अधिवक्ता श्याम सिंह भाटी ने उठाया मामला, अभिभावकों की समस्याओं को लेकर अधिवक्ता समाज की ओर से प्रदर्शन की चेतावनी

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा स्थित कौशल्या वर्ल्ड स्कूल में छात्रा के नाम में सुधार कराने को लेकर एक अभिभावक द्वारा कथित तौर पर पिछले करीब छह महीने से स्कूल के चक्कर लगाए जाने का मामला सामने आया है। मामले को लेकर अधिवक्ता एवं पूर्व छात्र सभा के अध्यक्ष श्याम सिंह भाटी ने स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए अभिभावक को राहत दिलाने की मांग की है।

श्याम सिंह भाटी का आरोप है कि एक अधिवक्ता पिता अपनी बेटी के नाम में आवश्यक सुधार कराने के लिए लंबे समय से स्कूल प्रबंधन से संपर्क कर रहा है, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। उनका कहना है कि किसी छात्र के शैक्षणिक दस्तावेजों में नाम संबंधी त्रुटि का समयबद्ध तरीके से समाधान होना चाहिए, ताकि भविष्य में छात्र को बोर्ड परीक्षा, उच्च शिक्षा और अन्य आधिकारिक दस्तावेजों में परेशानी न हो। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिभावक को लगातार स्कूल के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं और इस मामले को लेकर अधिवक्ता समाज में भी नाराजगी है। श्याम सिंह भाटी ने कहा कि यदि अभिभावक की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो अधिवक्ता समाज की ओर से स्कूल के खिलाफ प्रदर्शन किया जा सकता है।

स्कूल की चेयरपर्सन कुशल सिंह

कौशल्या वर्ल्ड स्कूल की आधिकारिक वेबसाइट पर कुशल सिंह को चेयरपर्सन बताया गया है। स्कूल की वेबसाइट के अनुसार संस्थान ओम साई फाउंडेशन के तत्वावधान में संचालित है और ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पीआई-1 एवं पीआई-2 में स्थित है। वहीं, उपलब्ध आधिकारिक स्कूल रिकॉर्ड में विद्यालय की प्रधानाचार्य अंजलि मित्तल का नाम दर्ज है। स्कूल की वेबसाइट पर प्रवेश प्रक्रिया और दस्तावेजों से संबंधित दिशा-निर्देश भी उपलब्ध हैं।

राजनीतिक जुड़ाव को लेकर भी उठे सवाल

मामले को लेकर श्याम सिंह भाटी ने स्कूल प्रबंधन से जुड़े लोगों के राजनीतिक जुड़ाव को लेकर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, कुशल सिंह के किसी राजनीतिक दल से वर्तमान आधिकारिक पद या आगामी चुनाव में टिकट मांगने संबंधी दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से नहीं हो सकी है। इसलिए इन दावों को फिलहाल संबंधित पक्ष के आरोप/दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए। श्याम सिंह भाटी ने कहा कि अभिभावकों और छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए तथा स्कूल प्रबंधन को शिकायतों का समयबद्ध समाधान करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संबंधित अभिभावक की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो अधिवक्ता समाज आगे की कार्रवाई पर विचार करेगा।

रफ़्तार टूडे ने इस मामले में स्कूल प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए उपलब्ध जानकारी की जांच की है। स्कूल की ओर से इस विशेष नाम-सुधार विवाद पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया उपलब्ध स्रोतों में नहीं मिली है। स्कूल का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जा सकता है।