CAQM की गाइडलाइंस, CTE-CTO प्रक्रिया, DG सेट के मानकों और वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों पर हुई चर्चा; उद्यमियों की तकनीकी एवं कानूनी समस्याओं का किया गया समाधान
ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। औद्योगिक इकाइयों में पर्यावरणीय नियमों के प्रभावी अनुपालन और वायु प्रदूषण पर नियंत्रण को लेकर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB), क्षेत्रीय कार्यालय ग्रेटर नोएडा तथा इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन (IBA) के संयुक्त तत्वावधान में उद्यमी जागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। ग्रेटर नोएडा के इकोटेक-1 स्थित IBA मुख्यालय में आयोजित इस कार्यशाला में जनपद के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से 70 से अधिक उद्यमियों और उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अधिकारियों ने उद्योगों को पर्यावरणीय नियमों, नवीनतम दिशा-निर्देशों और जरूरी अनुपालन प्रक्रियाओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, ग्रेटर नोएडा के क्षेत्रीय अधिकारी विकास मिश्रा अपनी तकनीकी टीम के साथ मौजूद रहे। टीम में रंजीत सिंह, विवेक कुमार, राजेन्द्र कुमार और अजीत श्रीवास्तव शामिल थे। अधिकारियों ने वायु प्रदूषण नियंत्रण, पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक इकाइयों में निर्धारित मानकों के पालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की गाइडलाइंस और उद्योगों के लिए लागू पर्यावरणीय व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की गई।
उद्योगों के वर्गीकरण से लेकर CTE-CTO प्रक्रिया तक समझाए नियम
कार्यशाला में उद्योगों की White, Green, Orange और Red श्रेणियों के वर्गीकरण के बारे में बताया गया। इसके अलावा Consent to Establish (CTE) और Consent to Operate (CTO) प्राप्त करने की प्रक्रिया तथा उद्योगों में जरूरी पर्यावरणीय अनुमतियों और अनुपालन की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने Air Pollution Control Devices (APCD) के सही इस्तेमाल पर जोर देते हुए Scrubber, Bag Filter, Dust Collector और Chimney जैसे उपकरणों की भूमिका समझाई। Boiler, Furnace, Oven, Heat Treatment, Powder Coating और Electroplating सहित विभिन्न औद्योगिक प्रक्रियाओं में लागू पर्यावरणीय मानकों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
DG सेट के मानकों और प्रदूषण नियंत्रण पर विशेष जोर
कार्यशाला में DG सेट से संबंधित दिशा-निर्देशों पर भी जानकारी दी गई। आयोजकों की ओर से उपलब्ध कराए गए विवरण के अनुसार, अधिकारियों ने 24 KVA से कम क्षमता वाले जनरेटरों के संबंध में अतिरिक्त अनुमति और Dual Fuel (CNG + Diesel) में परिवर्तन की आवश्यकता को लेकर वर्तमान प्रावधानों की जानकारी दी। निर्धारित क्षमता से अधिक के DG सेट के लिए चिमनी की निर्धारित ऊंचाई, उत्सर्जन मानकों (Emission Norms), Acoustic Enclosure और ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण सहित संबंधित पर्यावरणीय मानकों के पालन पर जोर दिया गया।
इसके साथ ही उद्योगों में वायु प्रदूषण कम करने के प्रभावी उपाय, प्रदूषण नियंत्रण प्रणालियों का सही संचालन, निरीक्षण के दौरान आवश्यक दस्तावेज और अनुपालन में होने वाली सामान्य गलतियों पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने नोटिस जारी होने की परिस्थितियों, पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति (Environmental Compensation) और विभागीय नियमों के पालन से जुड़े पहलुओं को स्पष्ट किया। उद्यमियों ने अपनी इकाइयों से संबंधित तकनीकी और कानूनी प्रश्न पूछे, जिनका अधिकारियों ने विस्तार से जवाब दिया।
उद्योगों की समस्याओं के समाधान के लिए विभाग से संपर्क करने की अपील
क्षेत्रीय अधिकारी विकास मिश्रा ने IBA की ओर से आयोजित जागरूकता कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का उद्देश्य उद्योगों को पर्यावरणीय नियमों के प्रति जागरूक करना और उनका प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराना है। उन्होंने उद्यमियों से अपील की कि पर्यावरणीय या तकनीकी समस्या होने पर वे विभाग से सीधे संपर्क करें, ताकि समय रहते समाधान किया जा सके। उन्होंने भविष्य में भी IBA के सहयोग से ऐसे जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की इच्छा जताई।

IBA ने कहा—उद्योगों को नवीनतम नियमों से अवगत कराना प्राथमिकता
IBA अध्यक्ष अमित कुमार उपाध्याय ने कहा कि वर्तमान समय में प्रत्येक औद्योगिक इकाई के लिए पर्यावरणीय नियमों की सही जानकारी रखना और समय पर उनका पालन करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि IBA उद्योगों के हितों की रक्षा करने के साथ-साथ उद्यमियों को सरकारी नियमों और प्रक्रियाओं में होने वाले बदलावों से अवगत कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से संगठन विभिन्न सरकारी विभागों के सहयोग से जागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा। उन्होंने सभी उद्यमियों से पर्यावरण संरक्षण को अपनी औद्योगिक और सामाजिक जिम्मेदारी मानते हुए निर्धारित मानकों का पालन करने का आह्वान किया।
IBA पदाधिकारी और बड़ी संख्या में उद्यमी रहे मौजूद
कार्यक्रम में IBA अध्यक्ष अमित कुमार उपाध्याय, महासचिव सुनील दत्त शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कृष्ण शर्मा, उपाध्यक्ष अजय राणा, कोषाध्यक्ष राकेश अग्रवाल, जॉइंट सेक्रेटरी विकास राय और सेक्टर सचिव वीरेन्द्र प्रताप रावल उपस्थित रहे। इसके अलावा कार्यकारिणी सदस्य सिमरन खत्री, संजय पंचाल, हर्ष कुमार, विमलेश कुमार, सन्नी कुमार, संजय त्यागी, मुकेश कुमार, पूरन कुमार और राहुल नम्बरदार, IBA के वरिष्ठ सदस्य जेद रहमान तथा सदस्य डॉ. चंचल कुमार वार्ष्णेय, चरणजीत सिंह सलूजा और अनूप कुमार सिंह सहित विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। कार्यशाला के माध्यम से उद्यमियों को पर्यावरणीय अनुपालन की व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराने, विभाग और उद्योगों के बीच संवाद मजबूत करने तथा औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।

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