विश्व गठिया दिवस पर मरीजों को नियमित व्यायाम, संतुलित जीवनशैली और समय पर चिकित्सकीय सलाह के प्रति किया जागरूक; विद्यार्थियों ने भी कार्यक्रम में लिया हिस्सा

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। विश्व गठिया दिवस के अवसर पर कैलाश इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज की ओर से ग्रेटर नोएडा के बिसरख स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में जागरूकता एवं बचाव कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को गठिया रोग के लक्षणों, समय पर पहचान, उचित देखभाल और बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करना था। इस दौरान मरीजों को जोड़ों की सेहत बनाए रखने और नियमित शारीरिक गतिविधियों के महत्व की जानकारी दी गई।

समय पर पहचान और उचित देखभाल जरूरी

कार्यक्रम के दौरान संस्थान की समन्वयक डॉ. आकांक्षा तिवारी ने गठिया रोग के प्रति जागरूकता, समय पर पहचान और उपचार के महत्व पर अपने विचार रखे। उन्होंने बताया कि नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित जीवनशैली और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार व्यायाम करने से जोड़ों की गतिशीलता बनाए रखने तथा दैनिक गतिविधियों को बेहतर ढंग से करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने लोगों को शरीर में लगातार दर्द, जोड़ों में सूजन या अकड़न जैसी समस्याओं को नजरअंदाज न करने और आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय परामर्श लेने के लिए प्रेरित किया।

मरीजों को बताए सुरक्षित व्यायाम के तरीके

कार्यक्रम में सुश्री शालिनी और श्री भानु यादव ने विद्यार्थियों के साथ सक्रिय सहभागिता की। उन्होंने मरीजों को गठिया से संबंधित उपयोगी जानकारी दी और ऐसे सरल व्यायामों के बारे में बताया, जो जोड़ों की गतिशीलता बनाए रखने तथा अकड़न कम करने में सहायक हो सकते हैं। इस दौरान मरीजों को समझाया गया कि व्यायाम करते समय अपनी शारीरिक क्षमता और चिकित्सक की सलाह का ध्यान रखना जरूरी है। किसी भी गतिविधि के दौरान दर्द बढ़ने या असुविधा होने पर सावधानी बरतने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

सामुदायिक स्वास्थ्य के प्रति संस्थान की पहल

कैलाश इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज की ओर से शिक्षा के साथ-साथ सामुदायिक स्वास्थ्य और जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ समाज को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी उपलब्ध कराना और लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। कार्यक्रम के माध्यम से मरीजों को गठिया रोग के प्रति जागरूक रहने, जोड़ों की देखभाल करने और जरूरत पड़ने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने का संदेश दिया गया।