पूर्व रेलवे स्टेट ट्रेनिंग कमिश्नर सुदेश शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर किया उद्घाटन; 20 अक्टूबर को शाम 5 बजे होगा रावण दहन, रामलीला में प्रवेश निःशुल्क

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा के साइट-4 स्थित रामलीला मैदान में श्री रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित भव्य रामलीला मंचन का शुभारंभ 12 अक्टूबर को गणेश वंदना और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पूर्व कमिश्नर एवं नॉर्दर्न रेलवे की पूर्व स्टेट ट्रेनिंग कमिश्नर सुदेश शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर रामलीला मंचन का विधिवत उद्घाटन किया। पहले दिन भगवान श्रीराम की महिमा, रावण और उसके भाइयों की तपस्या तथा धरती पर बढ़ते अत्याचारों से जुड़े प्रसंगों का मंचन किया गया।

गणेश वंदना से शुरू हुई रामलीला, मंच पर जीवंत हुए पौराणिक प्रसंग

श्री रामलीला कमेटी के अध्यक्ष सरदार मंजीत सिंह ने बताया कि रामलीला मंचन की शुरुआत गणेश वंदना के साथ की गई। आयोजन का उद्देश्य धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाना तथा लोगों को रामायण के प्रसंगों से जोड़ना है। कमेटी के महासचिव विजेंद्र सिंह आर्य ने बताया कि प्रथम दिन की लीला में शिव-पार्वती संवाद के माध्यम से भगवान श्रीराम की कथा का वर्णन किया गया। इसके बाद नारद मुनि के पृथ्वी भ्रमण और तपस्या के प्रसंग का मंचन हुआ। दूसरी ओर रावण, कुंभकर्ण और विभीषण ने ब्रह्मा जी की तपस्या की। तपस्या से प्रसन्न होकर ब्रह्मा जी ने तीनों भाइयों को वरदान दिया।

वरदान प्राप्त करने के बाद रावण धरती पर अत्याचार करने लगता है। राक्षसों के अत्याचार से परेशान ऋषि-मुनि भगवान विष्णु से रक्षा की प्रार्थना करते हैं। इस पर भगवान विष्णु प्रकट होकर उन्हें आश्वासन देते हैं कि वह शीघ्र ही धरती पर जन्म लेकर उनके कष्टों को दूर करेंगे। इन प्रसंगों के माध्यम से धर्म की रक्षा और अधर्म पर विजय का संदेश प्रस्तुत किया गया।

13 अक्टूबर को होगा श्रीराम जन्म और ताड़का वध का मंचन

कमेटी के कोषाध्यक्ष मनोज गर्ग ने बताया कि 13 अक्टूबर को रामलीला में कई महत्वपूर्ण प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। इनमें रावण-वेदमती संवाद, विष्णु-कौशल्या संवाद, श्रीराम जन्म, सीता जन्म, ताड़का वध और सुबाहु वध प्रमुख हैं। इन लीलाओं के माध्यम से दर्शकों को रामायण की कथा के अगले महत्वपूर्ण पड़ाव देखने को मिलेंगे।

20 अक्टूबर को शाम 5 बजे होगा रावण दहन

कमेटी के मीडिया प्रभारी विनोद कसाना ने बताया कि 12 से 20 अक्टूबर तक प्रतिदिन शाम 7:30 बजे से रामलीला का मंचन किया जाएगा। वहीं, 20 अक्टूबर को शाम 5 बजे से दशहरा पर्व के अवसर पर रावण दहन का आयोजन होगा। दर्शकों की सुविधा के लिए रामलीला मैदान में बैठने की व्यापक व्यवस्था की गई है। आयोजकों के मुताबिक, मैदान में लगभग 12 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। वीआईपी क्षेत्र में सोफे और सामान्य दर्शक क्षेत्र में कुर्सियां लगाई गई हैं। रामलीला मंचन देखने के लिए प्रवेश निःशुल्क रहेगा। सामान्य दर्शक क्षेत्र में पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर सीटें मिलेंगी, जबकि वीआईपी क्षेत्र में प्रवेश के लिए पास अनिवार्य होगा।

सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान

आयोजकों ने बताया कि मेले और रामलीला के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कमेटी की ओर से सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं। पुलिस प्रशासन भी सुरक्षा व्यवस्था पर निगरानी रख रहा है, ताकि दर्शक परिवार के साथ कार्यक्रम का आनंद ले सकें और किसी अप्रिय घटना की आशंका को कम किया जा सके। रामलीला मंचन के साथ आयोजित होने वाले मेले में भी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में दर्शकों की सुविधा, बैठने की व्यवस्था और सुरक्षा को आयोजन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है।

कमेटी के पदाधिकारी और सदस्य रहे मौजूद

उद्घाटन अवसर पर सरदार मंजीत सिंह, विजेंद्र सिंह आर्य, धर्मपाल प्रधान, मनोज गर्ग, सौरभ बंसल, विनोद कसाना, कुलदीप शर्मा, कमल सिंह आर्य, हरेंद्र भाटी, केके शर्मा, अमित गोयल, मुकेश शर्मा, मुकुल गोयल, चाचा हिंदुस्तानी, सुनील प्रधान, अनिल कसाना बदौली, गिरीश जिंदल, अतुल जिंदल, अतुल जैन, सुरेश गर्ग (मोनू), विशाल जैन, मनोज यादव, श्यामवीर भाटी, श्रीचंद भाटी, विकास भाटी, रिंकू, दीपक, राहुल, अनुज, प्रभाकर देशमुख और प्रमोद मास्टर सहित कमेटी के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। श्री रामलीला कमेटी ने लोगों से रामलीला मंचन और दशहरा महोत्सव में शामिल होने की अपील की है।