नॉलेज पार्क-3 स्थित संस्थान की इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल को शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल ने किया प्रमाणित; विद्यार्थियों में उद्यमिता, रचनात्मक सोच और रोजगार सृजन की क्षमता विकसित करने के प्रयासों को मिली मान्यता
ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-3 स्थित आईआईएमटी कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट ने नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। संस्थान की इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (IIC) को शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के इनोवेशन सेल की ओर से शैक्षणिक सत्र 2024-25 के दौरान निर्धारित नवाचार एवं स्टार्टअप गतिविधियों के संचालन के लिए प्रमाणपत्र प्रदान किया गया है। यह प्रमाणपत्र संस्थान में विद्यार्थियों के बीच रचनात्मक सोच, नए विचारों और उद्यमशीलता की भावना विकसित करने के प्रयासों को मान्यता देता है।
विद्यार्थियों में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने पर जोर
आईआईएमटी कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट की इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल का उद्देश्य विद्यार्थियों को नए विचारों की पहचान करने, उन्हें व्यावहारिक स्वरूप देने और स्टार्टअप की संभावनाओं को समझने के लिए प्रोत्साहित करना है। काउंसिल के माध्यम से छात्र-छात्राओं को नवाचार आधारित गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जाता है, ताकि वे अपनी रचनात्मक क्षमता को पहचानकर उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें। संस्थान में इस तरह की गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पारंपरिक शैक्षणिक ज्ञान तक सीमित न रखना, बल्कि उन्हें नए प्रयोग करने, समस्याओं के समाधान खोजने और अपने विचारों को उपयोगी उत्पादों या सेवाओं में बदलने के लिए प्रेरित करना भी है।
नौकरी तलाशने के साथ रोजगार सृजन के लिए तैयार होंगे युवा
संस्थान का मानना है कि नवाचार और स्टार्टअप से जुड़ी गतिविधियां युवाओं को रोजगार के नए अवसर तलाशने के साथ-साथ रोजगार सृजन करने के लिए भी तैयार कर सकती हैं। ऐसे प्रयास विद्यार्थियों में आत्मनिर्भरता, रचनात्मकता और व्यावसायिक सोच विकसित करने में मददगार हो सकते हैं। इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने विचारों की संभावनाओं को समझने और उन्हें व्यावहारिक रूप देने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इससे युवाओं को उद्यमिता की प्रक्रिया को समझने और भविष्य में अपना व्यवसाय या स्टार्टअप शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।

शिक्षा को कौशल, नवाचार और रोजगार सृजन से जोड़ना जरूरी: डॉ. मयंक अग्रवाल
आईआईएमटी कॉलेज समूह के प्रबंध निदेशक डॉ. मयंक अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य विद्यार्थियों को ज्ञान देने के साथ-साथ उन्हें नए विचारों, रचनात्मकता और आत्मनिर्भरता के लिए तैयार करना है। संस्थान का प्रयास है कि विद्यार्थियों को ऐसा शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाए, जहां वे अपनी प्रतिभा पहचान सकें, नए प्रयोग कर सकें और अपने विचारों को सफल उद्यम में बदलने की दिशा में आगे बढ़ें।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप शिक्षा को किताबों और डिग्रियों तक सीमित रखने के बजाय कौशल विकास, नवाचार और रोजगार सृजन से जोड़ना जरूरी है। इसका उद्देश्य युवाओं को इस तरह तैयार करना है कि वे नौकरी तलाशने वाले बनने के साथ-साथ रोजगार देने वाले उद्यमी भी बन सकें।
नवाचार आधारित शिक्षा से आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम
आईआईएमटी कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट को मिला यह प्रमाणपत्र संस्थान की नवाचार और उद्यमिता संबंधी गतिविधियों को मिली मान्यता के रूप में देखा जा रहा है। संस्थान का जोर विद्यार्थियों को ऐसा मंच उपलब्ध कराने पर है, जहां वे अपनी रचनात्मक सोच को विकसित कर सकें और भविष्य की व्यावसायिक चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें। नवाचार, कौशल विकास और उद्यमशीलता को शिक्षा से जोड़ने की दिशा में किए जा रहे प्रयास युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा रोजगार सृजन की संभावनाओं से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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