लाइव पिच सेशन, इंडस्ट्री केस चैलेंज और कॉर्पोरेट मेंटर्स के साथ संवाद; सरकारी योजनाओं से भी जोड़े गए छात्र
ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। शारदा यूनिवर्सिटी में उत्तर प्रदेश सरकार की पहल ‘UP Rise 2026’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को इंडस्ट्री सेक्टर, सरकारी योजनाओं, एंटरप्रेन्योरशिप और तेजी से उभरते करियर विकल्पों से जोड़ना रहा। आयोजकों के अनुसार, यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश के 30 संस्थानों में चलाए जा रहे राज्यव्यापी अभियान का हिस्सा था। UP Rise 2026 के माध्यम से विद्यार्थियों को इंडस्ट्री लीडर्स, सरकारी योजनाओं के विशेषज्ञों और एंटरप्रेन्योरशिप से जुड़े मेंटर्स के साथ संवाद का अवसर मिला। कार्यक्रम में युवाओं के बीच स्किल डेवलपमेंट, इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप और रोजगारपरक सोच को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
लाइव पिच और इंडस्ट्री केस चैलेंज में छात्रों ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने लाइव पिच सेशन, इंडस्ट्री केस चैलेंज तथा कॉर्पोरेट रिक्रूटर्स और मेंटर्स के साथ संवाद में हिस्सा लिया। इंडस्ट्री केस चैलेंज के माध्यम से विद्यार्थियों को वास्तविक कारोबारी और सामाजिक समस्याओं पर काम करने तथा उनके व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करने का अवसर मिला। इस गतिविधि के जरिए विद्यार्थियों को समस्या समाधान, एनालिटिकल थिंकिंग, इनोवेशन और टीमवर्क जैसी क्षमताओं को विकसित करने का अवसर मिला। कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों की अकादमिक पढ़ाई और इंडस्ट्री की व्यावहारिक जरूरतों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना रहा।

सरकारी योजनाओं की जानकारी के साथ मौके पर रजिस्ट्रेशन
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और अवसरों की जानकारी भी दी गई। छात्रों ने CM युवा योजना, PMKVY, मिशन शक्ति, ODOP और ODOC जैसी योजनाओं के लिए मौके पर ही रजिस्ट्रेशन कराया। आयोजकों के अनुसार, इस तरह के प्रयासों का उद्देश्य युवाओं को उपलब्ध सरकारी अवसरों की जानकारी देने के साथ उन्हें स्वरोजगार, कौशल विकास और रोजगार के विभिन्न विकल्पों से जोड़ना है।
UP Rise 2026 बदलाव का प्लेटफॉर्म: पारितोष आनंद
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पारितोष आनंद ने अपने संबोधन में कहा कि UP Rise 2026 केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छात्रों को शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी कम करने का अवसर देने वाला प्लेटफॉर्म है। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री विशेषज्ञों और सरकारी अधिकारियों के साथ संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों को करियर के नए अवसरों, एंटरप्रेन्योरशिप के रास्तों और प्रतिस्पर्धी माहौल में आगे बढ़ने के लिए जरूरी स्किल्स की जानकारी मिली।
उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल युवाओं को सशक्त बनाने और उन्हें देश की विकास यात्रा में अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार करने में सहायक हो सकती है।

इंडस्ट्री केस चैलेंज रहा प्रमुख आकर्षण: डॉ. अमित सहगल
शारदा यूनिवर्सिटी लॉन्चपैड के डायरेक्टर डॉ. अमित सहगल ने कहा कि UP Rise 2026 का प्रमुख आकर्षण ‘इंडस्ट्री केस चैलेंज’ रहा। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को वास्तविक दुनिया की कारोबारी और सामाजिक समस्याओं को समझने तथा उनके समाधान तलाशने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों ने विद्यार्थियों की समस्या समाधान क्षमता, विश्लेषणात्मक सोच, नवाचार और टीमवर्क स्किल्स को विकसित करने में मदद की। साथ ही इससे अकादमिक शिक्षा और इंडस्ट्री की वास्तविक कार्यप्रणाली के बीच की दूरी कम करने का अवसर मिला।
डॉ. अमित सहगल ने कहा कि विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने नए अवसरों को अपनाने और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होने की उनकी क्षमता को प्रदर्शित किया। उनके अनुसार, UP Rise 2026 ने इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप और टैलेंट डेवलपमेंट के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश में उपलब्ध संभावनाओं को सामने रखा।
VC डॉ. सिबाराम खारा समेत कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम के दौरान शारदा यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. सिबाराम खारा, डॉ. प्रमोद कुमार, डॉ. मोहित साहनी सहित विश्वविद्यालय के अन्य गणमान्य अधिकारी, शिक्षक, इंडस्ट्री प्रतिनिधि, मेंटर्स और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम का समापन सकारात्मक प्रतिक्रिया के साथ हुआ और UP Rise 2026 को छात्रों के करियर विकास, इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप और रोजगारपरक कौशल से जोड़ने वाली पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया।

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