हरनंदीपुरम आवासीय योजना के लिए GDA को मिली 40% भूमि, 100 हेक्टेयर के लिए किसानों की सहमति
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने 202.34 हेक्टेयर भूमि की कराई रजिस्ट्री, प्रथम चरण के लेआउट प्लान को बोर्ड की मंजूरी; RERA पंजीकरण के बाद आम लोगों के लिए लॉन्च होगी योजना
गाजियाबाद, रफ़्तार टूडे। गाजियाबाद में सुनियोजित शहरी विकास को गति देने के लिए प्रस्तावित हरनंदीपुरम आवासीय योजना को लेकर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) के अनुसार, लगभग 501 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित की जाने वाली इस योजना के लिए अब तक 202.3455 हेक्टेयर भूमि की रजिस्ट्री प्राधिकरण के पक्ष में पूरी हो चुकी है। इसके अतिरिक्त करीब 100 हेक्टेयर भूमि के लिए किसानों की सहमति भी मिल गई है, जिसके बैनामे की प्रक्रिया जारी है। प्राधिकरण किसानों की आपसी सहमति से भूमि जुटाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है। इस योजना का उद्देश्य गाजियाबाद में नियोजित आवासीय विकास को बढ़ावा देना और लोगों को व्यवस्थित आवासीय सुविधाओं के विकल्प उपलब्ध कराना है।
प्रथम चरण के लेआउट प्लान को मिली मंजूरी
हरनंदीपुरम योजना के प्रथम चरण का लेआउट प्लान प्राधिकरण बोर्ड से अनुमोदित हो चुका है। इसके साथ ही योजना के RERA पंजीकरण के लिए आवेदन भी किया जा चुका है। पंजीकरण मिलने के बाद प्रथम चरण को आम लोगों के लिए लॉन्च करने की तैयारी है। GDA के उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल के अनुसार, योजना के तहत नागरिकों को अपनी जरूरतों और निवेश संबंधी अपेक्षाओं के अनुरूप विभिन्न विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।

आवासीय भूखंडों से लेकर ग्रुप हाउसिंग तक होंगे विकल्प
प्राधिकरण के मुताबिक, हरनंदीपुरम योजना में नियोजित आवासीय भूखंडों के साथ वाणिज्यिक स्थलों और ग्रुप हाउसिंग जैसे विकल्पों की व्यवस्था प्रस्तावित है। इससे आवास की जरूरत रखने वाले लोगों और निवेश के अवसर तलाश रहे नागरिकों को अलग-अलग श्रेणियों में विकल्प मिल सकेंगे। योजना को आगे बढ़ाने के लिए भूमि की उपलब्धता, किसानों की सहमति और आवश्यक नियामकीय प्रक्रियाओं को पूरा करना महत्वपूर्ण होगा। RERA पंजीकरण के बाद ही प्रथम चरण की लॉन्चिंग से जुड़ी औपचारिक जानकारी सामने आएगी।
भूमि जुटाने की प्रक्रिया पर रहेगी नजर
लगभग 501 हेक्टेयर में प्रस्तावित हरनंदीपुरम योजना के लिए अब तक 202.3455 हेक्टेयर भूमि की रजिस्ट्री पूरी होना और करीब 100 हेक्टेयर के लिए सहमति मिलना प्राधिकरण की भूमि जुटाने की प्रक्रिया की मौजूदा स्थिति को दर्शाता है। आगे की प्रगति किसानों के साथ सहमति, बैनामों और योजना से जुड़ी औपचारिक मंजूरियों पर निर्भर करेगी। योजना के प्रथम चरण के लॉन्च, भूखंडों की उपलब्धता, कीमतों और आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी RERA पंजीकरण तथा प्राधिकरण की आधिकारिक घोषणा के बाद स्पष्ट होगी।

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