हनुमान प्रकटोत्सव पर गूंजा जय श्रीराम, सीता हरण से बालि वध तक के प्रसंगों ने मोहा मन
ग्रेटर नोएडा वेस्ट, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के इकोटेक-12 इंडस्ट्रियल एरिया स्थित रामलीला मैदान में प्रभु श्री रामलीला सेवा ट्रस्ट की ओर से आयोजित भव्य रामलीला के सातवें दिन भक्ति, भावनाओं और रोमांच का अद्भुत संगम देखने को मिला। रावण-मारीच संवाद, सीता हरण, शबरी प्रसंग, हनुमान प्रकटोत्सव, श्रीराम-सुग्रीव मित्रता और बालि वध जैसे महत्वपूर्ण प्रसंगों का जीवंत मंचन किया गया। जैसे ही मंच पर पवनपुत्र हनुमान का तेजस्वी स्वरूप प्रकट हुआ, पूरा पंडाल जय श्रीराम और बजरंगबली के जयकारों से गूंज उठा।
हरि भक्ति कला ट्रस्ट के कलाकारों ने निर्देशक पंकज शर्मा और सह-निर्देशक अमित शर्मा के निर्देशन में रामायण के प्रसंगों को प्रभावशाली अंदाज में प्रस्तुत किया। कलाकारों के अभिनय, संवाद, प्रकाश व्यवस्था और मंचीय प्रभावों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। रामलीला देखने पहुंचे श्रद्धालु पूरे समय भक्ति और उत्साह में डूबे नजर आए।
हनुमान प्रकटोत्सव बना सातवें दिन का मुख्य आकर्षण
रामलीला के सातवें दिन का सबसे खास आकर्षण हनुमान प्रकटोत्सव रहा। मंच पर धुएं और रोशनी के विशेष प्रभावों के बीच जैसे ही पवनपुत्र हनुमान का भव्य स्वरूप सामने आया और उन्होंने गर्जना के साथ जय श्रीराम का उद्घोष किया, पूरा रामलीला मैदान तालियों और जयकारों से गूंज उठा। हनुमान जी की गदा, प्रभावशाली वेशभूषा, दमदार संवाद और ओजस्वी अभिनय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, श्रद्धालु उत्साह के साथ बजरंगबली के जयकारे लगाते दिखाई दिए। दर्शकों ने इस प्रस्तुति की सराहना करते हुए इसे दिन की लीला का प्रमुख आकर्षण बताया।
हनुमान प्रकटोत्सव ने पूरे वातावरण में नई ऊर्जा और भक्ति का संचार कर दिया। जहां सीता हरण के मार्मिक दृश्य ने दर्शकों को भावुक किया, वहीं हनुमान जी के प्रकट होने के प्रसंग ने उनमें उत्साह और आशा का संचार किया।

सीता हरण और शबरी प्रसंग ने किया भावुक
सातवें दिन की लीला में रावण और मारीच के संवाद के बाद सीता हरण का प्रसंग प्रस्तुत किया गया। मारीच द्वारा स्वर्ण मृग का रूप धारण करने और उसके बाद माता सीता के हरण की घटना को कलाकारों ने प्रभावशाली ढंग से मंचित किया। इस प्रसंग ने रामलीला मैदान में मौजूद दर्शकों को भावुक कर दिया। इसके बाद भगवान श्रीराम की शबरी से भेंट और उनकी अनन्य भक्ति से जुड़े प्रसंग को भी प्रस्तुत किया गया। शबरी की श्रद्धा, समर्पण और प्रभु के प्रति अटूट विश्वास के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि सच्ची भक्ति में प्रेम और निष्कपट भावना का विशेष महत्व है।
इसके बाद श्रीराम और सुग्रीव की मित्रता तथा बालि वध के प्रसंगों का मंचन हुआ। इन दृश्यों के माध्यम से मित्रता, वचनबद्धता, न्याय और कर्तव्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों को दर्शकों के सामने रखा गया।
नन्हे कलाकारों की प्रस्तुति ने जीता दर्शकों का दिल
कार्यक्रम की शुरुआत प्रतिदिन की परंपरा के अनुसार राम मंदिर में दिव्य आरती के साथ हुई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आरती में भाग लिया। शंख और घंटियों की गूंज से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा। कार्यक्रम में छोटे-छोटे बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी विशेष आकर्षण रहीं। नन्हे कलाकारों ने भगवान श्रीराम, माता सीता और हनुमान जी के स्वरूप में मंच पर मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। उनकी प्रस्तुति देखकर दर्शकों ने उत्साहपूर्वक तालियां बजाईं। प्रभु श्री रामलीला सेवा ट्रस्ट का उद्देश्य बच्चों को बचपन से ही भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और नैतिक मूल्यों से जोड़ना है। आयोजन के माध्यम से नई पीढ़ी में मर्यादा, सेवा, समर्पण और पारिवारिक संस्कारों के महत्व को स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रतिकूल मौसम के बाद टीम ने संभाली व्यवस्थाएं
कार्यक्रम के समापन पर ट्रस्ट के अध्यक्ष दीपक यादव ने उपस्थित श्रद्धालुओं, कलाकारों और आयोजन में सहयोग देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों प्रतिकूल मौसम और तेज हवाओं के कारण आयोजन की व्यवस्थाओं में कुछ व्यवधान उत्पन्न हुआ था। हालांकि, पूरी टीम ने एक परिवार की तरह एकजुट होकर दिन-रात मेहनत की और कम समय में व्यवस्थाओं को फिर से सुचारु बनाया। उनके अनुसार, टीम के सामूहिक प्रयासों से आयोजन को पहले से बेहतर स्वरूप देने का प्रयास किया गया।
दीपक यादव ने कहा कि यह आयोजन केवल रामलीला का मंचन नहीं है, बल्कि सेवा, समर्पण, सामाजिक एकता और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का प्रतीक भी है। ट्रस्ट का प्रयास है कि क्षेत्र के अधिक से अधिक परिवार इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन से जुड़ें और नई पीढ़ी भगवान श्रीराम के आदर्शों से प्रेरणा ले।
इकोटेक-12 में रामलीला देखने उमड़ रहे श्रद्धालु
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के रामलीला मैदान में आयोजित यह रामलीला क्षेत्रवासियों के लिए धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक सहभागिता का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से दर्शकों को रामायण की शिक्षाओं से परिचित कराया जा रहा है।
स्थान: रामलीला मैदान, इकोटेक-12 इंडस्ट्रियल एरिया, एक मूर्ति चौक के पास, ग्रेटर नोएडा वेस्ट। हनुमान प्रकटोत्सव के दौरान गूंजे जय श्रीराम के जयकारों और कलाकारों की जीवंत प्रस्तुतियों ने सातवें दिन की रामलीला को यादगार बना दिया।

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