यातायात सुरक्षा से जुड़े इंतजाम भी आवश्यक हैं। जब तक संबंधित काम पूरे नहीं हो जाते और मार्ग को सुरक्षित संचालन के लिए तैयार नहीं कर लिया जाता, तब तक वाहन चालकों को अपेक्षित राहत नहीं मिल सकती। अब निगाहें इस बात पर हैं कि निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों की ओर से शेष कार्य कितनी तेजी से पूरे किए जाते हैं। यदि सभी जरूरी काम समय पर पूरे हो जाते हैं, तो दिवाली से पहले अंडरपास शुरू करने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। लेकिन इसकी पुष्टि वास्तविक प्रगति और आधिकारिक उद्घाटन या संचालन संबंधी सूचना से ही होगी।

अंडरपास शुरू हुआ तो सूरजपुर-गाजियाबाद रोड पर मिलेगी राहत?

गौर सिटी अंडरपास शुरू होने से सूरजपुर-गाजियाबाद रोड पर यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है। इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को अक्सर चौराहे के आसपास वाहनों के दबाव का सामना करना पड़ता है। अंडरपास चालू होने से संबंधित यातायात को वैकल्पिक मार्ग मिलने और चौराहे पर वाहनों का दबाव कम होने की संभावना है। हालांकि, जाम से राहत कितनी मिलेगी, यह अंडरपास की डिजाइन, किन दिशाओं से वाहनों को गुजरने की अनुमति होगी, प्रवेश और निकास की व्यवस्था तथा आसपास की सड़कों पर यातायात प्रबंधन जैसे कारकों पर निर्भर करेगा। अंडरपास शुरू होने के साथ यदि आसपास के प्रमुख मार्गों और चौराहों पर भी बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन किया जाता है, तो इसका लाभ अधिक व्यापक हो सकता है।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बड़ी संख्या में लोग निजी वाहनों से रोजाना आवागमन करते हैं। ऐसे में यातायात संबंधी किसी भी बड़ी परियोजना में देरी का असर सीधे लोगों के दैनिक जीवन पर पड़ता है। जाम में फंसने से समय की बर्बादी होती है और नौकरी, स्कूल तथा अन्य जरूरी गतिविधियों के लिए निकलने वाले लोगों की दिनचर्या प्रभावित होती है।

गौर सिटी-2 में लंबे जाम का वीडियो वायरल, फिर चर्चा में आई समस्या

गौर सिटी-2 के अंदर शनिवार देर शाम लगे लंबे जाम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद क्षेत्र की यातायात समस्या फिर चर्चा में आ गई। एक ऊंची इमारत से बनाए गए वीडियो में सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें दिखाई देने का दावा किया गया है। यह दृश्य ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बढ़ते यातायात दबाव और सड़क व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों की चिंताओं को सामने लाता है। हालांकि, किसी एक वीडियो के आधार पर पूरे क्षेत्र की यातायात स्थिति का आकलन नहीं किया जा सकता, लेकिन व्यस्त समय में लगने वाला जाम लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण समस्या है। गौर सिटी, गौर सिटी-2 और आसपास की आवासीय सोसायटियों से निकलने वाले वाहनों का दबाव सड़क नेटवर्क पर पड़ता है। ऐसे में अंडरपास जैसी परियोजनाओं का समय पर पूरा होना जरूरी माना जा रहा है।

लोगों को इंतजार नहीं, तय समय पर काम पूरा होने की जरूरत

गौर सिटी अंडरपास की तीन समयसीमाएं निकलने के बाद अब दिवाली से पहले इसे शुरू करने का लक्ष्य सामने है। परियोजना की लागत करीब 92 करोड़ रुपये तक पहुंचने और निर्माण में लगातार देरी के बीच लोगों की अपेक्षा है कि शेष कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। साथ ही, संबंधित विभागों की ओर से निर्माण की मौजूदा स्थिति और अंडरपास चालू करने की वास्तविक समयसीमा को लेकर स्पष्ट जानकारी दी जाए।

फिलहाल अंडरपास के शुरू होने की तारीख को लेकर अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में यह कहना जल्दबाजी होगी कि दिवाली से पहले यातायात शुरू हो ही जाएगा। अब देखना होगा कि चौथी समयसीमा पर काम पूरा होता है या ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों को जाम से राहत के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा।