लखनऊ में आयोजित अलंकरण समारोह में 26 पुलिसकर्मियों को पदक, 10 को मुख्यमंत्री वीरता पदक और 16 को विशिष्ट सेवा पदक; 87 नए इंटरसेप्टर वाहनों को भी दिखाई गई हरी झंडी

लखनऊ/नोएडा, रफ़्तार टूडे। उत्तर प्रदेश पुलिस में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के दौरान किए गए उल्लेखनीय कार्यों और पुलिस सेवा में योगदान के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। राजधानी लखनऊ स्थित लोक भवन में आयोजित पुलिस अलंकरण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सेंट्रल नोएडा के अपर पुलिस उपायुक्त (ADCP) स्वतंत्र कुमार सिंह को वीरता पदक प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें प्रशस्ति पत्र और पदक देकर सम्मानित किया।

समारोह में प्रदेश के कुल 26 पुलिसकर्मियों को पदक प्रदान किए गए। इनमें 10 पुलिसकर्मियों को मुख्यमंत्री वीरता पदक और 16 पुलिसकर्मियों को विशिष्ट सेवा पदक दिया गया। सम्मानित पुलिसकर्मियों में स्वतंत्र कुमार सिंह का नाम भी शामिल रहा। उनके पूर्व सेवा कार्यों और चुनौतीपूर्ण पुलिस अभियानों में निभाई गई भूमिका के आधार पर यह सम्मान दिए जाने की जानकारी सामने आई है।

अपराध के खिलाफ अभियानों में भूमिका

स्वतंत्र कुमार सिंह वर्तमान में सेंट्रल नोएडा में अपर पुलिस उपायुक्त के पद पर तैनात हैं। इससे पहले विभिन्न स्थानों पर पुलिस सेवा के दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण से जुड़े अभियानों में जिम्मेदारियां संभाली हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनके सेवा कार्यों में अपराधियों के खिलाफ चलाए गए अभियानों तथा चुनौतीपूर्ण ऑपरेशनल गतिविधियों में भूमिका भी शामिल रही है।

उनके वीरता पदक के संदर्भ में कफ सिरप के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई और कुछ चुनौतीपूर्ण पुलिस ऑपरेशनों का उल्लेख किया गया है। हालांकि, किसी भी पुलिस अभियान या मुठभेड़ से जुड़े मामले का अंतिम मूल्यांकन संबंधित सरकारी रिकॉर्ड, जांच और लागू कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही किया जाता है। पुलिस अधिकारियों के लिए इस तरह के सम्मान का उद्देश्य चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कर्तव्य निभाने वाले कर्मियों को प्रोत्साहित करना और पुलिस बल में पेशेवर जिम्मेदारी तथा साहस को मान्यता देना होता है।

जौनपुर से पुलिस सेवा तक का सफर

स्वतंत्र कुमार सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के रहने वाले बताए जाते हैं। उन्होंने इतिहास विषय में स्नातकोत्तर यानी एमए की शिक्षा प्राप्त की है। वर्ष 2012 बैच के PPS अधिकारी के रूप में पुलिस सेवा में आने के बाद उन्होंने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में जिम्मेदारियां संभालीं। नोएडा और गाजियाबाद क्षेत्र में भी उनकी तैनाती रही है। इन क्षेत्रों में उन्होंने अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और पुलिस ऑपरेशनों से जुड़ी जिम्मेदारियां निभाईं। वर्ष 2026 में उन्हें ACP पद से ADCP के पद पर पदोन्नत किया गया। वर्तमान में वह सेंट्रल नोएडा में अपर पुलिस उपायुक्त के रूप में कार्यरत हैं।

शूटिंग में भी सक्रिय भागीदारी

पुलिस सेवा के अलावा स्वतंत्र कुमार सिंह की पहचान शूटिंग खेल से भी जुड़ी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वह राष्ट्रीय स्तर के शूटर हैं और 12 बोर शॉटगन शूटिंग प्रतियोगिताओं में भाग लेते रहे हैं। उत्तर प्रदेश स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप में उनके नाम एक स्वर्ण और तीन रजत समेत पांच पदक होने की जानकारी दी गई है। पुलिस सेवा के साथ खेल गतिविधियों में उनकी भागीदारी उनके व्यक्तिगत प्रोफाइल का एक अलग पक्ष सामने लाती है।

पुलिसिंग में साहस के साथ कानून का पालन भी जरूरी

पुलिस अभियानों में अधिकारियों और जवानों को कई बार चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम के सामने त्वरित निर्णय लेने, टीम समन्वय और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी होती है। ऐसे अभियानों में पुलिसकर्मियों की सुरक्षा के साथ आम नागरिकों की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण होती है। वहीं, पुलिस कार्रवाई में कानून और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन भी उतना ही महत्वपूर्ण है। खासकर मुठभेड़ और अन्य संवेदनशील ऑपरेशनों के मामलों में संबंधित रिकॉर्ड, जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही कार्रवाई का मूल्यांकन किया जाता है।

स्वतंत्र कुमार सिंह को मिला वीरता पदक उनके पूर्व सेवा कार्यों और चुनौतीपूर्ण अभियानों में भूमिका के लिए दिया गया सम्मान है। यह सम्मान पुलिस बल में कर्तव्य के दौरान साहस और जिम्मेदारी को मान्यता देने की प्रक्रिया का हिस्सा है।

CM योगी ने कानून के रास्ते पर चलने का दिया संदेश

अलंकरण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को कानून-व्यवस्था से जुड़े विषयों पर संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि “शॉर्टकट का रास्ता जब भी कोई व्यक्ति अपनाने का प्रयास करता है, तो वह प्रगति का नहीं, दुर्गति का ही कारण बनता है।”

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था में वर्ष 2017 से पहले और वर्तमान स्थिति के बीच आए बदलाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने पुलिस व्यवस्था में प्रभावी कार्रवाई के साथ कानून के अनुरूप कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया। समारोह का उद्देश्य पुलिसकर्मियों के मनोबल को बढ़ाना और कठिन परिस्थितियों में कर्तव्य निभाने वाले कर्मियों के योगदान को सार्वजनिक रूप से सम्मानित करना भी रहा।

87 नए इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 87 नए इंटरसेप्टर वाहनों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन वाहनों का उपयोग सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रवर्तन सहित विभिन्न गतिविधियों में किया जा सकता है। इंटरसेप्टर वाहनों के जरिए यातायात नियमों के उल्लंघन की निगरानी, सड़क सुरक्षा अभियानों और प्रवर्तन व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है। आधुनिक संसाधनों और तकनीक के इस्तेमाल को पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जाता है।

पुस्तक ‘संघर्ष’ का भी विमोचन

समारोह के दौरान पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह द्वारा लिखित पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन भी किया गया। पुलिस सेवा से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी द्वारा लिखी गई इस पुस्तक का विमोचन समारोह का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। पुलिस व्यवस्था केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है। कानून-व्यवस्था, संस्थागत सुधार, प्रशासनिक व्यवस्था, नागरिक सुरक्षा और पुलिस-जन संबंध भी पुलिसिंग के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। ऐसे में पुलिस सेवा से जुड़े अनुभवों और विचारों का दस्तावेजीकरण व्यापक स्तर पर उपयोगी हो सकता है।

सम्मान के साथ जिम्मेदारी भी बढ़ी

सेंट्रल नोएडा तेजी से विकसित हो रहा क्षेत्र है। यहां बड़ी संख्या में आवासीय सोसायटियां, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और औद्योगिक गतिविधियां हैं। ऐसे क्षेत्र में पुलिस के सामने अपराध नियंत्रण के साथ-साथ साइबर अपराध, संगठित अपराध, यातायात प्रबंधन, सार्वजनिक सुरक्षा और नागरिक शिकायतों से जुड़ी चुनौतियां भी रहती हैं।।ऐसे में वीरता पदक किसी अधिकारी के लिए महत्वपूर्ण सेवा सम्मान होने के साथ आगे की जिम्मेदारियों की याद भी दिलाता है। पुलिस व्यवस्था में जनता का विश्वास कानून के निष्पक्ष अनुपालन, समयबद्ध कार्रवाई और जवाबदेह पुलिसिंग से जुड़ा होता है।

स्वतंत्र कुमार सिंह को मिला यह सम्मान उनके पुलिस सेवा के दौरान किए गए कार्यों और चुनौतीपूर्ण अभियानों में भूमिका की मान्यता के रूप में सामने आया है। लोक भवन में मुख्यमंत्री के हाथों पदक प्राप्त करना उनके सेवा जीवन का महत्वपूर्ण अवसर रहा। पुलिस सेवा में साहस और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कानून की निर्धारित प्रक्रिया का पालन भी समान रूप से महत्वपूर्ण है। नागरिकों की सुरक्षा, कानून का निष्पक्ष अनुपालन और पुलिस-जन विश्वास को मजबूत करना ही किसी भी पुलिस अधिकारी की जिम्मेदारियों का प्रमुख हिस्सा है।