एक करोड़ रुपये से अधिक के बकायेदारों पर सख्ती, सलारपुर-भंगेल समेत पांच गांवों में अवैध निर्माण पर कार्रवाई के निर्देश; न्यू नोएडा में भूमि अधिग्रहण की तैयारी तेज, सफाई और प्रदूषण नियंत्रण पर भी जोर
नोएडा, रफ़्तार टूडे। नोएडा शहर में विकास कार्यों को गति देने, नागरिक सुविधाओं में सुधार करने और प्राधिकरण की बकाया राशि की वसूली सुनिश्चित करने के लिए 15 अक्टूबर 2026 को आयोजित समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। मुख्य कार्यपालक अधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में एक करोड़ रुपये से अधिक के बकायेदारों से 1 नवंबर तक वसूली करने, अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज करने और सेक्टर-145 के पांच प्रतिशत आबादी श्रेणी के पात्र आवंटियों को दिवाली से भूखंडों का कब्जा देने की प्रक्रिया शुरू करने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि विकास परियोजनाओं में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। सफाई व्यवस्था, सड़क निर्माण, सीवरेज, जलभराव, हरित क्षेत्रों के रखरखाव, यातायात प्रबंधन और निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र यानी न्यू नोएडा के लिए भूमि अधिग्रहण की तैयारियों, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन और आगामी सर्दियों में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के उपायों की भी समीक्षा की गई।
एक करोड़ रुपये से अधिक के बकायेदारों पर सख्ती, 1 नवंबर तक वसूली का लक्ष्य
नोएडा प्राधिकरण की विभिन्न परिसंपत्तियों के सापेक्ष बकाया राशि की समीक्षा के दौरान मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने एक करोड़ रुपये से अधिक के बकायेदारों से वसूली की कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। जिन मामलों में न्यायालय में कोई मुकदमा लंबित नहीं है, उनमें 1 नवंबर 2026 तक बकाया राशि वसूल करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। निर्धारित समयसीमा में भुगतान नहीं करने वाले बकायेदारों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को आवश्यकतानुसार संबंधित न्यायालय में याचिका दाखिल करने, विधिक प्रक्रिया के तहत रिकवरी आदेश जारी कराने और मामलों को आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को भेजने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
प्राधिकरण का जोर ऐसे बकाया मामलों के समयबद्ध निस्तारण पर है, जिनमें कानूनी अड़चन नहीं है। वसूली की प्रभावी व्यवस्था से प्राधिकरण के वित्तीय संसाधनों को मजबूत करने और विकास कार्यों के लिए उपलब्ध धन का बेहतर प्रबंधन करने में मदद मिल सकती है।
सेक्टर-145 के आवंटियों को दिवाली से मिलेगा भूखंडों का कब्जा
बैठक में सेक्टर-145 में पांच प्रतिशत आबादी श्रेणी के अंतर्गत आवंटित भूखंडों का कब्जा देने की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र आवंटियों को दिवाली से भूखंडों का कब्जा देने की कार्रवाई शुरू की जाए। इस निर्णय से उन आवंटियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो अपने आवंटित भूखंडों पर कब्जा मिलने का इंतजार कर रहे हैं। अधिकारियों को आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने और कब्जा हस्तांतरण की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया है। अब संबंधित विभागों के सामने निर्धारित समयसीमा के अनुरूप पात्र आवंटियों के मामलों का निस्तारण करने और कब्जा देने की प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।
सलारपुर, भंगेल, गेझा समेत पांच गांवों में अवैध निर्माण पर कार्रवाई
नोएडा प्राधिकरण के अधिसूचित और अधिग्रहित क्षेत्रों में अवैध निर्माण के मामलों को लेकर बैठक में सख्त रुख अपनाया गया। अधिकारियों को चिह्नित खसरा नंबरों की जमीन पर बने अवैध निर्माण के खिलाफ नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। चिह्नित गांवों में सलारपुर, भंगेल, गेझा, शाहपुर गोवर्धनपुर और हाजीपुर शामिल हैं। बैठक में इन गांवों के विभिन्न खसरा नंबरों की भूमि पर कार्रवाई के लिए संबंधित वर्क सर्किलों को निर्देश दिए गए।
* ग्राम सलारपुर: खसरा संख्या 701 से 711, 735, 736, 737, 745, 746, 748, 759, 760, 762 से 764, 779, 780 और 795 से 798।
* ग्राम भंगेल: खसरा संख्या 217, 221, 223, 225, 226, 227, 247, 250, 251, 176 और 178।
* ग्राम गेझा: खसरा संख्या 518, 236 और 333।
* ग्राम शाहपुर गोवर्धनपुर: खसरा संख्या 15 और 20।
* ग्राम हाजीपुर: खसरा संख्या 412।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि संबंधित भूमि पर अवैध निर्माण पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही, कार्रवाई से संबंधित सूचना रजिस्ट्रार को भेजने के लिए भी कहा गया, ताकि चिह्नित खसरा नंबरों की जमीन पर बने भवनों के संबंध में नियमों के विपरीत पट्टा विलेख निष्पादित करने जैसी प्रक्रिया को रोका जा सके। इस कार्रवाई का उद्देश्य प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में भूमि के अनधिकृत उपयोग पर नियंत्रण करना और नियोजन संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।
न्यू नोएडा के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश
दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र यानी न्यू नोएडा की स्थापना से जुड़ी तैयारियों की भी समीक्षा बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द शुरू करने और संबंधित औपचारिकताओं में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। बैठक में जानकारी दी गई कि भूमि अर्जन के लिए भू-दरों का निर्धारण किया जा चुका है। पिछले सप्ताह संबंधित क्षेत्र के ग्राम प्रधानों के साथ बैठक भी आयोजित की गई थी। अब तक 281 काश्तकार आपसी सहमति के आधार पर अपनी जमीन देने के लिए सहमति पत्र जमा करा चुके हैं।
प्राधिकरण ने संबंधित अधिकारियों को आगे की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा। भूमि अधिग्रहण के अगले चरण में निर्धारित भू-दरों, किसानों की सहमति और लागू नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। न्यू नोएडा को क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों और नियोजित शहरी विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। ऐसे में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना परियोजना की आगामी तैयारियों के लिए अहम होगा।
90 प्रतिशत से अधिक कार्यों की निविदा प्रक्रिया शुरू
प्राधिकरण के अभियांत्रिकी विभागों के कामकाज की समीक्षा में बताया गया कि स्वीकृत आगणनों के सापेक्ष 90 प्रतिशत से अधिक कार्यों की निविदा प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन कार्यों की निविदा प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है, उन्हें जल्द पूरा कराकर मौके पर काम शुरू कराया जाए। केवल निविदा जारी करना ही नहीं, बल्कि स्वीकृत परियोजनाओं को समय पर धरातल पर उतारना भी सुनिश्चित किया जाए।
जिन परियोजनाओं में सिविल निर्माण के साथ बिजली, जलापूर्ति और सीवर संबंधी कार्य शामिल हैं, उनके लिए एकीकृत आगणन तैयार करने पर जोर दिया गया। इससे विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और निर्माण के बाद एक ही स्थान पर बार-बार खुदाई करने जैसी समस्याओं को कम किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, परियोजनाओं की निगरानी और कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अभियंताओं की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए गए।
त्योहारों से पहले सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने पर जोर
आगामी त्योहारों को देखते हुए नोएडा की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। प्रमुख सड़कों, सेक्टरों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई के साथ फुटपाथों की सफाई, निर्माण मलबा हटाने और हरित क्षेत्रों के रखरखाव को प्राथमिकता देने को कहा गया। सफाई कार्यों की निगरानी के लिए अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान अपनी लाइव लोकेशन साझा करने को भी कहा गया, ताकि संबंधित क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था की निगरानी प्रभावी ढंग से की जा सके।
गांवों में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अतिरिक्त वाहन खरीदकर तैनात करने के निर्देश दिए गए। कचरे के संग्रहण और व्यवस्थित निस्तारण के लिए आवश्यक संसाधन बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। इसके साथ ही सफाई कार्यों में लगे ठेकेदारों के साथ बैठक कर त्योहारों के दौरान प्रमुख बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर विशेष सफाई अभियान चलाने को कहा गया।
अव्यवस्थित कबाड़ी कारोबार पर कार्रवाई के निर्देश
शहर में अव्यवस्थित तरीके से संचालित कबाड़ी कारोबार को लेकर भी बैठक में निर्देश दिए गए। अधिकारियों से ऐसे स्थानों को चिह्नित कर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया, जहां कबाड़ जमा होने से सफाई और शहरी व्यवस्था प्रभावित हो रही है। अवैध रूप से लगाए गए पेड़ों और अन्य चिह्नित मामलों की भी समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण करने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जलभराव और सीवरेज की समस्या दूर करने के लिए विभागों को निर्देश
मानसून के दौरान सामने आने वाली जलभराव की समस्याओं को देखते हुए नालियों, पुलियाओं और सेंट्रल वर्ज की सफाई समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि जलनिकासी में बाधा बनने वाले स्थानों की पहचान कर आवश्यक सुधार किए जाएं। भंगेल एलिवेटेड रोड के नीचे सड़क, नाली-पुलिया और सेंट्रल वर्ज से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा गया। संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए, ताकि जलभराव के साथ-साथ सड़क और यातायात संबंधी समस्याओं को भी दूर किया जा सके।
भंगेल एलिवेटेड रोड और पुस्ता मार्ग की समीक्षा
भंगेल एलिवेटेड रोड के नीचे सड़क निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि निर्माण के दौरान यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो। सड़क निर्माण के लिए पहले से ऐसी योजना तैयार करने को कहा गया, जिससे जाम की स्थिति से बचा जा सके। यमुना के समानांतर पुस्ता मार्ग के संबंध में बैठक में बताया गया कि इसका निर्माण सिंचाई विभाग द्वारा किया जा रहा है। अधिकारियों को संबंधित विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक प्रचार-प्रसार और आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मार्ग के शेष हिस्सों में हरित विकास और सौंदर्यीकरण के कार्य कराने पर भी जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त, हिंडन से यमुना पुस्ता तक प्रस्तावित एलिवेटेड रोड परियोजना की स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में जानकारी दी गई कि परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) स्वीकृत हो चुकी है। आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियों से संबंधित प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पार्कों और ओपन जिम के रखरखाव पर ध्यान
शहर के पार्कों और हरित क्षेत्रों की स्थिति सुधारने के लिए अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। पार्कों में स्थापित ओपन जिम के उपकरणों की जांच करने और खराब उपकरणों की मरम्मत समय पर कराने को कहा गया। बच्चों के खेलने के स्थानों और पार्कों में उपलब्ध अन्य सुविधाओं का भी उचित रखरखाव सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। उद्देश्य यह है कि नागरिकों को सार्वजनिक हरित क्षेत्रों में बेहतर सुविधाएं मिल सकें और स्थापित उपकरण उपयोग के लिए सुरक्षित स्थिति में रहें।
88 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित, 73 अन्य स्थानों की तैयारी
इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना की समीक्षा की गई। बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार, नोएडा में 88 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि 73 अतिरिक्त स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। अधिकारियों को अतिरिक्त स्थानों को चिह्नित कर आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए। चार्जिंग सुविधाओं का विस्तार होने से इलेक्ट्रिक वाहन उपयोगकर्ताओं को शहर में चार्जिंग के अधिक विकल्प उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
GRAP लागू होने से पहले प्रदूषण नियंत्रण की तैयारी
आगामी सर्दियों में वायु प्रदूषण की चुनौती को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत आवश्यक तैयारियां समय से पूरी करने पर जोर दिया गया। बैठक में सड़कों की रिसर्फेसिंग, निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण और अन्य प्रदूषण-रोधी उपायों को लागू करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि निर्माण स्थलों पर आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित कराए जाएं और संबंधित नियमों का पालन कराया जाए।
सड़कों पर धूल कम करने, सफाई व्यवस्था सुधारने और निर्माण गतिविधियों से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए विभिन्न विभागों को समन्वय के साथ काम करने को कहा गया।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुई समीक्षा बैठक
15 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस समीक्षा बैठक में नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश के साथ अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी, OSD क्रांति शेखर, विशेष कार्याधिकारी इंदु प्रकाश सिंह, महाप्रबंधक ए के अरोड़ा, महाप्रबंधक आए पी सिंह, एस पी सिंह, वित्तीय नियंत्रक, परियोजना अभियंता और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में बकाया राशि की वसूली, अवैध निर्माण पर कार्रवाई, आवंटियों को भूखंडों का कब्जा देने, न्यू नोएडा में भूमि अधिग्रहण की तैयारियों और नागरिक सुविधाओं में सुधार से जुड़े विषयों पर निर्देश दिए गए।
अब इन निर्देशों को निर्धारित समयसीमा में धरातल पर लागू करना संबंधित विभागों की प्रमुख जिम्मेदारी होगी। खास तौर पर 1 नवंबर तक बकाया वसूली का लक्ष्य, सेक्टर-145 में दिवाली से कब्जा देने की प्रक्रिया, पांच गांवों में अवैध निर्माण पर कार्रवाई और न्यू नोएडा के लिए भूमि अधिग्रहण की तैयारी आने वाले दिनों में प्राधिकरण के कामकाज के महत्वपूर्ण बिंदु रहेंगे।

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