सेंट्रल नोएडा, रफ़्तार टुडे। थाना फेस-3 पुलिस ने दोपहिया वाहन चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे और उसकी निशानदेही पर चोरी की नौ मोटरसाइकिल और एक स्कूटी समेत कुल 10 दोपहिया वाहन बरामद किए हैं। आरोपी के पास से .315 बोर का अवैध तमंचा और दो चाकू भी बरामद हुए हैं। पुलिस ने मामले में दो बाल अपचारियों को भी संरक्षण में लिया है।

पुलिस के मुताबिक, 4 सितंबर को बीट पुलिसिंग और गोपनीय सूचना के आधार पर थाना फेस-3 पुलिस टीम ने कार्रवाई की। टीम ने आरोपी वंश पुत्र प्रमोद को सेक्टर-71 स्थित एचपी पेट्रोल पंप के पास सर्विस रोड से गिरफ्तार किया। आरोपी मूल रूप से बिजनौर जिले के नगीना क्षेत्र के महारथपुर का रहने वाला है और वर्तमान में ममूरा, सेक्टर-66 में रह रहा था।

सुनसान स्थानों की करते थे रेकी

ADCP स्वतंत्र देव सिंह की पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह दिल्ली-एनसीआर में दोपहिया वाहन चोरी करने के लिए पहले रेकी करता था। गिरोह के सदस्य ऐसे स्थानों को निशाना बनाते थे, जहां मोटरसाइकिल और स्कूटी सुनसान जगहों पर खड़ी रहती थीं और लोगों की आवाजाही कम होती थी। वाहन चोरी करने के बाद उन्हें अलग-अलग सुनसान स्थानों पर छिपाकर रखा जाता था। इसके बाद आरोपी राह चलते लोगों को अपनी मजबूरी बताकर चोरी के वाहनों को सस्ते दामों में बेच देता था। पुलिस के अनुसार, वाहन बेचकर मिलने वाली रकम का इस्तेमाल आरोपी अपने निजी खर्च और शौक-मौज में करता था।

हथियारों के बल पर डराने की भी तैयारी

पुलिस के मुताबिक आरोपी अपने पास अवैध हथियार भी रखता था। उसके कब्जे से .315 बोर का तमंचा और दो अवैध चाकू बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी इन हथियारों का इस्तेमाल लोगों को डराने-धमकाने के लिए करता था। वाहन चोरी के मामले के साथ ही पुलिस ने अवैध हथियार रखने के संबंध में भी कार्रवाई की है।

आरोपी पर पहले से 11 मुकदमे दर्ज

पुलिस जांच में गिरफ्तार आरोपी वंश का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक उसके खिलाफ गौतमबुद्धनगर के अलग-अलग थानों में 11 मुकदमे पहले से दर्ज हैं। इनमें लूट, चोरी का माल रखने एवं बेचने, एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट, आबकारी अधिनियम और बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज मामले शामिल हैं।

आरोपी के खिलाफ थाना फेस-3 और थाना सेक्टर-58 के अलावा थाना फेस-1 में भी मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। पुलिस अब उसके पुराने मामलों और वर्तमान गिरोह के बीच संबंधों की भी जांच कर रही है।

बरामद वाहनों के मालिकों का लगाया जा रहा पता

पुलिस ने बरामद सभी 10 दोपहिया वाहनों के संबंध में जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। वाहनों के नंबर और अन्य विवरण के आधार पर उनके वास्तविक मालिकों का पता लगाया जा रहा है। साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गिरोह में आरोपी के अलावा और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दो बाल अपचारियों को भी संरक्षण में लिया गया है। उनसे पूछताछ और जांच के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य संभावित सदस्यों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की उम्मीद है।