लिफ्ट खराब होने, पानी के रिसाव, जलभराव, सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रदर्शन; महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने सड़क पर उतरकर जताया विरोध, एक महीने में हैंडओवर प्रक्रिया शुरू करने की मांग
ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर ओमीक्रॉन-1 स्थित सुपरटेक सीजर सोसायटी में मेंटेनेंस व्यवस्था को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। रविवार को सोसायटी के निवासियों ने खराब रखरखाव और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के विरोध में प्रदर्शन किया। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों समेत बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतरे और मेंटेनेंस एजेंसी वाईजी एस्टेट के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने एजेंसी को हटाने, सोसायटी की व्यवस्थाओं में सुधार करने और लंबे समय से लंबित समस्याओं का स्थायी समाधान कराने की मांग उठाई। निवासियों का आरोप है कि सोसायटी में लंबे समय से कई समस्याएं बनी हुई हैं। इन समस्याओं को लेकर शिकायतें करने के बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं हो पा रहा है। लोगों का कहना है कि आवासीय सोसायटी में रहने वाले परिवारों को बुनियादी सुविधाओं के लिए लगातार परेशान होना पड़ रहा है। इसी नाराजगी के चलते रविवार को लोगों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया और इसके बाद धरने पर बैठ गए।
प्रदर्शनकारियों ने साफ किया कि उनकी मांग केवल अस्थायी मरम्मत तक सीमित नहीं है। वे चाहते हैं कि मेंटेनेंस व्यवस्था की जवाबदेही तय हो, शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए और सोसायटी की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। निवासियों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा।
लिफ्टों की खराबी से बुजुर्गों और बच्चों को परेशानी
सोसायटी के निवासियों ने लिफ्टों की खराब स्थिति को प्रमुख समस्या बताते हुए नाराजगी जताई। उनका कहना है कि लिफ्टें आए दिन खराब हो जाती हैं, जिससे ऊंची मंजिलों पर रहने वाले परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। विशेष रूप से बुजुर्गों, छोटे बच्चों और उन लोगों के लिए स्थिति अधिक कठिन हो जाती है, जिन्हें सीढ़ियों से आने-जाने में दिक्कत होती है। निवासियों के मुताबिक, लिफ्ट किसी भी बहुमंजिला आवासीय सोसायटी की सबसे जरूरी सुविधाओं में शामिल है। ऐसे में उसका नियमित रखरखाव और खराब होने पर समय से मरम्मत होना आवश्यक है। लोगों की मांग है कि लिफ्टों की तकनीकी जांच कराई जाए और उनकी कार्यशीलता सुनिश्चित करने के लिए नियमित रखरखाव की प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए।
पानी का रिसाव, जलभराव और गंदगी से भी नाराजगी
प्रदर्शन के दौरान पानी के रिसाव, जलभराव, सफाई और जल निकासी से संबंधित समस्याओं को लेकर भी सवाल उठाए गए। निवासियों का कहना है कि इन समस्याओं का असर सोसायटी के दैनिक जीवन पर पड़ता है और इनके समाधान के लिए नियमित निगरानी की जरूरत है। लोगों के अनुसार, जल निकासी की व्यवस्था ठीक रहना और परिसर में साफ-सफाई बनाए रखना मेंटेनेंस प्रबंधन की अहम जिम्मेदारियों में शामिल है। यदि पानी जमा होता है या रिसाव की समस्या लंबे समय तक बनी रहती है, तो निवासियों को असुविधा होती है। इसलिए लोगों ने मांग की कि संबंधित स्थानों की जांच कराई जाए और समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए।
निवासियों का आरोप है कि शिकायतें करने के बावजूद समस्याओं का अपेक्षित समाधान नहीं हो रहा है। इसी वजह से अब वे मेंटेनेंस एजेंसी में बदलाव की मांग कर रहे हैं।
चोरी की घटनाओं और सांप-बंदरों की मौजूदगी से सुरक्षा की चिंता
सोसायटी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी निवासियों ने अपनी चिंता जाहिर की। प्रदर्शनकारियों ने चोरी की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि परिसर में सुरक्षा और निगरानी के इंतजाम प्रभावी होने चाहिए। उनका कहना है कि सोसायटी में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना जरूरी है। इसके अलावा बंदरों की मौजूदगी और सांप दिखाई देने की समस्या को लेकर भी लोगों ने चिंता जताई। निवासियों के मुताबिक, ऐसी परिस्थितियों में बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। परिसर की नियमित देखरेख, साफ-सफाई और जरूरत के अनुसार सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की मांग की गई।
लोगों का कहना है कि सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों को भी मेंटेनेंस और संबंधित प्रबंधन की प्राथमिकताओं में शामिल किया जाना चाहिए। हालांकि, चोरी की घटनाओं और अन्य सुरक्षा संबंधी शिकायतों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। निवासियों ने इन मुद्दों की जांच कर उचित कदम उठाने की मांग की है।

पर्याप्त कर्मचारी नहीं होने का आरोप, शिकायतों के निस्तारण पर सवाल
सुपरटेक सीजर एओए के अध्यक्ष संजीव चौधरी ने मेंटेनेंस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि सोसायटी में रखरखाव के काम के लिए पर्याप्त संख्या में कर्मचारी तैनात नहीं हैं। उनके अनुसार, कर्मचारियों की कमी के कारण निवासियों की शिकायतों का समय पर निस्तारण नहीं हो पा रहा है। उन्होंने बताया कि समस्याओं को लेकर कई बार शिकायतें की गई हैं, लेकिन अपेक्षित सुधार देखने को नहीं मिला। निवासियों का कहना है कि मेंटेनेंस एजेंसी की जिम्मेदारी केवल शिकायत दर्ज करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। शिकायत मिलने के बाद उसकी जांच, मरम्मत और समाधान की प्रक्रिया भी समयबद्ध तरीके से पूरी होनी चाहिए।
लोगों की मांग है कि सोसायटी में कर्मचारियों की उपलब्धता, उनके कार्यों की निगरानी और शिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था की समीक्षा की जाए। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि निवासियों को बार-बार एक ही समस्या के लिए शिकायत न करनी पड़े।
वाईजी एस्टेट को हटाने की मांग, एक महीने में हैंडओवर प्रक्रिया शुरू करने पर जोर
प्रदर्शन कर रहे निवासियों की प्रमुख मांग है कि वाईजी एस्टेट को सोसायटी की मेंटेनेंस व्यवस्था से हटाया जाए। लोगों का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था से वे संतुष्ट नहीं हैं और अब प्रबंधन में बदलाव चाहते हैं। इसके साथ ही उन्होंने एक महीने के भीतर व्यवस्थित हैंडओवर प्रक्रिया शुरू करने की मांग रखी है। निवासियों के अनुसार, हैंडओवर प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए। इसमें रखरखाव से जुड़े रिकॉर्ड, उपकरणों की स्थिति, लंबित शिकायतों और अन्य जरूरी जानकारियों का व्यवस्थित हस्तांतरण किया जाना चाहिए, ताकि आगे की व्यवस्था संभालने में परेशानी न हो। हालांकि, वाईजी एस्टेट को हटाने और हैंडओवर की प्रक्रिया को लेकर अंतिम निर्णय संबंधित पक्षों की औपचारिक कार्रवाई पर निर्भर करेगा। फिलहाल निवासियों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने का रुख अपनाया है।
प्रशासन से हस्तक्षेप और व्यवस्थाओं की जांच कराने की मांग
सोसायटी के निवासियों ने प्रशासन से भी मामले में हस्तक्षेप करने और मूलभूत सुविधाओं की स्थिति की जांच कराने की मांग की है। उनकी अपेक्षा है कि लिफ्टों, जल निकासी, सफाई, पानी के रिसाव और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों की समीक्षा की जाए। यदि किसी स्तर पर कमियां पाई जाती हैं, तो उन्हें दूर करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।।निवासियों का कहना है कि सोसायटी में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित वातावरण और जरूरी सुविधाएं मिलनी चाहिए। इसके लिए मेंटेनेंस एजेंसी, एओए और संबंधित अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। लोगों की मांग है कि समस्याओं के समाधान के लिए स्पष्ट समयसीमा तय की जाए और उस पर अमल सुनिश्चित किया जाए।
फिलहाल सुपरटेक सीजर सोसायटी में मेंटेनेंस व्यवस्था को लेकर विरोध जारी है। निवासी वाईजी एस्टेट को हटाने और एक महीने के भीतर हैंडओवर प्रक्रिया शुरू करने की मांग पर अड़े हैं। अब देखना होगा कि संबंधित प्रबंधन और प्रशासन निवासियों की शिकायतों पर क्या कदम उठाते हैं और सोसायटी की मूलभूत सुविधाओं में सुधार के लिए कार्रवाई कब तक शुरू होती है।

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