ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। गौतमबुद्ध नगर के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का असर अब स्कूलों में साफ दिखाई देने लगा है। प्राथमिक विद्यालय मथुरापुर में स्मार्ट क्लास और डिजिटल शिक्षण व्यवस्था ने विद्यालय की तस्वीर बदल दी है। जिलाधिकारी मेधा रूपम ने सोमवार को विद्यालय का औचक निरीक्षण कर यहां की शैक्षणिक एवं मूलभूत व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान स्मार्ट क्लास, विद्यार्थियों की पढ़ाई, खेल गतिविधियां, मिड-डे मील, स्वच्छता और अन्य सुविधाएं संतोषजनक एवं सुदृढ़ मिलीं।

डीएम ने विद्यालय की व्यवस्थाओं और शिक्षकों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग विद्यार्थियों की बेहतर शिक्षा के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि विद्यालय में मौजूद सभी सुविधाओं को इसी तरह बेहतर बनाए रखा जाए और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं सकारात्मक शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जाएं।

कक्षाओं में पहुंचकर बच्चों से लिया पढ़ाई का फीडबैक

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई, पाठ्यक्रम और स्कूल में कराई जा रही शिक्षण गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। डीएम ने विद्यार्थियों से गिनती तथा 15 से 20 तक के पहाड़े भी सुने। बच्चों ने बिना किसी झिझक के पहाड़े सुनाए, जिस पर जिलाधिकारी ने उनकी शैक्षिक तैयारी का जायजा लिया। उन्होंने विद्यार्थियों से पाठ्यक्रम से जुड़े कई प्रश्न भी पूछे और शिक्षकों द्वारा कराए जा रहे शिक्षण कार्य की गुणवत्ता को परखा। निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति संतोषजनक पाई गई।

सरकारी स्कूल की स्मार्ट क्लास ने निजी स्कूलों को दी टक्कर, DM मेधा रूपम ने किया औचक निरीक्षण

स्मार्ट क्लास के साथ पारंपरिक पढ़ाई पर भी जोर

जिलाधिकारी ने विद्यालय में संचालित स्मार्ट क्लास और डिजिटल शिक्षण व्यवस्था का भी अवलोकन किया। उन्होंने निर्देश दिया कि स्मार्ट क्लास और डिजिटल स्क्रीन का इस्तेमाल केवल तकनीक के प्रदर्शन तक सीमित न रहे, बल्कि विषय की आवश्यकता और बच्चों की समझ के अनुसार प्रभावी तरीके से किया जाए। डीएम ने शिक्षकों को आधुनिक डिजिटल माध्यमों के साथ-साथ व्हाइट बोर्ड और पारंपरिक शिक्षण विधियों का भी संतुलित इस्तेमाल करने के निर्देश दिए। उनका जोर इस बात पर रहा कि तकनीक का उपयोग बच्चों की अवधारणाओं को सरल और रोचक तरीके से समझाने में किया जाए।

उपस्थिति बढ़ाने के लिए प्रधानाचार्य को निर्देश

विद्यालय में निरीक्षण के दौरान सभी शिक्षक उपस्थित मिले। जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों की उपस्थिति की स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने प्रधानाचार्य को निर्देश दिया कि बच्चों की स्कूल में नियमित उपस्थिति बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएं। विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत या अधिकतम उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए अभिभावकों से भी लगातार संवाद बनाए रखने पर जोर दिया गया।

साफ-सफाई और मिड-डे मील व्यवस्था भी परखी

डीएम मेधा रूपम ने विद्यालय परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। परिसर और विभिन्न स्थानों पर स्वच्छता व्यवस्था सुदृढ़ मिलने पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने निर्देश दिया कि विद्यालय में स्वच्छता के स्तर को लगातार इसी तरह बनाए रखा जाए।

इसके अलावा मिड-डे मील व्यवस्था और विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी जायजा लिया गया। निरीक्षण में व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं।

सरकारी स्कूलों में आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा

प्राथमिक विद्यालय मथुरापुर में स्मार्ट क्लास और डिजिटल शिक्षण व्यवस्था का प्रभावी संचालन इस बात का संकेत है कि सरकारी विद्यालयों में भी आधुनिक शिक्षा संसाधनों को बढ़ावा दिया जा रहा है। डीएम ने विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों को उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करते हुए बच्चों की शैक्षणिक क्षमता विकसित करने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार, प्राथमिक विद्यालय मथुरापुर के प्रधानाचार्य, शिक्षकगण और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।