गिरधरपुर गांव में खरीफ सीजन 2026-27 की फसल का आकलन, किसानों से संवाद कर डीएम ने दिए पारदर्शिता के निर्देश; फसल बीमा और कृषि योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण है क्रॉप कटिंग
गौतमबुद्ध नगर, रफ़्तार टूडे। गौतमबुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम धान की फसल की कटाई के बीच गुरुवार को अचानक खेतों में पहुंचीं। तहसील सदर के गिरधरपुर गांव में उन्होंने खरीफ सीजन 2026-27 के तहत धान की उपज का आकलन करने के लिए क्रॉप कटिंग प्रयोग का निरीक्षण किया। इस दौरान निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार धान की कटाई कराई गई और प्राप्त उपज का वजन कराया गया। प्रयोग में 10.805 किलोग्राम धान की उपज दर्ज की गई। जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद किसानों से बातचीत की और फसल उत्पादन से जुड़े आंकड़ों को सही तरीके से दर्ज करने के निर्देश दिए।
किसान शीला देवी के खेत में हुआ क्रॉप कटिंग प्रयोग
गिरधरपुर गांव में किसान शीला देवी के गाटा संख्या 58 स्थित खेत में जिलाधिकारी की मौजूदगी में नियमानुसार क्रॉप कटिंग प्रयोग कराया गया। इसके लिए निर्धारित क्षेत्र में धान की फसल काटी गई। कटाई के बाद प्राप्त उपज का वजन किया गया, जिसमें 10.805 किलोग्राम धान दर्ज हुआ। इसी आधार पर संबंधित खेत की उत्पादकता का आकलन किया जाएगा। क्रॉप कटिंग के जरिए खेत के एक निश्चित हिस्से से प्राप्त फसल के आधार पर प्रति इकाई क्षेत्र में उत्पादन का अनुमान लगाया जाता है। इससे कृषि विभाग को फसल की उत्पादकता से जुड़े आंकड़े तैयार करने में मदद मिलती है। ये आंकड़े कृषि योजनाओं और फसल बीमा से संबंधित प्रक्रियाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
डीएम ने किसानों से की बातचीत, पारदर्शिता पर दिया जोर
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी मेधा रूपम ने खेत में मौजूद किसानों से बातचीत कर फसल की स्थिति और उत्पादन से जुड़े पहलुओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि क्रॉप कटिंग का कार्य निर्धारित मानकों और नियमों के अनुसार पूरी पारदर्शिता एवं ईमानदारी से किया जाना चाहिए। फसल उत्पादन का सही आकलन होने से सरकारी स्तर पर तैयार किए जाने वाले उत्पादकता संबंधी आंकड़े अधिक विश्वसनीय बनते हैं। उन्होंने इस प्रक्रिया को किसानों के हितों से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्य बताते हुए निर्देश दिया कि प्रयोग के दौरान तय मानकों का पालन किया जाए और प्राप्त उपज का सही रिकॉर्ड तैयार किया जाए। उत्पादन के सटीक आंकड़े कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन और फसल बीमा संबंधी आकलन में उपयोगी होते हैं।

बारिश से फसल को हुए नुकसान के बीच बढ़ी अहमियत
हाल के दिनों में भारी बारिश के कारण धान की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंकाएं सामने आई थीं। इसी पृष्ठभूमि में फसल की स्थिति और वास्तविक उत्पादन का आकलन महत्वपूर्ण हो गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी जिलों में फसलों की स्थिति की जांच कराने के निर्देश दिए थे। ऐसे में क्रॉप कटिंग के जरिए प्राप्त आंकड़े फसल उत्पादकता की स्थिति समझने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, किसी क्षेत्र में फसल को कितना नुकसान हुआ है और किसानों को किस प्रकार का लाभ मिल सकता है, इसका निर्धारण संबंधित सर्वेक्षण, लागू नियमों और आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर ही किया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान ये अधिकारी रहे मौजूद
गिरधरपुर गांव में हुए क्रॉप कटिंग निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी सदर आशुतोष गुप्ता, अपर सांख्यिकी अधिकारी अलका चौहान, लेखपाल जितेंद्र भाटी, राजस्व निरीक्षक नरेश शर्मा तथा बीमा कंपनी के प्रतिनिधि धीरज कुमार और रामऔतार मौजूद रहे। संबंधित किसान शीला देवी भी मौके पर उपस्थित रहीं। जिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार धान की कटाई कराकर उपज का वजन किया गया। प्रशासन की ओर से फसल उत्पादन के सही आंकड़े तैयार करने पर जोर दिया गया, ताकि कृषि योजनाओं और फसल बीमा से जुड़ी प्रक्रियाओं में वास्तविक स्थिति के अनुरूप जानकारी का उपयोग किया जा सके

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