ग्रेटर नोएडा में सपा की प्रेस वार्ता, जिलाध्यक्ष इन्दर प्रधान ने SIR और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल; राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भाटी ने विरोध प्रदर्शन की घोषणा की

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। समाजवादी पार्टी की गौतमबुद्ध नगर इकाई की ओर से शुक्रवार को स्वर्ण नगरी स्थित प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इसमें पार्टी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। सपा नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर भाजपा के पक्ष में काम करने के आरोप लगाए और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पार्टी के जिलाध्यक्ष इन्दर प्रधान ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और SIR के दौरान लिए गए फैसलों से नागरिकों के संवैधानिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया के जरिए वोटों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, ये आरोप समाजवादी पार्टी की ओर से लगाए गए हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

इन्दर प्रधान ने निर्वाचन आयोग के भीतर निर्णय प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि पिछले करीब 10 महीनों के दौरान चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने आयोग के कुछ फैसलों पर आपत्ति दर्ज की तथा कुछ निर्णयों की जानकारी उन्हें नहीं दिए जाने की बात सामने आई। निर्वाचन आयोग की ओर से हाल में इन आरोपों पर स्पष्टीकरण दिया गया है। आयोग ने कहा है कि SIR से संबंधित आदेश और कार्यक्रम आयोग के तीनों सदस्यों—मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी—की सर्वसम्मति से मंजूर किए गए थे। आयोग ने यह भी कहा कि भविष्य की बैठकों के लिए एजेंडा पहले साझा किया जाएगा और बैठक के मिनट्स जारी किए जाएंगे।

2 से 8 अक्टूबर तक ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’

सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भाटी ने प्रेस वार्ता में कहा कि पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और गिरफ्तारी की मांग को लेकर 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ मनाएगी। उन्होंने कहा कि इस अभियान के दौरान पार्टी SIR और मतदाता सूची से जुड़े अपने सवालों को जनता के बीच ले जाएगी। प्रदीप भाटी ने आरोप लगाया कि भाजपा को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से कथित तौर पर वोटों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन करेगी और कुछ स्थानों पर मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन भी किया जाएगा। सपा नेताओं ने कहा कि अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची, चुनाव प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े सवालों को सार्वजनिक बहस का हिस्सा बनाना है।

निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर राजनीतिक बहस तेज

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 19 फरवरी 2025 को भारत के 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाला था। निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, उनके साथ वर्तमान में चुनाव आयुक्त के रूप में डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी कार्यरत हैं। SIR और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर हाल के दिनों में राजनीतिक दलों के बीच मतभेद सामने आए हैं। विपक्षी दलों ने प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए विरोध प्रदर्शन और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की है। वहीं निर्वाचन आयोग ने अपनी प्रक्रिया का बचाव करते हुए कहा है कि मतदाता सूची के सत्यापन और सुधार का उद्देश्य चुनावी सूची को नियमों के अनुरूप बनाए रखना है।

सपा की गौतमबुद्ध नगर इकाई ने कहा कि 2 अक्टूबर से शुरू होने वाले कार्यक्रमों के जरिए पार्टी अपने कार्यकर्ताओं और आम लोगों के बीच चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को उठाएगी। पार्टी नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े विषयों पर सार्वजनिक चर्चा जरूरी है।

प्रेस वार्ता में ये नेता रहे मौजूद

प्रेस वार्ता में सपा के प्रदेश सचिव विनय पाल प्रमुख, फकीर चंद नागर, सुधीर भाटी, परमेन्द्र भाटी, विनोद लोहिया, विक्रम टाइगर, रामशरण नागर, मिंटी खारी, दीपक शर्मा, अकबर खान, अवनीश भाटी, विकास जतन भाटी, विकास भनौता, कुलदीप भाटी, प्रशांत भाटी, सुभाष भाटी, अजय चौधरी, सुमित शर्मा, वकील सिद्दकी, रूबी नागर, शिमला सागर, हारून सैफी और सत्यप्रकाश नागर समेत पार्टी के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। सपा ने स्पष्ट किया कि ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ के दौरान पार्टी SIR, मतदाता सूची और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े अपने सवालों को प्रमुखता से उठाएगी। अभियान के दौरान होने वाले कार्यक्रमों में विरोध प्रदर्शन भी शामिल होंगे।