‘जानें, सुरक्षित रहें और आवाज उठाएं’ अभियान के तहत डायमंड पब्लिक स्कूल में आयोजित हुआ कम्युनिटी कनेक्ट कार्यक्रम; बच्चों को गुड टच-बैड टच और सुरक्षित व्यवहार की दी गई जानकारी
ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। बच्चों को उनके अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा और यौन अपराधों से संरक्षण के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से शारदा यूनिवर्सिटी के शारदा स्कूल ऑफ लॉ ने ग्रेटर नोएडा के कासना स्थित डायमंड पब्लिक स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। ‘जानें, सुरक्षित रहें और आवाज उठाएं’ थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों को POCSO कानून, व्यक्तिगत सुरक्षा और असुरक्षित व्यवहार की पहचान के बारे में जानकारी दी गई। यह पहल यूनिवर्सिटी के ‘कम्युनिटी कनेक्ट’ कार्यक्रम का हिस्सा रही। इसके माध्यम से कानूनी शिक्षा को कक्षा से बाहर समुदाय तक पहुंचाने और बच्चों की सुरक्षा के प्रति सामाजिक जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।
गुड टच-बैड टच और व्यक्तिगत सुरक्षा पर संवाद
कार्यक्रम के दौरान कम्युनिटी कनेक्ट से जुड़े विद्यार्थियों ने स्कूली बच्चों के साथ संवाद किया। उन्हें गुड टच-बैड टच, शरीर पर अपने अधिकार, व्यक्तिगत सुरक्षा और अनुचित व्यवहार को पहचानने जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई। बच्चों को समझाया गया कि किसी भी असहज या असुरक्षित स्थिति में चुप रहने के बजाय किसी भरोसेमंद वयस्क से मदद मांगना और अपनी बात स्पष्ट रूप से रखना जरूरी है। साथ ही, उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर जागरूक रहने और जरूरत पड़ने पर आवाज उठाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
प्री और पोस्ट असेसमेंट से परखा जागरूकता का स्तर
कार्यक्रम के प्रभाव का आकलन करने के लिए प्री-असेसमेंट और पोस्ट-असेसमेंट गतिविधियां आयोजित की गईं। इन गतिविधियों के माध्यम से सत्र से पहले और बाद में बच्चों की समझ का तुलनात्मक आकलन किया गया। आयोजकों के अनुसार, इस आकलन से बच्चों की सुरक्षा संबंधी जागरूकता में आए बदलाव को समझने में मदद मिली। इसके निष्कर्ष कम्युनिटी कनेक्ट पहल के शोध संबंधी कार्यों में भी योगदान देंगे।

कानूनी शिक्षा से बच्चों को सशक्त बनाने पर जोर
शारदा स्कूल ऑफ लॉ के डीन प्रो. (डॉ.) ऋषिकेश दवे ने कहा कि यह पहल केवल जागरूकता अभियान तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों को ज्ञान, आत्मविश्वास और अपनी सुरक्षा के लिए आवाज उठाने का साहस देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि कानूनी शिक्षा को सामुदायिक गतिविधियों से जोड़कर शिक्षण संस्थान बच्चों के सुरक्षित भविष्य के निर्माण में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
प्रो. ऋषिकेश दवे और प्रो. तारकेश मोलिया के नेतृत्व में आयोजन
कार्यक्रम का आयोजन शारदा स्कूल ऑफ लॉ के डीन प्रो. (डॉ.) ऋषिकेश दवे और विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) तारकेश मोलिया के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम का समन्वय SSOL के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मनवेंद्र सिंह ने किया। उन्हें कम्युनिटी कनेक्ट के डायरेक्टर श्री भरत सिंह का मार्गदर्शन मिला।
क्लासरूम से समुदाय तक कानूनी जागरूकता की पहल
यह कार्यक्रम शारदा यूनिवर्सिटी की उस पहल को दर्शाता है, जिसके तहत कानूनी शिक्षा को व्यावहारिक सामाजिक जरूरतों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। बच्चों की सुरक्षा, कानूनी जागरूकता और समुदाय को सशक्त बनाने पर केंद्रित ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का अवसर भी मिलता है।

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